दिल्ली :- नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने इंडिगो पर 22 करोड़ 20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना पिछले साल दिसंबर की शुरुआत में इंडिगो द्वारा बड़े पैमाने पर उड़ानों के समय में देरी करने और उन्हें रद्द करने के मामले में लगाया गया है। 3 से 5 दिसंबर के बीच इंडिगो ने 2,507 उड़ानें रद्द और 1,852 फ्लाइट्स घंटों देर से चलीं जिससे तीन लाख से अधिक यात्री प्रभावित हुए थे।
जांच में क्या मिला?
रिपोर्ट के मुताबिक, इंडिगो ने ‘ओवर-ऑप्टिमाइजेशन’ (संसाधनों का हद से ज्यादा इस्तेमाल) की नीति अपनाई थी:
👉 जीरो बफर: क्रू और विमानों का अत्यधिक उपयोग किया गया, बैकअप नहीं था।
👉 सिस्टम फेलियर: पायलटों के आराम के नए नियमों (FDTL) को सही से लागू नहीं किया।
👉 मैनेजमेंट की लापरवाही: इस संकट से निपटने के लिए मैनेजमेंट के पास कोई ठोस प्लान नहीं था।