रायपुर :- छत्तीसगढ़ सिंधी पंचायत के द्वारा 14 और 15 मार्च को एक सराहनीय कार्य सिंधियत जो मेलो का आयोजन किया जा रहा है जो कि पूर्ण रूप से निशुल्क (फ्री) रहेगा।
विगत दिनों छत्तीसगढ़ सिंधी पंचायत के महासचिव बलराम आहूजा जी एवं सुरेश पंजवानी जी एक निजी कार्य से बिलासपुर पहुंचे इस अवसर पर बिलासपुर के वरिष्ठ समाजसेवी मिलनसार हंसमुख व्यक्तित्व के धनी सिंधी युवक समीति के संरक्षक एवं कई सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारी सदस्य कैलाश मलघानी के व्यापार विहार स्थित कैलाश मार्केटिंग के ऑफिस में पहुंचे और उनसे मुलाकात की।बलराम आहूजा,सुरेश पंजवानी एवं कैलाश मालघानी जी के द्वारा वार्तालाप में समाज हित में कार्यों को लेकर बहुत सारी चर्चाऐं हुई एवं कार्यों का आदान-प्रदान किया गया।इसी कड़ी में बलराम भैया के द्वारा कैलाश भैया को जानकारी दी गई कि छत्तीसगढ़ सिंधी पंचायत के द्वारा एक और समाज हित में साहरनिय कार्य किया जा रहा है चेटीचंद्र भगवान झूलेलाल के जन्म उत्सव के अवसर पर रायपुर में 14 और 15 मार्च को भव्य अदभुत सुंदर सिंधियत जो मेलो का आयोजन किया जा रहा है।यह आयोजन रायपुर के एक विशाल एवं आलीशान होटल में किया जा रहा है। जिसमें सिंधी समाज के देश के अलग-अलग स्टार उभरते हुए युवा सिंगर युवक युवतियों दोनों का आगमन हो रहा है इस भव्य आयोजन में समाज के सभी लोगों का हमें सहयोग और मार्गदर्शन मिलता है जब कैलाश भैया ने इसके बारे में पूछा कि आपने इसका एंट्री फीस कितनी रखी है 1000 या 15 00..?तो बलराम भैया ने कहा कि यह कार्यक्रम समाज हित के लिए किया जा रहा है और समाज के सभी वर्गों के लिए किया जा रहा है और छत्तीसगढ़ पंचायत ऐसे कार्य के आयोजन में किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लेती है यह आयोजन बिल्कुल निशुल्क है फ्री है।….. समाज के सभी वर्गों के लिए और साथ ही इस कार्यक्रम में स्वादिष्ट व्यंजनों का भी लुप्त उठा सकते हैं। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों के लिए रात्रि भोजन कि व्यवस्था भी रखी गई है,जो कि पूर्णतः निःशुल्क होगी।इसका कोई भी पैसा या चार्ज नहीं लगेगा वह निशुल्क है।
इसे कहते है..आम के आम और गुठलियों के दाम… कार्यक्रम तो निःशुल्क रहेगा ही पर उसके साथ रात्रि भोजन भी निःशुल्क होगा।

आप अपने परिवार सहित सिंधियत जो मेलो कार्यक्रम मे पधारकर शानदार फाइव स्टार होटल में इस कार्यक्रम का लाभ लेवें ।आप भी आए और साथ में परिवार को भी ले कर आवे और कार्यक्रम का आनंद ले और स्वादिष्ट भोजन का लुफ्त उठाएं वह भी एक दिन नहीं पुर दो दिन।
उन्होंने आगे जानकारी देते हुए बताया कि इससे पहले भी सात दिवसीय सिंधी फेस्टिवल फिल्म का आयोजन किया गया था जो कि वहां के एक बड़े मॉल में आयोजित किया गया था उसमें भी लगभग 4 हजार लोगों ने इस फेस्टिवल का लाभ उठाया और सभी को निःशुल्क (फ्री)पास दिया गया था सभी ने आकर इस फिल्म का लाभ उठाया फिल्म को देखा और साथ ही कई ऐसे लोग आए थे जो पहली बार मॉल में पहुंचे थे जिन्होंने कभी माल नहीं देखा था और वहां पर आकर उन्होंने सिंधी फिल्म का आनंद लिया और उन्हें दुआएं दी आशीर्वाद दिया, उस आयोजन को भी सभी ने बहुत पसंद किया तो हमें आशा है कि इस सिंधियत जो मेलो के आयोजन को भी सभी लोग बहुत पसंद करेंगे।इससे पहले इनकी टिम बिलासपुर के एक ऐसे ही आयोजन में शामिल होने पहुंची थी उन्होंने जब उस प्रोग्राम को देखा तो उनको बहुत खुशी हुई थी उन्होंने कहा भी था कि हम भविष्य में ऐसे आयोजन रायपुर में भी करेंगे,और आज वह अपने वचनों पर बाकायदा खरे उतर रहे हैं और वह कार्यक्रम को कर रहे हैं , वह भी बिल्कुल निःशुल्क (फ्री)कर रहे हैं निश्चित होकर कर रहे हैं इसके लिए छत्तीसगढ़ सिंधी पंचायत शाबाशी और बधाई के पात्र हैं।अन्य पंचायत और संस्थाओं को भी छत्तीसगढ़ सिंधी पंचायत से सीख लेनी चाहिए की किस तरह समाज को आगे बढ़ाते हुए जोड़ते हुए सभी वर्गों का ख्याल रखते हुए ऐसे आयोजन कर रहे हैं और साथ ही निशुल्क कर रहे हैं।

दूसरी तरफ हमारी बिलासपुर की पूज्य सेंट्रल सिंधी पंचायत एवं सिंधी सेंट्रल युवा विंग जो इसके विपरीत कार्य करती है।?
लोगो से चंदा भी लेते हैं विज्ञापन भी लेते हैं।सहयोग राशि भी लेते हैं।और इंट्री फीस भी लेते है।
इंट्री फीस भी दो या चार सौ रुपए नहीं बल्कि 1000 से 1500 सौ रुपए….।
इतनी ज्यादा इंट्री फीस रखने से ऐसे मालूम पड़ता है जैसे कि निम्नवर्ग (गरीब) लोगो समाज के किसी आयोजन में ना आ सके और ना ही कोई भाग ले सके?
वहीं पर छत्तीसगढ़ सिंधी पंचायत के द्वारा निशुल्क आयोजन किया जा रहा है।
क्या बिलासपुर सेंट्रल सिंधी पंचायत में पैसे की कमी है क्या? पंचायत व सामाजिक संस्थाओं को इतना फंड नहीं है कि वह ऐसे आयोजन निशुल्क कर सके सिर्फ बड़े-बड़े वादे करने से और भाषण देने से कुछ नहीं होता है बल्कि धरातल पर उस पर अमल करने से होता है समाज का भला सिर्फ जुबानी खर्च से नहीं होता है बल्कि जमीनी स्तर पर दिल से ईमानदारी से कार्य करने से होता है।हमने जब इसके बारे में विचार मंथन किया तो हमें एक बात सबसे सामने नजर आई की बिलासपुर में सिर्फ एक ही ऐसा व्यक्ति है जो समाज को चला रहा है,सबको कंट्रोल में रखा है और वही सबको दिशा निर्देश देते रहता है।मानो बिलासपुर सिंधी समाज का भगवान ही वही है। जिसके चलते समाज हित जमीन के कोसो अंदर दबी और डूबी पड़ी है।जिससे समाज के लोगों का अपना हीत जमीन के ऊपर धरातल पर उभर कर नहीं आता है।इसी कारण यहां पर ऐसे आयोजन होते हैं जो निःशुल्क नहीं होते,और जो निःशुल्क होते है वह सिर्फ बड़े-बड़े धन्ना सेठो के लिए होते हैं निम्नवर्ग के लिए नहीं हो पाते हैं।सिर्फ पैसा कमाने के लिए बिलासपुर सेंट्रल सिंधी पंचायत और सेंट्रल युवा विंग आयोजन करता है? जबकि रायपुर में इसका विपरीत है वहां पर समाज हित को सबके ऊपर रखा जाता है सर्वोपरि रखा जाता है और जो हमें दिखाई भी देता है और धरातल पर भी नजर आता है उनका काम भी और उनका नाम भी।कैलाश मलघानी भाई ने भी कहा कि रायपुर में छत्तीसगढ़ सिंधी पंचायत अच्छे से कार्य कर रही है समाज हित के लिए कार्य कर रही है ऐसे ही कार्य छत्तीसगढ़ में सभी पंचायतो को अपने-अपने स्तर पर करने चाहिए और खासकर रायपुर के बाद बिलासपुर ही दूसरा सबसे बड़ा शहर है। सबसे ज्यादा पंचायते रायपुर के बाद अगर कहीं है तो बिलासपुर में है यहां कोई पैसे की कमी नहीं है कमी अगर है तो ईमानदारी से कार्य करने की है वह सभी को साथ लेकर मिलकर समाज हित के लिए आगे बढ़ाने की है।
कैलाश मार्केटिंग में आए अतिथियों बलराम आहूजा एवं सुरेश पंजवानी का कैलाश मालघानी द्वारा दुर्गा माता जी का छाया चित्र देकर उनका स्वागत और सम्मान किया , बलराम भैया एवं अन्य लोगों ने कैलाश भैया का धन्यवाद किया और उन्हें सिंधियत जो मेलो कार्यक्रम में शामिल होने के लिए निमंत्रण दिया कि वह सह परिवार शामिल होवे।
उन्होंने कहा कि हमें भी इंतजार है उस मेले का ताकि ऐसे आयोजन को अपने अखबार यूट्यूब और पोर्टल के माध्यम से जगह-जगह पहुंचा सके।
इस आयोजन के लिए रायपुर छत्तीसगढ़ सिंधी पंचायत को अग्रिम में लख लख बधाइयां एवं शुभकामनाएं….
जागो सिंधी समाज के भाइयों और बहनों