अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, स्थित अमर शहीद संत कँवरराम साहिब सिंधी अध्ययन केंद्र के मानद निदेशक प्रो. अनूप कुमार के साथ सलाहकार ज्ञानप्रकाश टेकचंदानी, सहायक आचार्य एवं समस्त स्टाफ ने पुष्पराज चौराहे पर स्थित सिंधुपति महाराजा दाहर की प्रतिमा पर माल्यार्पण करके उनके बलिदान को शिद्दत से याद किया।
प्रो. अनूप कुमार ने इस अवसर पर कहा कि विदेशी आक्रांताओं से सबसे पहले सिंधी वीरों ने ही लोहा लिया था। छापामार युद्ध भी पहली बार सिंधियों ने ही शुरू किया था और स्त्री अस्मिता की रक्षा के लिए विश्व का पहला जौहर सिंधुपति दाहर की पत्नी रानी लाडी ने किया था। उनकी दो बेटियों सूर्या और परिमल ने वाक् चातुर्य से आक्रांता मोहम्मद बिन कासिम को बैल की खाल में सिलवाकर मौत दिलवाई थी।
प्रो. अनूप ने यह भी कहा कि सिंधी समुदाय मूल रूप से वीर था, किंतु समय के थपेड़ों ने उसे व्यापारी बना दिया। वह वीरता में भी अग्रणी था और आज व्यापार में भी अग्रणी है।
