सिन्धी कम्युनिटी ऑफ इंडिया ट्रस्ट द्वारा राष्ट्रीय स्तर की बैठक का किया गया आयोजन
जातिगत जनगणना को लेकर विस्तार से हुआ चिंतन और मनन
लखनऊ:- भारत सरकार आने वाले 2026 अप्रैल के महीने से जातिगत जनगणना की तैयारी कर रही है
इसी परिपेक्ष्य में शिव शांति आश्रम लखनऊ में 12 जून 2025 को सिन्धी कम्युनिटी ऑफ इंडिया ट्रस्ट द्वारा एक राष्ट्रीय स्तर की बैठक का आयोजन संत शिरोमणि पूज्य साईं चांडूराम साहब के मार्गदर्शन में और संतजादा साईं मोहनलाल जी की विशेष उपस्थिति में किया गया
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में रिटायर्ड आईजी श्री राजाराम भागवानी जी ,सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता विजय राजवानी जी जो कि इस विषय में भारत सरकार की गाइडलाइन व कानूनी पहलू के आधार पर ड्राफ्टिंग तैयार कर रहे हैं इस विषय में भी अभी 2 महीने सिंध वर्तमान पाकिस्तान की यात्रा पर भी गए थे और सिंध से समाज की जातियों के बारे में विस्तार से जानकारी लेकर आए


सिंधु वेलफेयर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्येंद्र भावनानी व अन्य कई वक्ताओं ने अपने विचार बैठक में रखे यह बताया गया जातिगत जनगणना में समाज को भारत सरकार द्वारा जारी फार्म में क्या जानकारियां देनी है जैसे की सर्व विदित है कि सिंधी कोई जाति नहीं है सिंधी केवल एक भाषा है जैसे कि बंगाल में रहने वाले बंगाली बोलते है महाराष्ट्र में रहने वाले मराठी बोलता है पंजाब में रहने वाले पंजाबी बोलते हैं वैसे ही सिंधु नदी के रहने लोग सिंधी भाषी कहलाए
1931 में अखंड भारत के दौरान जातिगत जनगणना हुई थी जिसमें मात्र 27 लाख सिंधी भाषी लोगों की पहचान की गई थी जो कि उस समय की जनसंख्या से बहुत कम थी क्योंकि समाज में इसको लेकर कई सारी भ्रांतियां थी और गलत जानकारी देने के कारण हमारी जनसंख्या कम बताई गई जिसके कारण समाज सरकार द्वारा मिलने वाली अधिकारों से वंचित रह गया
1947 में आजादी और बंटवारे के बाद सिंधी समाज भारत के अलग-अलग राज्यों में बंट कर रह गया व अपनी भाषा बोली अपने वजूद, अपनी पहचान अपनी संस्कृति से दूर होकर जीवन यापन के लिए ही संघर्ष करने लगा सिन्धी समाज का अपना कोई भी प्रांत नहीं होने के कारण वह अपनी भाषा को बचाने के लिए भी जूझ रहा है


आज भारत की जनसंख्या का लगभग डेढ़ प्रतिशत सिंधी समाज भारत के अलग अलग प्रांतों में निवास कर रहा है भारत से बाहर विश्व के कई देशों में भी निवासरत है आज सिंधी समाज आर्थिक रूप से तो सक्षम हो चुका है
जातिगत जनगणना का लाभ हमें कैसे लेना है उसके बारे में बैठक में विस्तार से चर्चा की गई इस बैठक में देश के कई राज्यों से इस विषय के जानकार मौजूद थे साथ ही साथ मध्य प्रदेश के कई शहरों से समाज प्रमुख बैठक में शामिल हुए
इसी कड़ी में रीवा से सेंट्रल पंचायत के पदाधिकारी राजकुमार टिलवानी और सेंट्रल पंचायत के प्रवक्ता गुलाब साहनी शामिल हुए
सतना सिंधी समाज से कन्हैयालाल कामदार ,सुनील दर्रा ,कटनी सिंधी समाज से राजकुमार रोहड़ा और नागवानी जी शामिल हुए
जातिगत जनगणना को लेकर कई सारी महत्वपूर्ण जानकारी उक्त बैठक में हुई जो कि आने वाले समय में जो समाज की दशा और दिशा तय करेंगे