बिलासपुर :- त्रिमूर्ति शिव जयंती महोत्सव के इस आयोजन में होलोग्राफिक शिवलिंग के दर्शन साथ ही साथ शिव बाबा का रुद्राभिषेक एवं महा आरती का आयोजन किया गया तोरवा के पार्षद श्री मोतीलाल गंगवानी, अध्यापक कन्हैया तिवारी जी, स्वप्निल तिवारी जी,मोहन जैसवानी जी सहित बहुसंख्यक भक्तजन की उपस्थिति में आयोजन किया गया होलोग्राफी शिवलिंग के दर्शन 16 विभिन्न प्रकार के स्वरूपों का दर्शन कराया गया, अवसर पर वर्षीय तुम्हारी सृष्टि कश्यप द्वारा बहुत ही सुंदर मधुर भजन भोले तेरा नाम जपूं.. की प्रस्तुति दी गई, शत्रुघ्न कश्यप द्वारा एवं सीधराम जी ने संगत दी, रीना गंगवानी द्वारा भी हर, हर गंगे भजन की प्रस्तुति दी गई।।।।


कलयुग की घनघोर अंधेरी रात में जब चारों तरफ दुख तकलीफ परेशानियां बीमारियां बढ़ती जाती है जगह-जगह हवन ,यज्ञ, सत्संग, प्रवचन, कथाएं बढ़ती जाती है , ऐसी घनघोर रात्रि के समय परमात्मा शिव स्वयं अवतरित होकर मनुष्य को बुद्धि रूपी तीसरा नेत्र देकर ज्ञान की समझ देते हैं जिससे वह परमात्मा से स्वयं आत्मा रूपी तार को जोड़कर राजयोग के माध्यम से परमात्मा के गुण और शक्तियों को अपने जीवन में धारण करने का रास्ता बताते है, महाशिवरात्रि–महा शिवजयंती के पावन पर्व के उपलक्ष्य में मेंन रोड तोरबा में होलो ग्राफिक शिवलिंग 16 विभिन्न प्रकार के स्वरूपों का शिव दर्शन अनूठा दर्शन बिलासपुर नगर में पहली बार प्रजापिता ब्रह्माकुमारी परिवार द्वारा आयोजित किया गया है, महाशिवरात्रि के महत्व को समझाते हुए राजयोगिनी आदरणीय ब्रह्माकुमारी राखी दीदी ने परमात्मा का सत्य परिचय देते हुए बताया कि वर्तमान में कलयुग की सभी निशानियां हमें दिखाई दे रही है..
शास्त्रों में वर्णित जिसमें मुख्य रूप से , जब अनाज पैकेट में बिकेगा, दूध और पानी बोतल में बिकेगा, जब कन्या अपना व अपने मुख से मांगेगी, जब गाय विष्ठामें मुख डालेगी, जब एक माता-पिता पांच बच्चों को पाल लेंगे परंतु 5 बच्चे मिलकर भी एक माता-पिता को नहीं पाल पाएंगे, जब लड़के लड़की का श्रृंगार और लड़कियां लड़कों का श्रृंगार करेंगे, इस तरह की न जाने कितनी निशानियां जो वर्तमान में दिखाई दे रही है तभी परमात्मा अवतरित होकर हमारे भूले हुए आदि सनातन देवी देवता धर्म को , हमारे अंदर की आसुरी शक्तियों को खत्म कर दैवी शक्तियों को जागृत करने का कार्य करते हैं