इंदौर। सनातन धर्म एवं संस्कृति के संरक्षण और प्रचार-प्रसार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए विश्व सनातन परिषद मध्यप्रदेश इकाई का औपचारिक गठन भव्य वातावरण में संपन्न हुआ। यह आयोजन इंदौर के राज मोहल्ला स्थित बाबा कल्याण दास दरबार पर प्रदेश अध्यक्ष महंत श्री जयेश दास जी उदासीन की अगुवाई में आयोजित किया गया, जहां प्रदेश के विभिन्न जिलों से पधारे पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर परिषद की नवगठित प्रदेश इकाई में 51 पदाधिकारियों की नियुक्ति की गई। नियुक्ति पत्र वितरण समारोह के दौरान सभी नवदायित्ववान पदाधिकारियों ने परिषद के नेतृत्व में सनातन धर्म, संस्कृति और परंपराओं की पताका को और अधिक ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प लिया।


कार्यक्रम में धर्माचार्यों एवं समाज के वरिष्ठजनों की गरिमामयी उपस्थिति रही। विशेष रूप से विद्वान ब्राह्मण पंडित सर्वश्री सुरेश शर्मा, पंडित प्रदीप शर्मा, पंडित अश्विन भारद्वाज, पंडित जीतू महाराज सहित सिंधी समाज की विभिन्न पंचायतों के वरिष्ठ जन समारोह में उपस्थित रहे, जिससे आयोजन की गरिमा और भी बढ़ गई। प्रदेश अध्यक्ष महंत श्री जयेश दास उदासीन की मुख्य उपस्थिति में गठित नई प्रदेश कार्यकारिणी में प्रदेश संरक्षक जगदीश सहायता,प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. जय परियानी, दीपचंद चावला, प्रकाश पारवानी, किशोर वाधवानी, अर्जनदास मखीजा, अमृतलाल हिरानी,प्रदेश सचिव मधु उदासीन,सहसचिव लेखराज मोटवानी, धर्मेंद्र मीरचंदानी
संगठन मंत्री हरीश राजानी, नरेश फुंदवानी, दिलीप माटा एवं परिषद के विधि सलाहकार के रूप में वरिष्ठ अधिवक्ता रमन सिंह सोलंकी, पंकज खंडेलवाल, राहुल दवे एवं मुस्कान ज्ञानवानी को महत्वपूर्ण दायित्व सौंपे गए। नियुक्ति पत्र वितरण समारोह को संबोधित करते हुए महंत श्री जयेश दास उदासीन ने सभी नव नियुक्त पदाधिकारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं और परिषद के उद्देश्यों, कार्ययोजना एवं भावी गतिविधियों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म केवल आस्था नहीं, बल्कि जीवन पद्धति है, जिसे समाज के हर वर्ग तक पहुंचाना परिषद का लक्ष्य है। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि आगामी समय में मध्यप्रदेश के सभी जिलों में परिषद की जिला इकाइयों के गठन की तैयारियां तेजी से चल रही हैं।
समारोह का समापन स्नेह भोज के साथ हुआ। पूरे आयोजन में उत्साह, एकजुटता और सनातन संस्कृति के प्रति समर्पण का भाव स्पष्ट रूप से देखने को मिला, जिसने यह संदेश दिया कि विश्व सनातन परिषद मध्यप्रदेश में संगठित रूप से सनातन चेतना को नई दिशा और नई ऊर्जा देने के लिए तत्पर है।