विजय की ✒कलम
(2024 में ममता ने एकला चलो रे का नारा दिया था और 2026 में चुनाव हारने के बाद, साथ में चलो रे नारा दे रही है)
देश :- हर समय एक जैसा नहीं रहता है कभी धूप है तो कभी छांव भी है, दिन है तो रात भी है सूरज है तो चांद 🌙 भी है धरती है तो आकाश भी है पर अहंकार किसी को नहीं करना चाहिए चाहे वो गरीब हो चाहे वह अमीर हो अहंकार आज तक किसी का न टिका है न कभी टिकेगा इसके कारण ही रावण की मौत हुई थी कंस की मौत हुई थी और बड़े-बड़े नेताओं की हार भी हुई है सत्ता का नशा पैसे का नशा और घमंड अलंकार कभी नहीं करना चाहिए जो ममता कम्युनिस्ट पार्टी के खिलाफ जनता के हित के लिए लड़ी थी नंदीग्राम से आवाज उठाई थी कांग्रेस पार्टी छोड़ी अपनी पार्टी बनाई थी जनहित का नाम लेकर सत्ता में आई थी पर धीरे-धीरे अपना फर्ज भूल गई अपने धर्म को भूल गइ अपने कर्म को भूल गइ और अहंकार सर चढ़कर बोल रहा था बंगाल को अलग देश समझ रही थी भारत के कानून को भारत के संविधान को तोर मरोड़ रही थी वहां के जनता पर अत्याचार कर रही थी खासकर हिंदुओं पर एक धर्म को खुश करने के लिए अपने ही धर्म के लोगों पर अत्याचार यह कहां का इंसाफ है?

बांग्लादेश और बंगाल में कोई फर्क नहीं था दोनों जगह हिंदुओं पर अत्याचार ही अत्याचार हो रहा था दुख इस बात का था कि अपने देश में ही हम बेगाने थे और कुछ कर नहीं पा रहे थे सबसे बड़ी बात तो यह थी केंद्र सरकार भी चुप थी जबकि धारा 356 लगाकर सरकार को हटा देना चाहिए पहले ही, पर उसे पता था कि बहुमत हमारे पास नहीं है इसलिए वह भी शांति से बैठी थी की जनता ही इसका फैसला करेगी और जनता ही उखाड़ कर फेंकेगी और हुआ भी वही हिंदू जगा और भ्रष्ट सरकार को उखाड़ कर फेंका लेकिन कहते हैं
(रस्सी जल गई बल नहीं गया)
वह हाल आज ममता का हो गया है हार के बाद भी घमंड अहंकार कम नहीं हो रहा है अटल बिहारी का जो सपना था वह साकार हुआ भाजपा के श्यामा प्रसाद मुखर्जी का सपना भी साकार हुआ उनकी जमीन उनके घर में आज उन्हीं की पार्टी की सरकार बनी बहुत मेहनत की एक-एक कार्यकर्ता ने और इस लड़ाई में इस युद्ध में सबसे ज्यादा अगर ताकत दिखाई है तो वहां की जनता ने दिखाई है हिंदुओं ने दिखाइ जो एक होकर घर से बाहर निकले और अपने अंतर आत्मा की आवाज को सुना और ममता की सरकार को उखाड़ फेंका इसमें कहीं दो मत नहीं है चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट हाई कोर्ट ने भी सच का साथ दिया न्याय का साथ दिया तब जाकर यह निष्पक्ष इमानदारी से चुनाव हो पाया और निडर होकर जनता बाहर निकली शायद ही कोई दुनिया का दूसरा कोई देश होगा जहां पर इतने सारी राजनीतिक हत्याएं हुई हैं नेताओं की कार्यकर्ताओं की और आज भी हो रही हैं अब यह सिलसिला बंद होना चाहिए जैसा की छुबेंदु अधिकारी ने कहा है अब यहां पर कानून का राज चलेगा विश्वास है न्याय नीति धर्म से सरकार कार्य करेगी और भली हम संनातनी की सरकार कहें पर दूसरे धर्म के लोगों को भी हम कहना चाहेंगे वह घबराएं नहीं सबका मान सम्मान होगा इज्जत से रहेंगे ईमान से रहेंगे शांति से रहेंगे ईमानदारी से रहेंगे और देश को अपना देश मानेंगे बंगाल को अपना मानेंगे सबको अपना भाई मानेंगे संविधान पर चलेंगे तो उनको कुछ नहीं होगा जिन-जिन लोगों ने गलत किया है अत्याचार किया है उनको उनके पाप की सजा तो जरूर मिलेगी और मिलनी भी चाहिए घुस पेटिये को वापस उनको घर भेजना चाहिए पापियों को अत्याचारियों को बलात्कारी को उनको उनके कर्मों के हिसाब से कानूनी तौर पर सजा मिलनी चाहिए अब शांति से बंगाल का विकास और जनता का विकास होना चाहिए , बंगाल सिर्फ एक प्रदेश ही नहीं बल्कि वह देश का दिल भी है क्योंकि बंगाल के साथ बांग्लादेश पाकिस्तान और चीन के तार भी जुड़ते हैं वह उसे अस्थिर करना चाहते हैं ताकि उनको पता है कि बंगाल अस्थिर रहेगा तो भारत भी अस्थिर हो पाएगा इसीलिए बंगाल की शांति ही भारत का विकास और बंगाल का विकास को नई दिशा देगी नई सरकार को मुश्तेगी से काम करने की जरूरत है क्योंकि खड्डा बहुत बड़ा है इसे भरना भी बहुत जरूरी है दुख तकलीफ भी ज्यादा है लोगों के दिलों में घाव भी ज्यादा है तो मलहम लगाना भी जल्दी-जल्दी जरूरी है एक बात याद रखें सत्ता के नशे में और घमंड मत करना ईमानदारी से कार्य करना जनता बड़ी है देश बड़ा है आप नहीं यह बात को याद रखना सबका साथ सबका विकास सबके साथ मिलकर ही करना भाजपा का हुआ सपना साकार नई सरकार और भाजपा को भी बहुत-बहुत बधाइयां और शुभकामनाएं बंगाल के विकास के लिए बंगाल की जीत के लिए
संपादकीय
