दृढ़ संकल्प, आत्मविश्वास और अनुशासन के साथ डिफेंस सेवाओं में आगे बढ़े बेटियां : महिला आयोग अध्यक्ष श्रीमती विजया रहाटकर
डिफेंस व प्रशासनिक सेवाओं में बेटियों की भागीदारी बढ़ाने दिया गया मार्गदर्शन
बिलासपुर, 29 अप्रैल 2026/राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती विजया रहाटकर के नेतृत्व में स्व. लखीराम अग्रवाल ऑडिटोरियम में शी सर्व्स (She serves) कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महापौर श्रीमती पूजा विधानी, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल तथा एसएसपी श्री रजनेश सिंह, राष्ट्रीय महिला आयोग के डिप्टी डायरेक्टर श्री रामअवतार सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यशाला का उद्देश्य 16 से 23 वर्ष आयु वर्ग की छात्राओं को डिफेंस सर्विसेज एवं प्रशासनिक सेवाओं में करियर के लिए मार्गदर्शन प्रदान करना रहा।
इस अवसर पर राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती विजया रहाटकर ने कहा कि यह कार्यक्रम विशेष रूप से बेटियों को समर्पित है और इसका शुभारंभ 22 दिसंबर 2025 को रांची (झारखंड) से किया गया था।

देशभर में आयोजित इन कार्यशालाओं के माध्यम से छात्राओं तक पहुंचकर उन्हें रक्षा सेवाओं के प्रति जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज भी कई बेटियां जानकारी के अभाव में डिफेंस सेवाओं में पीछे रह जाती हैं, जबकि उनमें असीम क्षमता और देश सेवा का जज्बा होता है। ऐसे कार्यक्रम उन्हें सही दिशा देने का माध्यम बन रहे हैं। अध्यक्ष ने कहा कि भारत की बेटियां अनुशासन, सेवा भाव और मजबूत चरित्र के साथ देश की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर तैनात महिला सैनिकों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि बेटियां आज पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर देश की सुरक्षा में योगदान दे रही हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को मिल रहे अवसरों का उल्लेख करते हुए कहा कि आज महिलाएं फाइटर जेट उड़ान से लेकर विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। इस दौरान उन्होंने अवनी चतुर्वेदी का उदाहरण देते हुए छात्राओं को बड़े लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि वे दृढ़ संकल्प, आत्मविश्वास और अनुशासन के साथ डिफेंस सेवाओं में आगे बढ़ें और देश सेवा में भागीदार बनें। कार्यक्रम में महापौर श्रीमती पूजा विधानी ने बेटियों को डिफेंस एवं प्रशासनिक सेवाओं में आगे आने के लिए प्रेरित किया।
कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने कहा कि भारत की संस्कृति में नारी शक्ति को सदैव सर्वाेच्च स्थान दिया गया है। उन्होंने कहा कि आज समय बदल चुका है और हर क्षेत्र में बेटियों के लिए अवसर उपलब्ध हैं। डिफेंस, पुलिस एवं प्रशासनिक सेवाएं केवल करियर नहीं बल्कि राष्ट्र सेवा का माध्यम हैं। उन्होंने छात्राओं को मानसिक रूप से मजबूत बनने, लक्ष्य स्पष्ट रखने, नियमित अध्ययन करने और शारीरिक रूप से फिट रहने की सलाह दी। यदि युवा अपने भीतर की क्षमता को पहचानकर निरंतर प्रयास करें, तो वे निश्चित रूप से अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं और देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
कार्यक्रम में एसएसपी श्री रजनेश सिंह ने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी शक्ति को सृजन, शक्ति और नेतृत्व का प्रतीक माना गया है। प्रत्येक बालिका के भीतर असीम ऊर्जा और क्षमता होती है, जिसे सही दिशा में लगाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आज बेटियां पुलिस, सेना में उत्कृष्ट कार्य कर रही हैं और समाज के लिए प्रेरणा बन रही हैं। एसएसपी ने यह भी कहा कि आज के दौर में आकर्षण और भटकाव से दूर रहकर पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और शारीरिक प्रशिक्षण पर ध्यान केंद्रित करना जरूरी है। उन्होंने बताया कि यूपीएससी जैसी परीक्षाओं में भी बड़ी संख्या में बेटियां सफलता प्राप्त कर रही हैं, जो उनकी क्षमता का प्रमाण है। कार्यशाला में एडिशनल एसपी सुश्री रश्मित कौर चावला एवं सीआरपीएफ की असिस्टेंट कमांडेंट सुश्री कलावती ठाकुर ने छात्राओं को रक्षा सेवाओं में चयन प्रक्रिया, आवश्यक योग्यताओं एवं तैयारी के विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को देश सेवा के लिए प्रेरित करते हुए उन्हें अपने सपनों को साकार करने हेतु निरंतर प्रयास करने का संदेश दिया गया
