बिलासपुर में जनजाति गौरव एवं शहीद वीर नारायण सिंह के बलिदान दिवस पर लघु संगोष्ठी का आयोजन हुआ। कार्यक्रम के अध्यक्ष महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर एस.एल. निराला जी थे। मुख्य वक्ता जे. योगानंदम छत्तीसगढ़ स्नातकोत्तर महाविद्यालय के भूगोल विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष एवं समाजसेवी डॉक्टर टी. एल.वर्मा जी थे। सह वक्ता समाजसेवी श्री गणेश जी रहे ।भूगोल विभाग के विभागाध्यक्ष डॉक्टर सतीश कुमार दुबे ने सर्वप्रथम कार्यक्रम की रूपरेखा पर प्रकाश डाला। अध्यक्षीय भाषण में डॉक्टर एस.एल. निराला जी ने वीर नारायण सिंह एवं गुरु तेग बहादुर जी के त्याग तथा बलिदान को नमन करते हुए छात्रों को बताया कि यदि हमारे हृदय में राष्ट्रभक्ति और ईमानदारी है तो हम भारत को पुनः वेद एवं पुराणों की सहायता से विश्व गुरु बना सकते हैं। आपके भाषण का मुख्य उद्देश्य छात्रों को राष्ट्रहित में जागृत करना था। अतिथि वक्ता एवं समाजसेवी श्री गणेश जी ने वीर शहीद वीर नारायण सिंह जी के जीवन वृत्त एवं स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान को छात्र छात्राओं के समक्ष विस्तार पूर्वक प्रस्तुत किया । वीर नारायण सिंह जी ने स्वतंत्रता की लड़ाई के लिए जनजाति समाज को योजना बद्ध ढंग से संगठित किया था । श्री गणेश जी ने छात्रों से अपील की कि आप लोग रायपुर जाकर आजाद चौक को नमन कीजिए जहां चौराहे पर वीर सपूत नारायण सिंह को फांसी पर लटकाया गया था। मुख्य वक्ता एवं समाज सेवा को अपने जीवन का लक्ष्य मानने वाले प्रोफेसर डॉक्टर टोप लाल वर्मा जी ने शहीद वीर नारायण सिंह को भारत मां का महान सपूत कहते हुए उनके नेतृत्व क्षमता और संगठन प्रणाली को आधुनिक समय में आवश्यक बताया। प्रो वर्मा ने सिक्खधर्म के नवे गुरु , गुरु तेग बहादुर जी के जन्म से लेकर उनकी शहादत तक की पूरी जीवन वृत्त पर छात्रों को कई नई नई जानकारियां प्रदान की। गुरु तेग बहादुर जी के त्याग एवं उनके पूरे परिवार की हत्या का मार्मिक चित्रण डॉक्टर वर्मा के द्वारा प्रस्तुत किया गया। डॉक्टर वर्मा ने छात्रों से आह्वान किया कि जीवन की आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ राष्ट्र धर्म का भी निष्ठा पूर्वक हमें पालन करना चाहिए ।अटल बिहारी वाजपेई विश्वविद्यालय के कुल सचिव डॉक्टर तारणीश गौतम जी ने “संत जी की बिल्ली” कहानी के माध्यम से छात्रों को ईमानदारी पूर्वक जीने की कला से अवगत कराया । कार्यक्रम में स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम महाविद्यालय बिलासपुर के प्राचार्य डॉ यू के श्रीवास्तव एवं प्रोफेसर डॉक्टर राजकुमार सहदेव जी उपस्थित थे। महाविद्यालय परिवार के प्राध्यापकों एवं छात्रों की गरिमामय उपस्थिति ने कार्यक्रम को बहुत रोचक बना दिया ।इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय सेवा योजना एवं भूगोल विभाग के छात्र-छात्राओं का सराहनीय योगदान रहा।