विजय की ✒कलम
दिल की बात सच्ची बात, अपनों के साथ ….
बिलासपुर :- यह समझना भी जरूरी है पहले बात करते हैं रवि प्रितवानी जी की यह है कौन हाईटेक आदर्श पूज्य सिंधी पंचायत जूना बिलासपुर के पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय दादा श्री चंद प्रितवानी जी के सुपुत्र हैं आशीर्वाद वैली कॉलोनी के ओनर है मालिक है एक इसका दूसरा पहलू बाद में समझाएंगे,
युवा विंग के सदस्य भी हैं गोदडी़ धाम के सेवादारी भी हैं हाईटेक आदर्श पूज्य सिंधी पंचायत जूना बिलासपुर के पदाधिकारी भी हैं और अभी नव गठित कार्यकारिणी में एफजी के पद पर है,

मिलनसार हंसमुख व्यक्तित्व के धनी हैं सफल व्यवसायी हैं सबसे प्रेम से मिलना छोटो को प्यार, बड़ों को प्रणाम और सामाजिक कार्य हो या धार्मिक कार्य हो या पंचायत के कार्य हो हर कार्य में निस्वार्थ भाव से सेवा करना और अग्रणी भूमिका में सेवादारी के रूप में रहना किसी को भी कोई दुख तकलीफ नहीं देना सिर्फ अपनी सेवा से मतलब रखना ओर आगे बढ़ना यह इनके गुण हैं जो आज के समय में किसी भी पंचायत के पदाधिकारी और युवाओं में बहुत कम लोगों में पाए जाते हैं, और बहुत सालों से यह सक्रिय भी है और निस्वार्थ भाव से सेवा भी कर रहे हैं अलग-अलग संस्थाओं से जुड़कर अब आप लोग सोच रहे होंगे इतना सारा गुणी व धनवान ज्ञानवान, बुद्धिमान मिलनसार व्यक्ति को इतने साल अंधेरों में क्यों गुमनामी में क्यों रखा गया? अंधेरा और गुमनामी इसलिए बोल रहे हैं क्योंकि इनको कोई भी उच्च पद अभी तक नहीं दिया गया था? पर आज अचानक ऐसा क्या हो गया कि इनको इतना बड़ा दायित्व दिया गया? क्या इनका इतना सारा जो उनके अंदर ज्ञान है सेवा भावना है यह सब देखकर दिया गया या उनकी सेवाओं को देखकर दिया गया यहां कहानी कुछ और है ?
दोस्तों बात यहीं पर आकर फस जाती है क्योंकि जब बात निकली है तो दूर तक जाएगी जहां तक हमारा अनुमान है और जो हमारी सोच और हमारे सूत्र जो कहते हैं उसके अनुसार इसमें तानाशाह की बहुत बड़ी प्लानिंग है और मैं तो पहले से ही हर बार बोलते आ रहा हूं की 2023 में जब सेंट्रल पंचायत के चुनाव में इनका उम्मीदवार खड़ा था और सामने विपक्ष का दूसरा उम्मीदवार था तो इनको हार समझ में आ गई थी ? पर काम दाम दंड भेद अपना कर इन्होंने चुनाव जीत लिया था ? और उसी दिन से तानाशाह की दिमाग की घंटी बज गई थी और उसे एहसास हो चुका था कि अब वक्त बदल चुका है और यह 40 सालों की सत्ता अब खतरे में पढ़ चुकी है ? अब इसे बचाए रखना है तो अभी से ही 2025 की प्लानिंग करनी होगी और वह उसी दिन से 2025 की प्लानिंग करनी शुरू कर दी है?
जैसे एक मंझा हुआ राजनीतिज्ञ चुनाव के पहले तैयारी करता है जैसे मोदी अमित शाह 2029 की तैयारी अभी से शुरू कर दी है?
इसी तरह इसने भी 2025 चुनाव की तैयारी 2023 में शुरू कर दी थी अब आप लोग सोच रहे होंगे कि यह सब मुझे कैसे पता जिनके साथ इतने वर्ष रहा हूं कुछ तो इनके बारे में जानता होउगां,
तो उसने तैयारी शुरू कर दी थी सबसे पहले इन्होंने सेंट्रल पंचायत की नई कार्यकारिणी टीम में युवाओं को भागीदारी दी और युवा विंग में सेंट्रल के लोग भेजे संरक्षक के रूप में और शहर की अन्य सामाजिक संस्थाओं भारतीय सिंधु सभा, सिंधु चेतना, झुलेलाल सेवा समिति एवं अन्य संस्थाओं में अपने अपने चारों तरफ आदमी फिट कर दिए ?
वार्ड पंचायत में भी उन्होंने धीरे से अपने-अपने मोहरे फिट करने शुरू कर दिए?
जैसे जैसे समय बितता गया ओर कुछ नया सोचने को मजबूर होना पड़ा?
पर इस कहानी में टर्निंग पॉइंट तब आता है जब उनकी लड़ाई एक ईमानदार पत्रकार से होती है? तभी से इनकी हाथ से सत्ता खिसकनी शुरू हो जाती है और जैसे-जैसे समय आगे बढ़ता गया कहानी में बहुत सारे टिविस्ट आते गए और अब जब चुनाव नजदीक है कुछ ही दिन बाकी हैं तो उन्हें समझ में आ गया है कि सत्ता हमारे हाथ से बहुत दूर जा चुकी है?
क्योंकि इन्हीं के गुटों में भी अब खटास पैदा हो चुकी है कुर्सी में बैठना हर कोई चाहता है और कुर्सी एक है और उम्मीदवार चार हैं और जिन तीन को किनारे किया गया है उनमें असंतोष पैदा हो चुका है किसी भी तरह उसे तो अभी दबा दिया गया है ?
पर वह आग में कोयले के समान है अभी वह राख जरूर बन चुकी है पर उस राख के अंदर अभी भी चिंगारी जल रही है वह तो कब सुलगेगी और किसे जलकार राख करेगी समय बताएगा?
पर इतना जरूर है आने वाला चुनाव बहुत ही दिलचस्प होगा आने वाले चुनाव में इन्हें जो सबसे ज्यादा खतरा महसूस हो रहा है वह जूना बिलासपुर पंचायत से हो रहा है पिछली बार भी जूना बिलासपुर पंचायत इनके खिलाफ तन के खड़ी थी? और इस बार भी स्थिति लगभग वैसे ही बन रही है ?
और इसकी एक झलक कुछ दिन पूर्व मुखियाओं की बैठक में देखने को मिली भी है कि किस तरह सब लोग मिलकर
जूना बिलासपुर पंचायत के अध्यक्ष को दबाने की कोशिश की जा रही थी?
उन्हें टॉर्चर किया जा रहा था ? कि आपनी टीम में पत्रकार विजय दुसेजा
को क्यों शामिल किया?
क्यों उसे एफजी के रूप में सेंट्रल भेज रहे हैं ?
क्योंकि जूना बिलासपुर से टोटल 5 एफजी गए हैं जो डायरेक्ट सीधा सेंट्रल पंचायत चुनाव में वोट करते हैं अब एक-एक वोट
बहुत कीमती है तो अब कहानी का क्लाइमेक्स जो है वह यही है आप लोग समझ तो गए होंगे मेरा इशारा किस तरफ है?
फिर भी आप लोगों को बता देता हूं कि आज जो दायित्व परिवर्तन हुआ है वह सेंट्रल पंचायत के चुनाव को देखकर ही हुआ है इसलिए

सिंधु चेतना में भी अध्यक्ष उस व्यक्ति को बनाया गया है जिनकी फैमिली बहुत बड़ी है ?और उनके एक रिश्तेदार अध्यक्ष भी हैं पंचायत के ? ताकि पूरा वोट एक तरफा हमे मिल जाए ? और पूरी उनकी फैमिली एक तरफा हमारा सपोर्ट करें? और अब बात आई जूना बिलासपुर की तो जूना बिलासपुर को अपनी तरफ करने के लिए इन्होंने एक तीर से दो शिकार किए हैं?
एक तरफ रवि प्रितवानी
को कार्यकारी अध्यक्ष बना दिया समाधान योजना का इससे उनकी जो दोस्ती है प्रेम है पार्टनरशिप है उनको भी मजबूती मिले?
दूसरा जूना बिलासपुर चुनाव में यहां पर सेद लगाई जाए खड्डा खोदा जाए ताकि वोट ज्यादा से ज्यादा बाल्टी में भरकर निकाले जाए? चाल तो बहुत अच्छी चली है? पर वह भूल गए कि इसी पंचायत में लोकतंत्र का सजक सर्तक ईमानदार प्रहरी पत्रकार विजय दुसेजा भी रहता है ओर इनकी चाल को इतनी जल्दी से कामयाब होने नहीं देगा?
और इस बार जैसे हमने पहले भी कहा है अगर ईमानदारी से चुनाव होंगे तो सत्ता परिवर्तन जरूर होगा,
(सत्य की जीत होगी धर्म की विजय होगी)
जय हिंगलाज माता जय झूलेलाल
संपादकीय