बिलासपुर। रेलवे द्वारा बिलासपुर रेलवे गुड्स शेड को बंद कर समस्त माल परिवहन कार्य उसलापुर रैक प्वाइंट से संचालित करने के निर्णय के बाद सैकड़ों मजदूरों, ट्रक मालिकों और चालकों के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। इस निर्णय के विरोध में रेलवे कामगार मजदूर यूनियन एवं नया मालगोदाम ट्रक मालिक संघ के पदाधिकारियों और सदस्यों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया तथा जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वर्षों से बिलासपुर रेलवे रैक प्वाइंट पर कार्य कर रहे श्रमिकों और परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों की रोजी-रोटी अचानक प्रभावित हो गई है। रेलवे के इस फैसले से करीब 200 से अधिक मजदूर परिवारों के समक्ष आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है, वहीं 50 से अधिक ट्रक मालिकों तथा लगभग 300 चालक, सहचालक और हेल्परों के रोजगार पर भी खतरा मंडराने लगा है। यूनियन पदाधिकारियों ने बताया कि रेलवे कामगार मजदूर यूनियन वर्ष 1971 से श्रमिक हितों की रक्षा के लिए संघर्षरत है। अचानक कार्यस्थल परिवर्तन और गुड्स शेड बंद किए जाने से मजदूरों में असुरक्षा और नाराजगी का माहौल है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि उसलापुर रैक प्वाइंट पर कार्य प्रारंभ करने से पूर्व पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था, श्रमिक सुविधाएं और प्रशासनिक सहयोग सुनिश्चित किया जाए। नया मालगोदाम ट्रक मालिक संघ ने भी चिंता जताते हुए कहा कि गुड्स शेड बंद होने से परिवहन व्यवसाय पर प्रतिकूल असर पड़ा है। माल ढुलाई कार्य प्रभावित होने से ट्रांसपोर्ट सेक्टर से जुड़े लोगों के समक्ष बेरोजगारी और आर्थिक तंगी की स्थिति बन गई है। इसका सीधा असर उनके परिवारों और बच्चों की शिक्षा पर भी पड़ेगा।
दोनों संगठनों ने जिला प्रशासन से मांग की कि श्रमिकों और ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों के हितों को ध्यान में रखते हुए शीघ्र समाधान निकाला जाए। साथ ही उसलापुर रैक प्वाइंट में कानून व्यवस्था बनाए रखने तथा संभावित विवादों को रोकने के लिए सुरक्षा बल तैनात करने की मांग भी की गई है।
