बिलासपुर :- लोकतंत्र की बुनियाद चुनाव है और इसी सोच को मजबूती देते हुए व्यापार विहार के व्यापारियों ने हमर संगवारी द्वारा कराए गए सर्वे में खुलकर अपनी राय रखी। व्यापारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि व्यापार विहार का विकास करना है, युवाओं को आगे लाना है और सभी को समान अधिकार देना है, तो चुनाव होना ही चाहिए।

हमर संगवारी की टीम बीते दो दिनों से व्यापार विहार क्षेत्र में लगातार दुकान-दुकान जाकर व्यापारियों से संवाद करती रही। लगभग 400 दुकानों वाले व्यापार विहार में करीब 370 सदस्य मतदान के पात्र हैं। सीमित समय के बावजूद टीम लगभग 250 दुकानों तक पहुंचने में सफल रही। कई व्यापारियों ने ऑन कैमरा अपनी बात रखी, जबकि बड़ी संख्या में व्यापारियों ने ऑफ कैमरा अपने विचार साझा किए।
व्यापारियों ने सर्वे को सराहते हुए कहा कि यह पहला मौका है जब कोई चैनल और अखबार व्यापार विहार के इस अहम मुद्दे पर उनकी राय जानने पहुंचा। उन्होंने इस पहल के लिए हमर संगवारी का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह प्रयास उनकी आवाज को मजबूती देने वाला है।

सर्वे के प्रमुख निष्कर्ष
सर्वे में सामने आया कि—
लगभग 150 व्यापारियों ने खुलकर चुनाव कराने के पक्ष में मत दिया।
40 से 50 लोगों ने चुनाव न कराने की राय रखी।
10 से 20 व्यापारियों ने सर्वसम्मति से निर्णय की बात कही।
10 से 20 लोग इस मुद्दे पर तटस्थ (न्यूट्रल) रहे।
कई व्यापारियों ने अपनी समस्याएं भी सामने रखीं और कहा कि चुनाव होने से उन्हें मतदान का अधिकार मिलेगा और वे ऐसा अध्यक्ष चुन सकेंगे, जो उनकी बात सुने, समझे और व्यापार विहार के विकास के लिए कार्य करे। खासतौर पर नए व्यापारियों में उत्साह देखा गया, जिन्होंने पहली बार मतदान का अधिकार मिलने की उम्मीद जताई।

कुछ व्यापारियों ने यह भी सुझाव दिया कि जिस तरह नगरीय निकाय, विधानसभा और लोकसभा चुनावों में NOTA का विकल्प होता है, उसी तरह व्यापार विहार के चुनाव में भी यह विकल्प होना चाहिए, ताकि किसी भी प्रत्याशी को पसंद न करने की स्थिति में व्यापारी अपनी असहमति दर्ज करा सकें।
युवाओं की भूमिका पर जोर
युवा व्यापारियों ने भी बढ़-चढ़कर सर्वे में हिस्सा लिया और कहा कि चुनाव लोकतंत्र की पहली सीढ़ी है। बदलाव प्रकृति का नियम है—नई सोच, नई ऊर्जा और नए नेतृत्व से ही व्यापार और संगठन आगे बढ़ता है। जिस तरह व्यापार विहार 100 दुकानों से बढ़कर आज 400 दुकानों तक पहुंच चुका है, आने वाले समय में इसका और विस्तार होगा। इसके लिए लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत चुना गया नेतृत्व जरूरी है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या व्यापार विहार के संरक्षक व्यापारियों की इस स्पष्ट और बहुमत वाली मांग को स्वीकार करेंगे?

क्या निष्पक्ष, ईमानदार और पारदर्शी चुनाव कराए जाएंगे, या फिर लोकतांत्रिक भावना को नजरअंदाज कर कुछ गिने-चुने लोगों के दबाव में निर्णय लिया जाएगा?
हमर संगवारी ने स्पष्ट किया है कि वह सच, न्याय, नीति और व्यापारियों के हित के साथ खड़ा है। यदि एक भी व्यापारी चुनाव की मांग करता है, तो लोकतंत्र के सिद्धांतों के अनुसार चुनाव होना चाहिए। हमर संगवारी की यही अपील है कि संरक्षकजन निष्पक्ष और ईमानदारी से चुनाव प्रक्रिया को आगे बढ़ाएं और व्यापारियों की आवाज का सम्मान करें।

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