बिलासपुर :- अंग्रेजों गोरे के छक्के छुड़ाने वाले और हंसते हंसते फांसी पर चढ़ने वाले सिंधी समाज के लाडले,महान क्रांतिकारी अमर शहीद हेमू कालाणी के शहीदी दिवस पर पूज्य राष्ट्रीय सिंधी महापंचायत के राष्ट्रीय महामंत्री अमर बजाज ने श्रद्धा सुमन से उन्हें याद कर कहा कि उनका जीवन त्याग, साहस, और राष्ट्र प्रेम की अनुपम मिसाल है। जब वे किशोर वयस्क अवस्था के थे तब उन्होंने अपने जांबाज साथियों के साथ विदेशी सरकार का का जोरदार विरोध किया सन1942 में जब महात्मा गांधी ने भारत छोड़ो आन्दोलन चलाया तो हेमू कालाणी इसमें कूद पड़े और भारत की आजादी हेतु अंग्रेजों के विरुद्ध जोरदार आवाज उठा कर उनको चने चबा दिए और अंग्रेजों के शासन के विरोधो के कारण उन्हें 21 जनवरी 1943 को फांसी की सजा दी गई जब फांसी देने से पहले उनसे आखरी इच्छा पूछी गई तो उन्होंने कहां कि मुझे भारतीय होने पर गर्व है और मुझे अगला जन्म मिले तो इस पावन पवित्र धरती भारत में ही जन्म मिले और इन्कलाब जिंदाबाद और भारत माता की जय की घोषणा के साथ उन्होंने फांसी को स्वीकार किया सिंधी समाज के ऐसे वीर पुरुष जांबाज अमर शहीद हेमू कालाणी को शत – शत नमन उन्हें सादर श्रद्धांजलि , इस मौके पर सिंधी समाज के उपस्थित समस्त जनों ने माला अर्पण कर, दीप प्रज्वलित कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी