प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय रामाग्रीन सिटी की मुख्य संचालिका राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी राखी दीदी जी के प्रतिनिधित्व में तथा सरस्वती शिशु मंदिर तिलक नगर के प्राचार्य महोदय के प्रतिनिधित्व में तिलक नगर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का कार्यक्रम संपादित किया गया

उक्त कार्यक्रम में राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी पूर्णिमा दीदी जी ने उपस्थित समस्त शिक्षकगण तथा छात्र-छात्राओं को योग एवं योगा के अंतर को बताते हुए तथा दोनों में ध्यान की आवश्यकता को बताते हुए कहा की मन को स्वस्थ रखने के लिए योग जरूरी है और तन को स्वस्थ रखने के लिए योगा जरूरी है जब तक हमारा मन एकाग्र नहीं होता तब तक हम सही तरीके से योगा भी नहीं कर सकते इसलिए तन की एक्सरसाइज के साथ-साथ मन की एक्सरसाइज भी जरूरी है जिसे आध्यात्मिक भाषा में ध्यान लगाना कहा जाता है योग अर्थात जोड़ जब आत्मा का परमात्मा से जोड़ होता है तब मन एकाग्र होता है और एकाग्र मन से हम सही रीति से योगासन प्राणायाम कर सकते हैं इस प्रकार ब्रह्माकुमारी पूर्णिमा दीदी जी ने सभी को ध्यान लगाना सिखाया तत्पश्चात ब्रह्माकुमारी शिवी दीदी ने सभी को योगासन का महत्व बताते हुए आसन प्राणायाम अनुलोम विलोम, कपालभारती, भ्रामणी प्राणायाम सहित अन्य योगासन भी कराया एवं सरस्वती शिशु मंदिर के शिक्षक ने भी सूर्य नमस्कार का महत्व बताते हुए सूर्य नमस्कार कराया इसके साथ ही साथ सरस्वती शिशु मंदिर के प्राचार्य महोदय ने भी छात्र-छात्राओं को सरस्वती वंदना कराते हुए योग एवं योगासन का महत्व बताया तथा सही रीति से करने के लिए भी प्रेरित किया उन्होंने बताया कि आसन प्राणायाम करने की भी विधि होती है और उन्होंने भी इसमें ध्यान का महत्व बताया यदि हम एकाग्र होकर योगासन प्राणायाम करते हैं तब हमें उसका सही रीति से लाभ मिल सकता है
कार्यक्रम की सफलता-उक्त कार्यक्रम में लगभग 15 शिक्षक गण उपस्थित रहे एवं इसके साथ ही साथ लगभग 200-250 छात्र छात्राएं उपस्थित रहे इस प्रकार उक्त कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ