रायपुर :- पूज्य शदाणी दरबार तीर्थ में सनातन संस्कृति के गुरु के प्रति आस्था और विश्वास का महान पर्व गुरु पूर्णिमा महोत्सव 10 जुलाई 2025 को संपूर्ण श्रद्धा, विश्वास एवं उत्साह के साथ बड़ी धूमधाम से मनाया जा रहा है। शिष्यों के कल्याणार्थ एवं विश्व शांति- सद्भावना के लिए आज के दिन विशेष रूप से प्रार्थना की जाती है, क्योंकि सनातन संस्कृति वसुधैव कुटुंबकम की बात कहती है, और संपूर्ण मानव समाज के हित की बात व कल्याण की बात कहती है।
315 वर्ष प्राचीन संत परंपरा में नवम् पीठाधीश्वर सतगुरु संत डॉ युधिष्ठिर लाल जी के सानिध्य एवं मार्गदर्शन में यह पर्व समग्र मानवता की सेवा को समर्पित किया जाता है। गुरु गोविंद दोऊ खड़े काके लागू पाय। बलिहारी गुरु आपकी गोविंद दियो बताए।। तीन लोक नौ खंड में गुरु से बड़ा न कोई।
ईश्वर भी यदि अवतार धारण कर इस धरा पर आते हैं तो वह भी गुरु के आज्ञा में रहकर गुरु की सेवा कर ज्ञान प्राप्त करते हैं ,चाहे राम अवतार हो, चाहे कृष्ण अवतार हो, भगवान जी ने ही गुरु के महत्व को जन सामान्य के सम्मुख रखा है।
भगवान वेदव्यास जी के जन्मोत्सव को ही गुरु पूर्णिमा, व्यास पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है, क्योंकि व्यास जी ने सनातन धर्म के पूर्ण विकसित स्वरूप और निरंतरता के लिए ग्रंथों को रचकर अमूल्य आवश्यक योगदान दिया, उन्होंने वेदों को चार भागों में विभाजित किया उसके पश्चात् भी वेदों को स्पष्ट करने के लिए पुराणों की रचना की, महाभारत ,18 पुराण, श्रीमद् भागवत, ब्रह्म सूत्र, मीमांसा, अद्वितीय साहित्य दर्शन के ग्रंथों की रचना की, जिससे मानव (सनातन धर्म प्रेमी) अपने जन्म के रहस्य (धर्म के मर्म) को समझ सकें ।
शदाणी संत परंपरा के अष्टम अवतार सतगुरु संत गोविंद राम जी के श्री विग्रह को पंचामृत एवं गंगा जल से स्नान करा कर चरण वंदना की जाती है,तत्पश्चात भजन कीर्तन गुरु महिमा पर प्रवचन, आरती, प्रार्थना, अरदास सभी शिष्यों के कल्याण हेतु की जाती है। पूरे दिन गुरु वंदना से संबंधित कार्यक्रम किए जाते हैं, कार्यक्रम प्रातः 9:00 बजे से लगातार रात्रि 10:00 बजे तक चलता रहेगा।
देश के कोने-कोने से एवं विदेशों से श्रद्धालु इस अवसर पर आकर अपने श्रद्धा सुमन अपने गुरु के चरणों में अर्पित करते हैं।
सेवा कार्यों के लिए प्रसिद्ध यह शदाणी दरबार, सेवा के विभिन्न कार्यक्रम ऐसे अवसरों पर करती रहती है
Nanik ram sahitya
शदाणी दरबार तीर्थ, रायपुर