सच का आईना
बिलासपुर सिंधी समाज की शान छत्तीसगढ़ का गौरव कहे जाने वाले श्री झूलेलाल मंगल धाम पर लगातार कुछ समय से सोशल मीडिया में वह अखबारों में कई सारे बातें छप रही है वह सामने आ रही है इसमें सबसे बड़ी जो बात है वह कहा जा रहा है कि झूलेलाल मंगल धाम भ्रष्टाचार बेईमानी 420 सी रिश्वतखोरी का अड्डा बना है? नया घर बना है?
समाज के बड़े वरिष्ठ बुजुर्ग जनों के सहयोग से मार्गदर्शन से मेहनत से यह मंगल धाम के लिए छत्तीसगढ़ शासन से जमीन मिली थी सिंधी समाज को अगवाई जो की गई थी वह पूज्य सिंधी सेंट्रल पंचायत ने की थी उसके अधीन में रहकर सभी वरिष्ठ जनों ने अन्य लोगों ने मिलकर इसके लिए प्रयास किया और उस समय के मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह जी ने दो एकड़ जमीन तिफरा में दी गई और भवन का सपना देखा गया जो साकार रूप के लिए पहला कदम था फिर इसका भूमि पूजन भी डॉक्टर रमन सिंह जी के द्वारा किया गया और लाखों रुपए शासन की तरफ से भी सहयोग राशि मिली विधायक निधि से भी मिली समाज से भी इसके लिए सहयोग लिया गया न्यूनतम 11000 अधिकतम 5 लाख 10 लाख तक समाज के दानदाताओं ने सहयोग किया और एक भव्य सुंदर झूलेलाल मंगल धाम बना अब बात यहीं पर आकर गोल माल हो जाती है और यही से खेल शुरू होता है आरंभ जिस व्यक्ति ने जमीन के लिए पर्दे के पीछे रहकर कार्य किया उस व्यक्ति का कहीं भी कोई नामोनिशान नहीं है ना अखबारों में फोटो है ना ही दीवाल में जो नेम प्लेट लगी है उसमें नाम है आज तक उस व्यक्ति का नाम लेने वाला कोई नहीं है असल में पर्दे के पीछे रहकर रायपुर में बृजभान भैया के सहयोग से उन्होंने यह जमीन समाज को दिलवाने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी आज उस व्यक्ति का कोई नाम नहीं ले रहा है भुला दिया गया है क्योंकि वह व्यक्ति अब ईस दुनिया में नहीं रहा इसलिए उसे गुमनामी में अंधेरे कोठी में बंद कर दिया गया यहीं पर दो व्यक्ति जो इसके ट्रस्टी थे जिन्होंने मेहनत की थी और दान भी अच्छा दिया था वह जब स्वर्गवास हो जाते हैं तो उनको पूजा जाता है उनका हर जगह उनका नाम लिया जाता है क्यों क्या वे पैसे वाले थे इसलिए?
और जो व्यक्ति मेहनत करके सेवा करके चला गया उसका नाम नहीं ले रहे हैं क्योंकि वह मध्यम वर्ग का था इसलिए?

धीरे-धीरे अब कहानी आगे शुरू होती है भवन अच्छा बना सुंदर बना बढ़िया बना पूरे छत्तीसगढ़ में नाम पेलता गया कइ लोग आते गए कार्यक्रम करते गए शादी विवाह कार्यक्रम होते रहे दूर-दूर से लोग आते हैं देखते हैं कुछ सालों में ही यह पूरे भारत में एक अपनी अलग पहचान बना लिया पर यहीं से खेल शुरू हो गया 2014 से जब इस भवन के नाम से एक अलग से समिति बनाई गई झूलेलाल सेवा समिति और खेल में पॉइंट अब आया जब इस समिति का पंजीयन कर दिया गया जमीन मिली सिंधी समाज को पूज्य सिंधी सेट्रल पंचायत के नाम से तो फिर इसका अलग से समिति बनाकर पंजीकरण क्यों कराया गया?
ताकि भ्रष्टाचार बेईमानी का अड्डा बनाया जा सके?
समाज के पैसे का अपने धंधे में इस्तेमाल किया जा सके? अपने शोक को पूरा करने के लिए खर्च किया जा सके?
और सबसे मजे की बात यह है कि जब यह समिति बनाई गई इसका संविधान बनाया गया तो उसके संविधान में जो जो नियम लिखे गए हैं अगर आप इसे संविधान पढ़ेंगे तो आप खुद हैरान हो जाएंगे किस तरह इनके दिमाग में पहले से ही बेमानी रिश्वतखोरी 420 सी कूट-कूट कर भरी थी?
और 10 सालों तक किसी को संविधान की कॉपी भी नहीं मिली थी संविधान क्या है वह भी पता नहीं था? कुछ चंद लोगों को पता था ?बस जब सावधान की कॉपी के लिए कुछ वर्ष पूर्व हमने आवेदन दिया तो हमें कापी नहीं दी गई थक हार कर आरटीआई लगाकर हमने संविधान की कॉपी निकाली और जब संविधान को पढ़ा तो हमारे पैरों तले जमीन खिसक गई क्योंकि जो संविधान में बातें लिखी गई थी उस पर अमल नहीं किया जा रहा था? बल्कि इससे उलट अमल किया जा रहा था ?सरकार को भी धोखा दे रहे थे समाज को भी धोखा दे रहे थे?
और अपना एक अलग ही दिमाग में संविधान बनकर चल रहे थे जैसे बंगाल में ममता अपना शासन चला रही थी उसी तरह यहां पर भी सिंडिकेट बनाकर शासन चलाया जा रहा है ?और जो इसके खिलाफ आवाज उठाता है ममता की तरह यहां पर भी उन लोगों पर टॉर्चर किया जाता है? अलग-अलग तरीकों से?
पर अंत में जीत सत्य की होती है न्याय की होती है जैसे बंगाल में हुई वैसे यहां बिलासपुर में भी होगी, विगत 3 सालों से यह लड़ाई में लड़ रहा हूं कई झूठे आरोप मुझ पर लगाए गए मैरे खिलाफ एडीशनल एसपी थाना कोर्ट तक गए बिलासपुर से लेकर रायपुर तक संत से लेकर महात्मा तक नेता से लेकर अभीनेता तक सब जगह गए , सोशल मीडिया में झूठी कहानी लिखी गई मुझे बादनाम करने के लिए मेरा हुक्का पानी बंद कर दिया गया मुझे परेशन करने के लिए पर मैं झुका नहीं मैं टूटा नहीं लड़ रहा हूं आज भी लड़ रहा हूं अपने लिए नहीं समाज के लिए सत्य के लिए संनासन के लिए आने वाली पीढ़ी के लिए मैने एक बर नहीं 1000 बार कहा की अगर मैं गलत हूं तो समाज की बैठक बुलाईये साबित कीजिए मुझे समाज के सामने सजा दिजिए मुझे मंजूर है पर किसने अमल नहीं किया क्योंकी वह जानते हैं की मैं सही हूं , इस लिए मझ पर झुठेआरोप लगा सकते हैं साबित नहीं कर सकते हैं मुझे परेशान कर सकते हैं पर मुझे झुका नहीं सकते और इस कहानी का भी अंत होगा और पापियों को भी सजा मिलेगी और जो ये सब गलत काम कर रहे हैं उनके चेहरे भी सबके सामने आएंगे बहुत जल्द आएंगे कहानी बहुत लंबी है एक-एक करके राज खोलूंगा सबका पर्दा फास्ट करूंगा इंतजार करना अगले अंक में कहानी का पार्ट 2 बताऊंगा कि किस तरह उन्होंने गोलमाल किया और कर रहे हैं जुड़े रहना सच के साथ न्याय के साथ धर्म के साथ समाज के साथ देश के साथ
सत्यमेव जयते
