बिलासपुर :-
इस बड़ी दुनिया में छोटी सी जिंदगी में कुछ पल ही ऐसे रह गए हैं जिन्हें हम सब मिल कर रह सकते हैं,इसे संजो कर रख सकते हैं,आंखों में बसा कर रख सकते हैं,दिलों में समा कर रख सकते हैं,सपनों में और यादों में रख सकते हैं
आज की इस भागम भाग वाली जिंदगी में पहले जैसा न प्यार है न विश्वास है और ना ही परिवार है?
कहने को तो हम सब एक हैं,अर्थ है एक है तो हम एक ही हैं किंतु अकेले हैं पहले एक होने का अर्थ था समूह के साथ आज एक होने का अर्थ है अकेला,उदास,चुपचाप अपना अपना जीवन काट रहा हैं?

पहले जैसे कुटुंब परिवार अब रहे नहीं?
एक परिवार में चार घर बने हैं,बाप का अलग घर बेटे का अलग तो पोते का अलग ऐसे समय में आज भी सिंधी समाज में ऐसे परिवार हैं जो अपनी संस्कृति अपने समाज अपने बड़े बुजुर्गों को आदर्शों को संजो कर संभाल कर रखा है व उन पर चलता भी है ऐसा ही एक परिवार है कलवानी परिवार जो बिलासपुर और चकरभाटा को जोड़कर रखा है
प्रतिवर्ष यह परिवार अपने बड़े बुजुर्गो को लेकर सभी को साथ में लेकर मिलन समारोह का आयोजन करता है जिसमें सिंधी संस्कृति की झलक दिखती है सिंधी लाडा॒ और साथ में हिंदी अंताक्षरी भी खेलते हैं बड़े बुजुर्गो का सम्मान भी करते हैं छोटों को प्यार भी देते हैं और खूब मौज-मस्ती भी होती हैं ऐसा ही एक आयोजन इस वर्ष भी शहर से 10 -12 किलोमीटर दूर एक निजी फार्म हाउस में आयोजित किया गया 11 जनवरी को कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 11:00 बजे जरहाभाटा सिंधी कॉलोनी स्थित धन गुरुनानक दरबार में पहुंचकर सभी छोटे-बड़े, बुजुर्ग, महिलाएं, बच्चे गुरु घर में हाजिरी लगाई ,मथा टेका, विश्व कल्याण के लिए कलवानी फैमिली के लिए अरदास करवाई इस अवसर पर दरबार के प्रमुख सेवादार

भाई मूलचंद नारवानी जी का कलवानी परिवार के द्वारा शाल पहनाकर श्री फल देकर,सम्मान किया गया व आशीर्वाद ग्रहण किया गय, प्रसाद चखा और गुरु का लंगर खाया और वहां से विदा लिए और पहुंचे सुंदर फार्म हाउस में जहां हरी-भरी हरियाली थी,ठंडी हवा थी,शांति थी ऐसे में प्रवेश करता है कारों का काफिला और सबसे पहले से ही वहां पर कुछ लोग पहुंचे हुए थे सभी बड़े बुजुर्गों का छोटो का फूलों का गुलदस्ता देकर स्वागत और सम्मान करते हैं 5 साल की बच्ची से लेकर 95 साल की बुजुर्ग महिला भी इस सम्मान समारोह में इस मिलन समारोह में उपस्थित थी जो वास्तव में देखने योग्य था

एक बच्ची 5 साल की है जिसने अपना पांचवा 🎂🎉🍻जन्मदिन भी मनाया और 95 साल की बुजुर्ग महिला भी थी इन्होंने सबको आशीर्वाद भी दिया सभी परिवारजनों के साथ इस खुशनुमा माहौल का लुत्फ उठाया.
कार्यक्रम शुरू हुआ छोटे-छोटे गेम्स के माध्यम से क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गई,
दोपहर को 3:00 बजे लंच के आयोजन के बाद के बाद फिर से शुरू हुआ इनका हंगामा,मस्ती फिर से कार्यक्रम को जान फूकने के लिए पहुंचे डॉक्टर अभिषेक कलवानी डा.रौनक कलवानी,एकता कलवानी इन्होंने अपने एंकरिंग से हास्य व्यंग से लोगों को खूब हंसाया व फिल्मी गीतों पर बच्चे व पति-पत्नी के द्वारा सुंदर कपल डांस भी किया गया सिंधी गीतों पर भी खूब लोगों ने नृत्य किया आनंद लिया एक छोटी बच्ची शिवन्या ने अपना पांचवा जन्मोत्सव केक काटकर मनाया और 95 साल की बुजुर्ग महिला ने भी केक काटकर अपनी खुशी व्यक्ति की लोगों के संग


परिवार ने अंताक्षरी का भी खूब आनंद लिया परिवार के सभी बड़ों का शाल श्री फल भेंट कर सम्मान किया गया,आशीर्वाद लिया गया, छोटो को गिफ्ट दिया गया,
प्रोग्राम में बेटी भी थी तो बहू भी थी,बेटा भी था,तो पोता भी था,पिता भी था,तो दादा भी था,दादी भी थी, तो बेटी भी थी,मम्मी भी थी,तो चाची भी थी,पूरा परिवार था
इन्होंने आज के इस कार्यक्रम का भरपूर आनंद लिया और एक संपूर्ण परिवार में कितनी खुशियां होती है कैसा प्रेम होता है इन्होंने महसूस किया और लोगों को एक संदेश भी दिया एक का मतलब सिर्फ अकेला नहीं पूरा कुटुंब होता है जो पहले था उस बात को सार्थक करने का समय है की एक रहेंगे तो,खुशियां बहुत मिलेगी,गम आएंगे-लेकिन ऐसे चले जाएंगे हवा के झोंके जेसे,किसी को पता भी नहीं चलेगा, कब आया और कब चला गया,और खुशियां आएंगी और आपके आंगन में ठहर जाएंगी तो बड़ों का आदर्श सम्मान करना न भूलें छोटो को प्यार दें और संगठित परिवार होकर अगर रहते हैं तो इसमें ही आपका भी भला है और आने वाली पीढ़ी का भी भला है

इस पूरे आयोजन को मूर्त रूप देने में 1 मांह पूर्व ही राजकुमार कलवानी,सपना कलवानी,डॉक्टर रमेश कलवानी लगे हुए थे उनकी मेहनत आज के इस आयोजन को देखकर ही समझ में आता है कि इन्होंने खूब मेहनत की थी
कार्यक्रम को सफल बनाने में सभी का योगदान थोड़ा ना थोड़ा जरूर था पर जो प्रमुख पर्दे के पीछे थे.
आज के इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में,सभी का महत्वपूर्ण योगदान था, जिनमें प्रमुख हैं डा रमेश कालवानी सपना, हेमंत कालवानी, सोनिया खियलदास, ज्योति संजय ,कीर्ति, नवीन कालवनी दीक्षा ,गोपाल, पूजा, दिलीप, लता ,राजू दुलानी ,राजेश कालवानी सुरेश, रवि,
आदि का सहयोग रहा

सभी का आभार
इस पूरे प्रोग्राम को कवर करने के लिए हमर संगवारी के प्रधान संपादक,विजय दुसेजा,सुबह से लेकर शाम तक इस फैमिली के साथ थे और पूरे प्रोग्राम को कवर किया और साथ में एंजॉय भी किया, कलवानी परिवार के द्वारा इनका सम्मान और स्वागत किया गया
इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में पूरी कलवानी फैमिली के सभी सदस्यों का विशेष सहयोग रहा