( चालिहा महोत्सव साल में दो बार आता है पर दोनों का महत्व बहुत बड़ा ओर अलग अलग है, संत सांई महेश लाल जी )
बालाघाट/ वारासिवनी:-
श्री झूलेलाल चालिहा महोत्सव मध्य प्रदेश के वारासिवनी में विगत 40 दिन पूर्व अखंड ज्योत प्रजवलित करके साई महेश लाल जी के द्वारा आरंभ कराया गया था बालाघाट से 17 किलोमीटर दूर पर बसा वारासिवनी शहर है जहां पर सिंधी समाज की लगभग 150 से 160 घर हैं पहली बार उन्होंने चालिहा महोत्सव मनाया और आरंभ किया इसकी प्रेरणा बालाघाट , श्री झुलेलाल जी के कृपा पात्र संत महेश लाल जी के द्वारा उन्हें मिली जो स्वयं भी और उनके बुजुर्ग द्वारा पीढ़ी दर पीढ़ी करते आ रहे है जहां वारासिवनी और अन्य शहर की संगत शामिल होती थी पर सभी का बालाघाट आना नहीं हो पाता इसलिए पूरी संगत और समाज कल्याण के लिए अथक् प्रयासो से चालिहा महोत्सव वारासिवनी में प्रथम बार बड़े ही हर्षो उल्लास के साथ मनाया गया


, इस से शहर की अन्य संगत को भी चालिहा साहिब का महत्व , क्या है ओर किया महिमा है उन्हें पता चली प्रतिदिन सुबह-शाम आरती अरदास पल्लव को किया जाता था स्वयं साई महेश लाल जी द्वारा साप्ताहिक सत्संग वहां जा कर किया जाता हैं वह कई कार्यक्रमो का आयोजन होता था आज चालिहा महोत्सव का 40 दिन पूरा हुआ इस अवसर पर संत सांई महेश लाल जी के सानिध्य में शाम 4:00 बजे भव्य शोभायात्रा निकाली गई ढोल बाजे के साथ आतिशबाजी के साथ शोभायात्रा नगर भ्रमण करते हुए दरिया शाह में पहुंची जहां पर विधि विधान के साथ बहराणा साहब विसर्जन किया गया अखंड ज्योत को परवान किया गया रात्रि 8:00 बजे भक्ति मय कार्यक्रम का आयोजन किया गया कार्यक्रम की शुरूआत भगवान झूलेलाल जी के छायाचित्र पर पुष्प अर्पण कर दीप प्रचलित करके आरती की गई इस अवसर पर बालाघाट के भजन मंडली द्वारा सुंदर भजनों की प्रस्तुति दी गई संत सांई महेश लाल जी के द्वारा भक्ति भरे भजन गाए गए जिसे सुनकर भक्त जन भाव विभोर हो गए उन्होंने चालिहा महोत्सव की महिमा बताई पूज्य बहराणा साहब का अर्थ समझाया वह उसका महत्व बताया पूज्य सिंधी पंचायत वारासिवनी के द्वारा संत जी का आए हुए कलाकारों का अतिथियों का छाल पहनाकर स्वागत व सम्मान किया गया,इस अवसर पर हमर संगवारी के प्रधान संपादक, विजय दुसेजा,


का भी सम्मान किया गया, और विशेष रूप से
बिलासपुर से प्रोग्राम को कवर करने के लिए वारा सिवनी पहुंचे और कवर किया इस 40 दिनों में जिन-जिन सेवादारियों ने चालिहा महोत्सव में अपनी सेवा दी इसमें युवा भी थे महिलाए भी थी बच्चे भी थे बड़े बुजुर्ग भी थे उन सब का पंचायत के द्वारा सम्मान किया गया कार्यक्रम के आखिर में पल्लव पाया गया विश्व कल्याण के प्रार्थना की गई चालीहा साहिब का विशेष प्रसाद वितरण किया गया एवं आए हुए सभी भक्त जनों के लिए आम भंडारा का आयोजन किया गया बड़ी संख्या में भक्तों ने भंडारा ग्रहण किया पंचायत के अध्यक्ष, श्री गिरधारी लाल जी ने हमर संगवारी से चर्चा करते हुए कहा कि बड़े खुशी की बात है की पहली बार हमारे यहां चालिहा महोत्सव का आयोजन किया गया और शुरुआत की गई इस 40 दिनों में पूरे समाज को एक सूत्र में बांधे रखा भक्ति की एक अलख जगाई


, महिलाओं में युवाओं में सब में अपने भगवान झूलेलाल के प्रति एक आस्था जागी और सभी को चालिहा महोत्सव का क्या महत्व है यह हमें पता चला और यह सब संत सांई महेश लाल जी के प्रयास से हुआ है जो हमें यह आयोजन करने के लिए प्रोत्साहित किया और हमें बहुत खुशी है कि हमने ऐसा आयोजन किया और हम प्रतिवर्ष एक बार नहीं साल में दो बार चालिहा महोत्सव आता है सिंधी सावन में और नहीरी महीने में हम दोनों बार मनाएंगे और धूमधाम के साथ मनाएंगे , अपनी संस्कृति अपना धर्म कर्म को और आगे बढ़ाएंगे और अपने युवाओं, बच्चों तक पता चले इसके लिए ऐसा आयोजन हम करते रहेंगे इस पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में पूज्य सिंधी पंचायत , वारा सिवनी के
संरक्षण मंडल –श्री लख्खी रामचंदानी, श्री डॉ अटलानी, श्री मोहन लाल चिमनानी, अशोक ओचानी, श्री कन्हैया लाल बुधरानी, श्री सुरेश कुमार माधवानी, श्री राजेश परयानी,
अध्यक्ष सिन्धी पंचायत –श्री गिरधारी चिमनानी, उपाध्यक्ष –श्री अनील आहूजा, सचिव –श्री कमल ओचानी, सहसचिव –विनोद बसंतवानी, कोषाध्यक्ष –श्री किशोर तोलानी सदस्य श्री वकील तोलानी, दिलीप परयानी, साधुराम चिमनानी, लालचंद आहूजा,गिरधर, कन्हैया रिजवानी, रमेश बुधरानी, सुनील बुधरानी
पूज्य सिन्धी पंचायत वारासिवनी
के सभी लोगों का विशेष सहयोग रहा,