चकरभाठा। नगर पालिका चकरभाठा के अंतर्गत कचरा प्रबंधन की बदहाली अब बेजुबान जानवरों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। नगर के कचरे को जिस स्थान पर डंप किया जा रहा है, वहां न तो कोई सुरक्षा घेरा है और न ही वैज्ञानिक पद्धति से कचरे का निस्तारण किया जा रहा है। इस घोर लापरवाही के कारण अब तक 3 गौ माताओं की अकाल मृत्यु हो चुकी है, जिससे स्थानीय नागरिकों और गौ-सेवकों में गहरा रोष व्याप्त है।
गंदगी का अंबार और गौवंश का संकट
नगर पालिका द्वारा पूरे शहर का कचरा खुले मैदान में अनियंत्रित तरीके से फेंका जा रहा है। इस कचरे के ढेर में भारी मात्रा में प्रतिबंधित प्लास्टिक, झिल्ली-पन्नियां और घातक अपशिष्ट पदार्थ शामिल हैं। चारे की तलाश में भटकते हुए गौवंश इस कचरे तक पहुँच रहे हैं और अनजाने में प्लास्टिक खा रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, गायों के पेट में भारी मात्रा में प्लास्टिक जमा होने के कारण उन्हें गंभीर संक्रमण हो रहा है, जो अंततः उनकी मृत्यु का कारण बन रहा है।
संक्रमण और बीमारियों का खतरा
सड़ते हुए कचरे और मृत पशुओं के कारण पूरे क्षेत्र में असहनीय दुर्गंध फैल रही है। इससे न केवल पशु संक्रमित हो रहे हैं, बल्कि आसपास रहने वाले रहवासियों के स्वास्थ्य पर भी बड़ा खतरा मंडरा रहा है। मक्खियों और मच्छरों के प्रकोप से संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका बढ़ गई है।
प्रशासन से मुख्य मांगें
क्षेत्र के नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने नगर पालिका प्रशासन और जिला प्रशासन से निम्नलिखित सुधारों की तत्काल मांग की है:
उचित डंपिंग व्यवस्था: कचरे को खुले में फेंकने के बजाय उसे ‘ट्रेंचिंग ग्राउंड’ या निर्धारित डंपिंग यार्ड में वैज्ञानिक तरीके से डिस्पोज किया जाए।
सुरक्षा घेरा (Fencing): डंपिंग साइट के चारों ओर तत्काल तार घेरा या दीवार बनाई जाए ताकि गौ माता और अन्य मूक पशु वहां प्रवेश न कर सकें।
प्लास्टिक पृथक्करण: कचरे से प्लास्टिक और झिल्ली को अलग करने के लिए मशीनों या सफाई कर्मियों की उचित तैनाती की जाए।
जांच और कार्रवाई: 3 गायों की मृत्यु के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं।
चेतावनी
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि शासन-प्रशासन ने इस दिशा में जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया और गौवंश की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की, तो वे उग्र आंदोलन और चक्काजाम करने के लिए बाध्य होंगे।