रायपुर :- भारतीय सनातन संस्कृति व सभ्यता का प्रतीक अंतर्राष्ट्रीय मानवता के सेवा केंद्र पूज्य शदाणी दरबार तीर्थ में शिव अवतारी सतगुरु संत राजाराम साहेब जी का 66 वां वर्सी महोत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया जा रहा है। ज्ञान यज्ञ और प्रेम भक्ति का अद्भुत संगम, संत राजाराम साहब जी का वार्षिक महोत्सव जिसमें संतों महात्माओं का आशीर्वाद निरंतर बरस रहा है, श्रद्धालु अपने मन की मुराद प्राप्त करते हैं, और जीवन जीने की कला के साथ नई ऊर्जा प्राप्त कर पूरे वर्ष के लिए चार्ज हो जाते हैं ।
वर्सी महोत्सव के द्वितीय दिवस का शुभारंभ प्रातः कालीन सत्र आशा दीवार एवं भजन- कीर्तन, आरती एवं अरदास के साथ हुआ। जिसमें मुख्य रूप से काशी विश्वनाथ से पधारे हुए महामंडलेश्वर संत गोविंदनंद जी महाराज ने अपने प्रवचन में गुरु के महत्व को प्रतिपादित करते हुए कहा की गुरु शरीर नहीं होते हैं, गुरु तत्व रूप में इस धरा पर परमेश्वर का अंश अवतार होते हैं, हमेशा अपने शिष्यों का पथ प्रदर्शन करते हैं, एवं हमेशा साथ रहते हैं।
आज का विशेष आकर्षण मातृशक्ति द्वारा निकाली गई 251 कलशो से युक्त विशाल कलश यात्रा जिसका उद्देश्य परिवार, समाज, नगर व राज्य तथा देश की सुख समृद्धि होता है। जिसे वैदिक विधि विधान द्वारा महामंडलेश्वर आचार्य स्वामी गोविंदनंद जी, हरिद्वार से पधारे स्वामी अभिषेक चैतन्य जी, एवं स्वामी मोहन दास जी की पंडिताई में शदाणी दरबार के नवम् पीठाधीश डॉक्टर संत युधिष्ठिर लाल जी के मार्गदर्शन में एवं गुरु माता दीपिका शदाणी जी के प्रेरणादायक सानिध्य में निकाली गई। इस पावन अवसर पर वृंदावन से पधारी भागवत विदुषी श्रीमती कीर्ति किशोरी जी ने भी अपनी आशिर्वादक उपस्थिति प्रदान की।
संत श्री जी ने कलश के महत्व को सभी के सामने सरल शब्दों में रखा।
आज का विशेष आकर्षण रात्रि लगभग 9:00 बजे शंख ध्वनि के साथ महा आरती।
विश्व प्रसिद्ध भजन गायक भगत अनिल तथा सुशील कुमार उदासी जी नागपुर, बलदेव चावला रायपुर ने अपने मधुर प्रेममय भक्ति भाव से ओत-प्रोत भजनों से भक्तों को भाव विभोर कर दिया।
प्रतिदिन अखंड भंडारा एवं मेडिकल कैंप अपनी अनवरत सेवाएं दे रहा है।