बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में रविवार देर रात उस वक्त सनसनी फैल गई, जब शहर के चर्चित बिल्डर गौरव तिवारी को सरकंडा पुलिस ने आईटी एक्ट के तहत दर्ज मामले में गिरफ्तार कर लिया। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक विवादित वीडियो की शिकायत के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तिवारी को हिरासत में लेकर थाने में लंबी पूछताछ की।
📱 वायरल वीडियो बना गिरफ्तारी की वजह
पुलिस सूत्रों के अनुसार, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित एक वीडियो को लेकर कॉलोनी निवासी ने औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी। प्रारंभिक जांच में मामला आईटी एक्ट के तहत अपराध की श्रेणी में पाया गया, जिसके बाद पुलिस ने कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई करते हुए बिल्डर को हिरासत में लिया।
थाने में देर रात तक पूछताछ चली और आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन (अर्नेश कुमार प्रावधान) का पालन करते हुए सख्त चेतावनी देकर रिहा कर दिया गया।
सरकंडा थाना प्रभारी प्रदीप आर्य ने पुष्टि करते हुए बताया कि शिकायत के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई और कानून के प्रावधानों का पालन करते हुए आगे की कार्रवाई की जा रही है।
🏗️ पहले से विवादों में रहा है बिल्डर का नाम
गौरव तिवारी का नाम हाल ही में एक कॉलोनी विवाद को लेकर भी सुर्खियों में रहा है। कॉलोनीवासियों ने अवैध प्लॉटिंग, अनियमितताओं और दबाव बनाने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। इस मामले को लेकर क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन और हंगामे की स्थिति भी बनी थी। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
🏛️ राजनीतिक गलियारों में भी गूंज
क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग और भू-माफियाओं के खिलाफ अभियान को लेकर भारतीय जनता पार्टी के स्थानीय विधायक लगातार मुखर रहे हैं। विधानसभा से लेकर जमीनी स्तर तक इस मुद्दे को उठाया गया है। ऐसे में बिल्डर पर हुई ताजा पुलिस कार्रवाई को राजनीतिक और प्रशासनिक सख्ती से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
👀 भूमाफिया वर्ग में बढ़ी बेचैनी
सूत्रों का कहना है कि इस कार्रवाई के बाद अवैध प्लॉटिंग और रियल एस्टेट से जुड़े संदिग्ध गतिविधियों में शामिल लोगों के बीच हड़कंप मच गया है। पुलिस अब इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और आने वाले दिनों में और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
❗ आगे क्या होगा?
फिलहाल पुलिस ने आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि जांच में और कौन-कौन से तथ्य सामने आते हैं और क्या इस मामले में अन्य लोगों की भूमिका भी उजागर होती है।
(नोट: आधिकारिक दस्तावेज और पुलिस के विस्तृत बयान सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।)