हंसपुर रामनरेश हत्याकांड में नया मोड़
पीड़ित पक्ष ने एसपी से की शिकायत, कहा – “एसडीएम वाले केस में बयान बदल दो, नहीं तो कुछ भी हो सकता है”
बलरामपुर / कुसमी। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के कोरंधा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत हंसपुर में हुए बहुचर्चित रामनरेश हत्याकांड में अब एक नया और गंभीर मोड़ सामने आया है। इस चर्चित मामले में घायल एवं प्रत्यक्षदर्शी पक्षकारों ने पुलिस अधीक्षक बलरामपुर को लिखित शिकायत सौंपते हुए आरोप लगाया है कि न्यायालय में आरोपी पक्ष के समर्थन में बयान देने के लिए उन पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है। शिकायत में रुपये-पैसे का प्रलोभन देने, जान-माल की धमकी देने तथा गवाहों को प्रभावित कर न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
पीड़ित पक्ष की ओर से ग्राम हंसपुर निवासी अजीत राम उरांव एवं आकाश कुमार ने पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर बताया है कि 15 फरवरी 2026 की रात वे मृतक रामनरेश के साथ खेत में गेहूं की फसल में पानी पटाने के बाद घर लौट रहे थे। आरोप है कि इसी दौरान रास्ते में तत्कालीन एसडीएम कुसमी करुण डहरिया एवं अन्य लोगों ने उन्हें रोक लिया और अवैध उत्खनन करने का आरोप लगाते हुए लाठी-डंडों, लोहे के रॉड तथा हाथ-मुक्कों से बेरहमी से मारपीट की। घटना में रामनरेश सहित अन्य लोगों को गंभीर चोटें आई थीं। बाद में उपचार के दौरान रामनरेश की मौत हो गई थी।
इस मामले में थाना कोरंधा में अपराध क्रमांक 03/2026 दर्ज किया गया था। पुलिस विवेचना के बाद प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1), 115(2), 109(1), 296, 238, 3(5) सहित एससी-एसटी एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत अंतिम अभियोग पत्र विशेष न्यायालय रामानुजगंज में प्रस्तुत किया जा चुका है। वर्तमान में यह मामला विशेष सत्र प्रकरण क्रमांक 13/2026 के रूप में विशेष न्यायाधीश (एट्रोसिटी) न्यायालय में विचाराधीन है।
“रुपये ले लो और बयान बदल दो” – शिकायत में गंभीर आरोप
पीड़ित पक्ष द्वारा दी गई शिकायत के अनुसार लगभग एक सप्ताह पूर्व आवेदक आकाश कुमार बस से कुसमी जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में ग्राम खजुरी निवासी शोयब अंसारी एवं जाबीर अंसारी उससे मिले। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि दोनों ने उससे कहा –
“कुछ रुपये-पैसे ले लो और एसडीएम वाले प्रकरण में बयान बदल दो।”
आकाश कुमार द्वारा कथित प्रस्ताव को ठुकराने के बाद 22 मई 2026 को शोयब अंसारी उसके घर पहुंचा। उस समय आकाश घर पर नहीं था। आरोप है कि तब उसके पिता से कहा गया कि रुपये लेकर बयान बदल दो, नहीं तो आरोपी पक्ष के लोग “कुछ भी कर सकते हैं।”
इन आरोपों के सामने आने के बाद अब मामले ने और अधिक संवेदनशील रूप ले लिया है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि लगातार दबाव बनाकर न्यायालयीन प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है।
एसडीएम कार्यालय में कोरे कागज पर हस्ताक्षर कराने का भी आरोप
शिकायत में एक और गंभीर आरोप लगाया गया है। आवेदन के अनुसार घटना के बाद एसडीएम कार्यालय कुसमी से नोटिस भेजकर उन्हें बुलाया गया था। वहां पहुंचने पर उनसे सादे एवं कोरे कागजों पर हस्ताक्षर करा लिए गए, जबकि उनका कोई आधिकारिक बयान दर्ज नहीं किया गया।
आवेदकों का कहना है कि उन्होंने एसडीएम कार्यालय में घटना के संबंध में कोई बयान नहीं दिया था, बावजूद इसके उनसे हस्ताक्षर कराए गए। इस आरोप के बाद अब पूरे मामले में नई आशंकाएं और सवाल खड़े हो गए हैं।
पहले ही तय हो चुके हैं गंभीर धाराओं में आरोप
गौरतलब है कि हाल ही में न्यायालय द्वारा आरोपी करुण डहरिया एवं अन्य आरोपियों के विरुद्ध हत्या, हत्या के प्रयास, साक्ष्य छिपाने तथा एससी-एसटी एक्ट की गंभीर धाराओं में आरोप तय किए जा चुके हैं। ऐसे समय में गवाहों को प्रभावित करने के आरोप सामने आने से मामले की संवेदनशीलता और बढ़ गई है।
गवाह सुरक्षा और निष्पक्ष जांच की मांग
पीड़ित पक्ष ने पुलिस अधीक्षक बलरामपुर से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, गवाहों को सुरक्षा प्रदान की जाए तथा दबाव और प्रलोभन देने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
शिकायत सामने आने के बाद अब क्षेत्र में यह चर्चा भी तेज हो गई है कि क्या बहुचर्चित हंसपुर रामनरेश हत्याकांड में न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं पुलिस प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर अब सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
