बिलासपुर / चकरभाटा . श्री झूलेलाल मंदिर चकरभाटा के संत सांई लाल दास जी की परम पूज्यनीय माता धर्मी देवी जी जिनका स्वर्गवास 19 तारीख को हुआ अंतिम संस्कार 20 तारीख को विधि विधान के साथ चकरभाटा में हुआ, 22 तारीख को आज, पगड़ी रस्म व
श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई चकरभाटा रेलवे स्टेशन रोड के पास मैदान में हुई ,इस शोक सभा में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में संत महात्मा, भक्तजन ,समाजसेवी देश के अलग-अलग प्रदेशों के शहरों से गांवो से बड़ी संख्या में पहुंचे थे, माता जी के चित्र पर पुष्प अर्पण कर श्रद्धा के दो फूल अर्पण कर उन्हें भाव भिनी श्रद्धांजलि अर्पित की पंडित पुरण शर्मा जी के द्वारा पगड़ी रसम विधि विधान के साथ संपन्न कराई गई ,

अलग-अलग दरबारों से संत महात्मा पहुंचे थे जिन्होंने शोक सभा में अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सभी ने अपने-अपने विचार व्यक्त किये और कहा कि धन्य है वह माता जिन्होंने अपने पूरे जीवन में हमेशा धर्म कर्म के कार्य किये अपनी संतान को भी वही दीक्षा संस्कार दिए और उनकी सादगी व उनकी मुस्कान ही उनकी पहचान थी यह मृत्यु लोक है यहां पर जो आया है वह एक दिन जाएगा जरूर चाहे राजा हो, रंक हो, संत हो, चाहे फकीर हो सबको जाना है पर कुछ आत्मा ऐसी होती हैं जो अपने कर्मों से अपने कार्यों से प्रभु के श्री चरणों में पहुंचती हैं और यह लोक के साथ-साथ उनका परलोक भी संवर जाता है और आत्मा अमर होती है,
ना कोई शस्त्र उसे काट सकता है ना अग्नि जला सकती है
न पानी डूबा सकता है

और संत महात्मा कहीं जाते नहीं है वे हमेशा यही निवास करते हैं अपनी अमृतवाणी में जो ज्ञान रूपी दीक्षा भक्तों को दी है वह हमेशा उस ज्ञान में रहते हैं उस ध्यान में रहते हैं बस शरीर बदलता है , आत्मा अमर है, संत जनो के
विचार और उनके पुनीत कार्य हमेशा भक्तों को सत मार्ग दिखाते हैं और अपने पीछे ऐसा लाल सांई लाल दास हमारी झोली में हमें दे गई है जो पूरे विश्व में भगवान झूलेलाल के नाम की अलख जगा रहे हैं और अपनी सेवा कार्यों से समाज का अपने पूज्य पिता का और संतों का नाम आगे बढ़ा रहे हैं और ऐसी पुनीत आत्मा के लिए रोना नहीं चाहिए 💧आंसू नहीं बहाना चाहिए उन्होंने अपने संसारिक यात्रा पूरी करके प्रभु के श्री चरणों में बैकुंठ धाम में पहुंची है उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि यही है कि उनके बताए हुए उनके दिखाएं मार्ग पर हम भी चले जैसे उनके सुपुत्र सांई लाल दास जी चल रहे हैं हम भी चले और अपने समाज का, अपने माता-पिता का नाम गर्व से ऊंचा करें .मां की कमी को कोई पुरा नही कर सकता यह सत्य है बच्चा कितना ही बड़ा क्यों ना हो जाए चाहे वह 50 साल का हो जाए लेकिन मां के लिए हमेशा वह बच्चा ही रहता है और माँ हमेशा यह पूछती है जब भी बच्चा आता है बाहर से बेटा कुछ खाया है कि नहीं , मां की ममता और प्रेम बड़े किस्मत वालों को मिलता है और वह तो हमारी ममतामयी मां थी पूज्यनीय धर्मि देवी जी जिसका नाम ही धर्मी है तो उन्होंने कितने सारे धर्म के कार्य किए हैं अपने नाम के अनुसार उन्होंने कार्य किया

( मां की महिमा अनंत है मुख से कही ना जाए तन मन धन अर पीके चरण रहु समाय)
अर्थात मां की महिमा अनंत है उसको आप वाणी से बोलकर लिखकर उसका बखान नहीं कर सकते और तन मन धन भी लगा दोगे तब भी उसके कर्ज से मुक्ति नहीं मिल सकती है मां के चरणों में ही वेद पुराण हैं मां के चरणों में ही चारो तीरथ हैं मां के चरणों में ही स्वर्ग है जिस जिसने भी यह जान लिया उसने प्रभु ईश्वर को पा लिया सभी ने अपने शब्दों के दो फूल अर्पित करके अपने विचार और व्यक्त करके और श्रद्धांजलि अर्पित की आज के इस शोक सभा में बड़ी संख्या में संत महात्मा और नेता तथा समाज के अनेक गणमान्य नागरिक पहुंचे थे जिनमें प्रमुख हैं पूज्य शदाणी
दरबार रायपुर के संत डा. युधिष्ठिर लाल साहब जी, मेहर शाह दरबार सतना से बाबा पुरुषोत्तम दास जी, अहमदाबाद से जगदीश भाई साहब जी, शिव शांति आश्रम लखनऊ से सांई हरीश लाल जी, गोदडी वाला धाम जलगांव से सांई देवीदास जी, पुणे से सांई सोनू महाराज जी, बाबा आनंद राम दरबार चकरभाटा से सांई कृष्ण दास जी, वशणशाह दरबार उल्हासनगर से सांई काली राम साहब जी के सुपुत्र सांई मनीत राम , बड़ौदा गुजरात से संत जी पहुंचे मां वैभव लक्ष्मी धाम मांढर से माता संतोषी देवी , मेहड़ दरबार कटनी से सांई नारायण दास जी के अलावा बड़ी संख्या में भाई साहब, संत महात्मा भी पहुंचे साथ ही बिल्हा नगर के विधायक धरमलाल कौशिक जी, भोपाल से भाजपा के विधायक भगवान दास सबनानी जी, छत्तीसगढ़ सिंधी पंचायत के अध्यक्ष महेश दरयानी, छत्तीसगढ़ भारतीय जनता पार्टी के मीडिया प्रभारी अमित चिमनानी, छत्तीसगढ़ सिंधी साहित्य अकादमी के पूर्व अध्यक्ष अमित जीवन ,रायपुर उत्तर के पूर्व विधायक श्री चंद सुंदरानी, भाजपा नेता प्रकाश बजाज ,छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ़ कॉमर्स से अध्यक्ष सतीश थौरानी,

रायपुर के समाज सेवी ललित जयसिंग, प्रेम बिरनानी , मोनू आहुजा, दुर्गा माता मंदिर मढी़ रायपुर के सेवादारी भी पहुंचे,
, छत्तीसगढ़ सिंधी साधु समाज के अध्यक्ष मुरलीधर उदासी, मनोहरलाल उदासी, जगदीश जज्ञासी बिलासपुर व अनेक भाई साहब भी विशेष रूप से उपस्थित रहे देशभर से अलग-अलग शहरों से बड़ी संख्या में भक्तजन भी पहुंचे व शोक पत्र द्वारा अपनी संवेदना व्यक्त की, साथ में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी ने भी अपना शोक पत्र व संदेश भेजा,
इस अवसर पर शोक सभा समापन के बाद , चाय बिस्किट पानी की व्यवस्था की गई थी व सभी के लिए प्रभु का प्रसादी के रूप में भोजन की व्यवस्था की गई थी,
इस पूरे कार्य में अपनी सेवा देने के लिए रायपुर की समाजसेवी संस्था बढ़ते कदम एवं सेवा पथ के सभी सदस्यों ने अपनी सेवाएं दी पूज्य सिंधी पंचायत चकरभाठा ,बाबा गुरमुख दास सेवा समिति, श्री झूलेलाल महिला सखी सेवा ग्रुप, पुलिस प्रशासन, नगर पालिका बोदरी के सभी कर्मचारी, पार्षदों, अध्यक्ष व कई सामाजिक संगठनों का सहयोग रहा व अपनी सेवाएं दी

आए हुए सभी अतिथियों का संत जनों का, नेताओं का, भक्तों का सम्मानीय जनों का, बाबा गुरमुख दास सेवा समिति ने आभार व्यक्त किया, इस पूरे शोक सभा को कवर करने के लिए हमर संगवारी के प्रधान संपादक विजय दुसेजा विशेष रूप से चकरभाटा पहुंचे, ओर कवर किया और ममतामयी माँ कलावती दुसेजा फाउंडेशन व हमर संगवारी परिवार की ओर से भी भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की