कैमोर कटनी जिले के कैमोर नगर से एक गौरवपूर्ण खबर सामने आई है, जिसने न केवल जिले बल्कि पूरे मध्यप्रदेश का नाम रोशन कर दिया है। डी.ए.वी. एसीसी पब्लिक स्कूल, कैमोर में कक्षा दसवीं में अध्ययनरत मेधावी छात्र सुब्रत गौतम ने भारतीय मानक ब्यूरो (Bureau of Indian Standards BIS) की प्रतिष्ठित ऑनलाइन परीक्षा में भारत वर्ष में प्रथम स्थान प्राप्त कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि से स्कूल, परिवार और पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है।
सुब्रत गौतम, पिता अजय मिश्रा (कॉन्टैक्टर) एवं माता नीलम मिश्रा, निवासी तिलक चौक, कैमोर, शुरू से ही पढ़ाई में अनुशासित, जिज्ञासु और मेहनती छात्र रहे हैं। BIS जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त करना किसी भी छात्र के लिए अत्यंत गौरव की बात है, लेकिन एक छोटे शहर से निकलकर पूरे देश में टॉप करना सुब्रत की असाधारण प्रतिभा और अथक परिश्रम को दर्शाता है।
भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) भारत सरकार के उपभोक्ता मामले मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत देश की सर्वोच्च मानक संस्था है। इसका मुख्य उद्देश्य उत्पादों और सेवाओं के लिए गुणवत्ता मानक तय करना, उन्हें लागू करना तथा उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना है। BIS हॉलमार्किंग, अनुरूपता मूल्यांकन और गुणवत्ता के प्रति जागरूकता फैलाने का महत्वपूर्ण कार्य करता है। ऐसे प्रतिष्ठित संस्थान की परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त करना यह साबित करता है कि सुब्रत न केवल शैक्षणिक रूप से सक्षम हैं, बल्कि गुणवत्ता, मानकों और जिम्मेदार नागरिकता की गहरी समझ भी रखते हैं।
इस शानदार सफलता पर डी.ए.वी. एसीसी पब्लिक स्कूल, कैमोर के प्रधानाचार्य श्री जी. के. उद्घाट, शिक्षक एवं मेंटर कमलेश मिश्रा सहित समस्त शिक्षकों एवं स्टाफ ने छात्र को बधाई दी और उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। विद्यालय प्रबंधन ने इसे स्कूल के लिए गर्व का क्षण बताया। गौरतलब है कि पूरे कटनी जिले में केवल डी.ए.वी. एसीसी पब्लिक स्कूल को ही BIS परीक्षा आयोजित कराने की मान्यता प्राप्त है, जो विद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता और विश्वसनीयता को दर्शाता है।
सुब्रत की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार और विद्यालय के लिए, बल्कि कैमोर, कटनी जिला और पूरे क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत है। यह सफलता यह संदेश देती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो, मार्गदर्शन सही हो और मेहनत सच्ची हो, तो छोटे शहरों से भी बड़े सपने पूरे किए जा सकते हैं।
आज सुब्रत गौतम की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर पूरा कटनी जिला गर्व महसूस कर रहा है। यह जीत केवल एक छात्र की नहीं, बल्कि शिक्षा, अनुशासन और समर्पण की जीत है।