जबलपुर (अखंड सत्ता)। महिला बाल विकास विभाग रीवा में सहायक ग्रेड-2 पद पर पदस्थ रहे राघवेंद्र शरण तिवारी को न्याय दिलाने में एडवोकेट लवकुश मिश्रा ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है।
मामला यह था कि विभाग द्वारा राघवेंद्र शरण तिवारी से 26 लाख रुपए की वसूली का आदेश जारी किया गया था। इस आदेश को चुनौती देते हुए एडवोकेट लवकुश मिश्रा ने जबलपुर हाई कोर्ट में याचिका दायर की। सुनवाई के दौरान माननीय न्यायाधीश विवेक जैन ने विभाग के आदेश को निरस्त करते हुए निर्देश दिया कि विभाग 26 लाख रुपए ब्याज सहित वापस लौटाए।
ज्ञात हो कि राघवेंद्र शरण तिवारी वर्ष 2023 में सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्ति के बाद विभाग द्वारा अचानक भारी वसूली का आदेश जारी कर दिया गया था। इस अन्यायपूर्ण आदेश के खिलाफ एडवोकेट लवकुश मिश्रा की मजबूत पैरवी के कारण उन्हें न्याय मिला।
एडवोकेट लवकुश मिश्रा अब तक कई गंभीर मामलों में अपनी उत्कृष्ट पैरवी के दम पर पीड़ितों को इंसाफ दिला चुके हैं। उनकी इस नई सफलता पर क्षेत्रभर से बधाई संदेश मिल रहे हैं।