बिलासपुर :- शासकीय जे.पी. वर्मा स्नातकोत्तर कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय, बिलासपुर द्वारा दिनांक 1 एवं 2 जुलाई 2025 को ग्रंथालय विज्ञान से संबंधित विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। संगोष्ठी का शुभारंभ आज महाविद्यालय के सभागार में भव्य रूप से किया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि माननीय श्री अमर अग्रवाल जी, विधायक बिलासपुर के करकमलों से संपन्न हुआ। उन्होंने अपने वक्तव्य में शोध, ज्ञान के संरक्षण और ग्रंथालयों की भूमिका पर गहन प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आधुनिक शोध के साथ-साथ हमें प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा को भी संरक्षित करना चाहिए।


कार्यक्रम की अध्यक्षता अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय, बिलासपुर के कुलपति प्रो. ए.डी.एन. वाजपेयी ने की। उन्होंने संगोष्ठी के विषय की प्रासंगिकता पर चर्चा करते हुए इसे शोधकर्ताओं, शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर बताया।
विशेष अतिथि के रूप में जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष श्री संजय कुमार पांडेय उपस्थित रहे। उन्होंने महाविद्यालय में इस प्रकार के राष्ट्रीय स्तर के आयोजन की सराहना की और बताया कि इससे महाविद्यालय के अकादमिक स्तर में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
कार्यक्रम का स्वागत भाषण महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एस.एल. निराला ने दिया। उन्होंने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए बताया कि यह संगोष्ठी विशेष रूप से ग्रंथालय विज्ञान के क्षेत्र में नवाचार और शोध को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित की गई है।
प्रथम सत्र में की नोट वक्ता के रूप में ग्रन्थालय विज्ञान के विशेषज्ञ गोंदिया, महाराष्ट्र से पधारे डॉ चंद्रमणि गजभिए जी ,जो एसोसिएट एवं लाइब्रेरियन हैं और IISER भोपाल से आए डॉ संदीप कुमार पाठक जी, जो कि लाइब्रेरियन एवं ग्रंथालय विज्ञान के विशेषज्ञ हैं, ने अपने व्याख्यान प्रस्तुत किए। उन्होंने ग्रंथालय विज्ञान में हो रहे नवीन शोध कार्यों, डिजिटल लाइब्रेरी, सूचना प्रौद्योगिकी और ज्ञान संप्रेषण के बदलते स्वरूप पर विस्तृत जानकारी दी।
इस अवसर पर महाविद्यालय के सेवानिवृत्त ग्रंथपाल, जिन्होंने हाल ही में सेवा निवृत्ति प्राप्त की है, ने संगोष्ठी के आयोजन हेतु अपने अनुभव साझा किए और बताया कि किस प्रकार यह आयोजन उनके लिए एक सपना था, जिसे महाविद्यालय ने साकार किया।
सभी वक्ताओं ने अपने वक्तव्यों में ज्ञान, अनुसंधान, प्राचीन भारतीय ज्ञान प्रणाली और आधुनिक शोध के बीच समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने यह भी कहा कि आज के युग में लाइब्रेरी सिर्फ पुस्तक भंडार नहीं, बल्कि एक ज्ञान केंद्र बन चुकी है।
राष्ट्रीय संगोष्ठी के द्वितीय दिवस (2 जुलाई 2025) को भी कई महत्वपूर्ण तकनीकी सत्र एवं शोध पत्र प्रस्तुतियाँ आयोजित की जाएंगी।
डॉ. एस.एल. निराला
प्राचार्य
शासकीय जे.पी. वर्मा स्नातकोत्तर कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय, बिलासपुर (छ.ग.)