एसईसीएल बिलासपुर छत्तीसगढ़ – अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज ईश्वरीय विश्वविद्यालय रामाग्रीनसिटी की मुख्य संचालिका राजयोगिनी राखी दीदी जी ने एसईसीएल बिलासपुर के अधिकारी एवं कर्मचारीगण को मेडिटेशन से होने वाले लाभों को बताते हुए कहा कि हमारा यह शरीर हार्डवेयर के समान है जिसे हम देख सकते हैं स्पर्श कर सकते हैं जिसकी हम प्रतिदिन सफाई करते हैं स्नान आदि करना इसके साथ ही साथ योग प्राणायाम आदि करके हम शरीर को पूरी तरह से स्वस्थ रखते हैं परंतु इस शरीर को चलाने वाली शक्ति हमारी आत्मा है जो सॉफ्टवेयर के समान है जिस प्रकार सॉफ्टवेयर को हम देख नहीं सकते स्पर्श नहीं कर सकते परंतु सॉफ्टवेयर की भी सफाई प्रतिदिन अति आवश्यक है यदि सॉफ्टवेयर खराब हो जाता है तो उसका असर हार्डवेयर पर भी होता है इसी प्रकार यदि हम अपनी आत्मा की सफाई नहीं करते तो हमारा शरीर भी बीमार हो जाता है

इसलिए कहते हैं स्वस्थ मन से ही स्वस्थ तन रहता है इसके लिए योगा के साथ-साथ हमें प्रतिदिन मेडिटेशन करना अति आवश्यक है मेडिटेशन एक ऐसी कला है जो हमें परमात्मा से जोड़ देता है योग का अर्थ ही है जोड़ देना जिसे हम आध्यात्मिक भाषा में ध्यान लगाना भी कहते हैं मेडिटेशन करने से मन बिल्कुल शांत और एकाग्र होता है और एकाग्र मन से हम योग प्राणायाम आदि करते हैं तब उसका यथार्थ लाभ भी हमें मिलता है
राजयोगिनी राखी दीदी जी एवं राजयोगिनी पूर्णिमा दीदी जी ने उपस्थित एसईसीएल के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारीगण को मेडिटेशन कराया
ब्रह्माकुमारी शिवी दीदी ने सभी को प्राणायाम से होने वाले लाभ को बताते हुए आसन प्राणायाम अनुलोम विलोम, कपाल भारती सहित सूर्य नमस्कार एवं योगिंग जॉगिंग कराया
श्री संजय शर्मा जी ने भी एक्टिविटी के जरिए तथा खेल-खेल में सभी को योगाभ्यास कर उससे होने वाले फायदों को बताया
एचआरडी एसईसीएल के जी.एम श्री श्रीवास्तव सर जी ने उक्त कार्यक्रम की बहुत ही सराहना की तथा पुनः इस प्रकार का कार्यक्रम बहुत अच्छे ढंग से कराए जाने हेतु प्रबंधन करने का वचन दिया
उपस्थित लोगों का विवरण एवं कार्यक्रम की सफलता – उक्त कार्यक्रम में एचआरडी एसईसीएल के जीएम श्री श्रीवास्तव सर जी, एसईसीएल के मैनेजर श्री सौरभ पांडे सर जी, मैनेजर केदार सर जी एवं मैनेजर एस.के महापात्रा सर जी सहित मैनेजर श्रीमती मीना एवं एसईसीएल के अन्य कर्मचारीगण भी उपस्थित रहे और सभी ने कार्यक्रम का बहुत ही आनंदपूर्वक लाभ लिया एवं प्रतिदिन मेडिटेशन को दिनचर्या में शामिल करने का वचन भी दिया इस प्रकार उक्त कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ