रायपुर :- भगवान झूलेलाल जी के देश में कई स्थानों पर मंदिर स्थापित किए गए हैं मंदिरों में भगवान झूलेलाल जी की मूर्तियां स्थापित की गई है परंतु छत्तीसगढ़ रायपुर में भगवान झूलेलाल जी की विश्व की सबसे बड़ी मूर्ति 56 फुट की स्थापित की गई है मूर्ति पर रायपुर सिंधी समाज द्वारा 32 लाख रुपए का खर्च किया गया है मूर्ति को निर्मित करने में 12 कारीगरों ने दिन-रात मेहनत की थी
रायपुर के न्यू राजेंद्र नगर में कैनाल रोड के ठीक सामने भगवान झूलेलाल जी की विश्व की सबसे बड़ी ऊंची 56 फीट की प्रतिमा स्थापित की गई है
भगवान झूलेलाल जी की स्थापित इस प्रतिमा की विशेषता यह है कि प्रतिमा भूकंप रोधी है इस पर भूकंप का कोई असर नहीं होगा वाटरप्रूफ है आंधी और बारिश का भगवान झूलेलाल जी की प्रतिमा पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा
विश्व की सबसे ऊंची भगवान झूलेलाल जी की प्रतिमा का निर्माण कराने वाली संस्था के अध्यक्ष श्री गिरीश लहेजा ने बताया हे कि विश्व में कहीं भी इतनी ऊंची प्रतिमा भगवान झूलेलाल जी की स्थापित नहीं की गई है छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के सिंधी समाज को गर्व है की इतनी बड़ी प्रतिमा भगवान झूलेलाल जी की रायपुर नगर में स्थापित की गई है
भगवान झूलेलाल जी की विश्व में रायपुर में सबसे बड़ी प्रतिमा के स्थापना में पूज्य शदाणी दरबार के पीठाधीश्वर संत श्री युधिष्ठिर लाल जी और चक्रभाठा के संत श्री साईं लाल दास जी का मार्गदर्शन समिति को प्राप्त हुआ था
प्रतिमा के चारों ओर छोटी सी झील का निर्माण किया गया है भगवान झूलेलाल जी जल के देवता थे जल के सरोवर के बीच भगवान झूलेलाल जी की प्रतिमा विराजमान है
भगवान झूलेलाल जी की विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा का निर्माण राजनांदगांव के सिंगोला इलाके के मूर्तिकार श्री रामकृष्ण साहू ने किया है मूर्ति के निर्माण में सीमेंट रेट और लोहे का इस्तेमाल किया गया है मूर्तिकार साहू ने बताया है कि भगवान झूलेलाल जी की प्रतिमा को जमीन के नीचे 15 फीट के नीचे से बनाया गया है ताकि भूकंप आंधी और तूफान में भी फर्क ना पड़े
इस मूर्ति के निर्माण का कार्य 26 नंबर नवंबर 2020 से प्रारंभ हुआ था जय झूलेलाल सेवा समिति के सदस्य विजय लाहरवानी ने बताया है कि यह देश की सबसे बड़ी मूर्ति है इस मूर्ति के निर्माण के पूर्व देश में कहीं भी इतनी बड़ी मूर्ति भगवान झूलेलाल जी की मूर्ति का निर्माण नहीं गया है मूर्ति के निर्माण में 3 वर्ष लग गए 3 वर्षों के मेहनत के पश्चात मूर्तिका निर्माण कार्य पूर्ण हुआ और मूर्ति स्थापित की गई
इस मूर्ति के निर्माण का उद्देश्य बच्चों को संस्कृति से अपने धार्मिक इष्ट देवताओं की जानकारी देने के उद्देश्य से किया गया है
समिति के सदस्य भरत कुकरेजा ने बताया कि आज की पीढ़ी अपने संस्कृति और संस्कारों से दूर हो रही है आज सिंधी हिंदू सनातनी समाज के बच्चे भगवान झूलेलाल जी के बारे में बहुत कम जानते हैं भगवान झूलेलाल जी की प्रतिमा देखेंगे तो उनके मन में जिज्ञासा उत्पन्न होगी भगवान झूलेलाल जी के प्रति श्रद्धा उत्पन्न होगी और उनके बारे में जानेंगे
अपने आराध्य देव के प्रति जानकारी प्राप्त करके उनकी श्रद्धा और भक्ति करेंगे पूजा करेंगे
भगवान झूलेलाल जी के चालिहा साहिब महोत्सव महापर्व पर भगवान झूलेलाल जी की विश्व में सबसे बड़ी मूर्ति के प्रति मन के दर्शन प्राप्त कर पुण्य लाभ कमाए