
बिलासपुर। सकरी क्षेत्र के आसमा सिटी निवासी व्यवसायी सतीश मिश्रा द्वारा अपने बेटे के बचाव में आयोजित प्रेसवार्ता के विरोध में बुधवार को संबंधित परिजन गुड्डू सिंह एवं श्रीमती साक्षी जोशी ने प्रेस क्लब, राघवेन्द्र राव सभा भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपना पक्ष रखा। परिजनों ने आरोप लगाया कि उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है और उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रेसवार्ता में परिजनों ने बताया कि 25 फरवरी को थाना सकरी से फोन कर उनके बेटे को पूछताछ के लिए बुलाया गया। वहां पहुंचने पर जानकारी दी गई कि सतीश मिश्रा के घर से करीब 85 लाख रुपये मूल्य का सोना गायब हुआ है, जिसमें उनके बेटे का नाम केवल दोस्त होने के आधार पर जोड़ा गया। पूरे दिन चली पूछताछ में कोई ठोस सबूत नहीं मिलने पर पुलिस ने उनके बेटे को क्लीन चिट देकर छोड़ दिया।
परिजनों का आरोप है कि करीब एक माह बाद उनके बेटे को सतीश मिश्रा के घर बुलाकर उस पर पैसों के लिए दबाव बनाया गया, गाली-गलौज की गई और मारपीट की धमकी दी गई। जब वे वहां पहुंचे तो उनके साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया और झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी गई।
उन्होंने बताया कि इसके बाद पुनः थाना बुलाकर यह आरोप लगाया गया कि उनके बेटे ने करीब 1 लाख 85 हजार रुपये एटीएम से निकाले हैं, जबकि इस संबंध में न तो कोई ठोस प्रमाण प्रस्तुत किया गया और न ही एफआईआर दर्ज की गई। परिजनों का कहना है कि उन्हें लगातार कई दिनों तक थाने में बैठाकर मानसिक रूप से परेशान किया गया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी खुलासा किया गया कि रात के समय अज्ञात नंबरों से कॉल कर “समझौता” करने का दबाव बनाया गया, जिसे उन्होंने अस्वीकार कर दिया। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि पूछताछ के दौरान सतीश मिश्रा ने अपने ही बेटे के साथ थाने में मारपीट की, जिसे उन्होंने रोकने का प्रयास किया।
परिजनों ने यह भी कहा कि बाद में एक वीडियो जारी कर उनकी छवि खराब करने की कोशिश की गई, जो बेहद निंदनीय है।
अंत में गुड्डू सिंह एवं श्रीमती साक्षी जोशी ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने और उनके परिवार को न्याय दिलाने की मांग की सह सचिव हरिकिशन गंगवानी सह सचिव बिलासपुर
