अमित कुमार की रिपोर्ट
रायपुर (छत्तीसगढ़), अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रायपुर के टाउन हॉल, कलेक्टरेट परिसर में आयोजित भव्य माता रमाई सम्मान समारोह में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर भाटापारा रविदास समाज की गौरवशाली महिला भजन गायिका मातेश्री सुमित्रा देवी भांडेकर को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान मातेश्री सुमित्रा देवी भांडेकर को मंच पर आमंत्रित कर उपस्थित अतिथियों के करकमलों से सम्मान प्रदान किया गया। यह सम्मान उन्हें भजन गायन और समाज सेवा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए दिया गया। सम्मान प्राप्त करते समय सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा और सभी ने उनके कार्यों की सराहना की।
इस दौरान मातेश्री सुमित्रा देवी भांडेकर ने मंच से भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर पर स्वयं की लिखी हुई एक प्रेरणादायक भजन प्रस्तुत की। उनके मधुर स्वर और भावपूर्ण प्रस्तुति ने वहां उपस्थित सभी लोगों का मन मोह लिया। गीत के माध्यम से उन्होंने बाबा साहेब के विचारों, संघर्ष और समाज के प्रति उनके महान योगदान को भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया। उनकी इस प्रस्तुति से पूरा सभागार भावविभोर हो गया और दर्शकों ने तालियों से उनका उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने भी उनकी सराहना करते हुए कहा कि समाज में ऐसे कलाकार और समाजसेवी प्रेरणा का स्रोत होते हैं, जो अपनी कला के माध्यम से समाज को जागरूक करने का कार्य करते हैं।
इस गरिमामय समारोह में मीनल चौबे, महापौर नगर निगम रायपुर, दिलीप वासनिक, सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी, महादेव कावरे (आईएएस), कमिश्नर रायपुर, प्रज्ञा मेश्राम, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, प्रेरणा धावर्डे, फिल्म “रमाई” की अभिनेत्री, कृष्णा चौहान, फिल्म “रमाई” की निर्देशक तथा रुक्मणी राजू रामटेके, माता रमाई फाउंडेशन की अध्यक्ष एवं संस्थापक सहित अन्य अतिथि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और शहर के गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रही। समारोह के माध्यम से महिलाओं के सम्मान, उनकी प्रतिभा और समाज में उनके योगदान को सराहते हुए नारी शक्ति को आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया।
सम्मान प्राप्त करने के बाद मातेश्री सुमित्रा देवी भांडेकर ने आयोजन समिति और कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे प्रेरणादायक कार्यक्रम लगातार होते रहने चाहिए। इससे समाज की महिलाओं को उत्साह और प्रेरणा मिलती है तथा हमारे जैसी नारी शक्तियों को आगे बढ़ने का अवसर मिलता है।