हेमुनगर, 22 अप्रैल।
आज पृथ्वी दिवस के अवसर पर हेमुनगर चौक में एक प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें “भारत माता” की आकर्षक झांकी के साथ अनेक भाई-बहनों ने भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण और आंतरिक शुद्धता का संदेश दिया। कार्यक्रम का वातावरण आध्यात्मिकता और जागरूकता से परिपूर्ण रहा, जहाँ उपस्थित नागरिकों को बाहरी स्वच्छता के साथ-साथ मानसिक स्वच्छता का भी महत्व समझाया गया।
इस अवसर पर ब्रह्माकुमारीज हेमुनगर केंद्र की बीके लता दीदी ने उक्त बातें कहते हुए समझाया कि “आज जिस प्रकार लोग प्लास्टिक और गंदगी के प्रति जागरूक हो रहे हैं, उसी प्रकार वर्तमान समय में परमपिता परमात्मा स्वयं धरती पर आकर हमें जागरूक कर रहे हैं कि हम अपने नकारात्मक और व्यर्थ संकल्पों को समाप्त करें। जब हम अपने विचारों को शुद्ध और सकारात्मक बनाते हैं, तभी सच्चे अर्थों में धरती को रहने योग्य बना सकते हैं।”
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को यह संदेश देना था कि जैसे हम प्लास्टिक और प्रदूषण को समाप्त कर धरती को स्वच्छ और सुंदर बना सकते हैं, वैसे ही अपने मन के “व्यर्थ संकल्पों” को समाप्त कर इस संसार को सुखमय और शांतिमय बनाया जा सकता है।
इस मौके पर नगर की महापौर पूजा विधानी जी भी उपस्थित रहीं। उन्होंने कार्यक्रम की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए कहा कि “ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आज के समय की आवश्यकता हैं। जिस प्रकार हम शहर को स्वच्छ और प्लास्टिक मुक्त बनाने का प्रयास कर रहे हैं, उसी प्रकार यदि हम अपने विचारों को भी स्वच्छ और सकारात्मक बनाएं, तो समाज में वास्तविक परिवर्तन आ सकता है।” उन्होंने सभी को इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
भाई-बहनों ने अपने संदेश में बताया कि आज की सबसे बड़ी चुनौती केवल बाहरी प्रदूषण नहीं, बल्कि आंतरिक नकारात्मकता भी है। जब व्यक्ति अपने अंदर के क्रोध, तनाव, ईर्ष्या और व्यर्थ विचारों को समाप्त करता है, तो उसका सकारात्मक प्रभाव समाज और पर्यावरण दोनों पर पड़ता है।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने इस संदेश को सराहा और संकल्प लिया कि वे न केवल प्लास्टिक का उपयोग कम करेंगे, बल्कि अपने जीवन में सकारात्मक सोच और शुद्ध संकल्पों को अपनाकर एक स्वच्छ और सुंदर समाज के निर्माण में योगदान देंगे।
अंत में, सभी ने मिलकर यह प्रतिज्ञा की कि वे अपने विचारों और कर्मों में परिवर्तन लाकर धरती को स्वच्छ, सुंदर और रहने योग्य बनाएंगे।
यह कार्यक्रम न केवल पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने में सफल रहा, बल्कि लोगों को आंतरिक शुद्धता और सकारात्मकता की ओर प्रेरित भी किया। 🌍✨
