
बिलासपुर शहर के सबसे पुराने और ऐतिहासिक बुधवारी बाजार में हुई भीषण आगजनी की घटना पर कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने गहरा दुख व्यक्त किया है। आपदा की इस घड़ी में पीड़ित व्यापारियों को संबल देने और उनके साथ एकजुटता प्रदर्शित करने के लिए कैट का शीर्ष नेतृत्व विशेष रूप से रायपुर से बिलासपुर पहुंचा।कैट के राष्ट्रीय वॉइस चेयरमैन अमर पारवानी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जितेन्द्र गांधी और प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष राकेश ओछवानी ने बिलासपुर जिला अध्यक्ष हीरानंद जयसिंह एवं स्थानीय टीम के साथ तुरंत प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया।

पदाधिकारियों ने जय हिन्द साइकिल स्टोर के सुरेंद्र अजमानी, डॉली ड्रेसेस के भरत केरवानी सहित आगजनी से प्रभावित पीड़ित और उनके परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने सभी पीड़ितों को ढांढस बंधाया और इस संकट काल में व्यापारिक समुदाय को हर संभव मदद का भरोसा दिया।इस मौके पर कोषाध्यक्ष आशीष अग्रवाल, कार्यकारी अध्यक्ष दिलीप खेंडेलवाल, युवा अध्यक्ष नमित सलूजा और महामंत्री अनिल राघवानी ,परमजीत उबेजा, विष्णु गुप्ता, प्रमोद वर्मा, प्रवीण सलूजा, हरदीप होरा सहित कैट परिवार के अनेक सदस्य भी वहां पहुंचे।आपदा क्षेत्र का जायजा लेते हुए कैट के राष्ट्रीय वॉइस चेयरमैन अमर पारवानी ने कहा, “यह घटना बेहद दुखद है। व्यापारिक समाज एक परिवार की तरह है और संकट की इस घड़ी में पूरा कैट परिवार पीड़ितों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है।

हम व्यापारियों के व्यवसाय को दोबारा खड़ा करने के लिए हर संभव सहयोग करेंगे।”व्यापारियों को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती का भरोसा देते हुए कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जितेन्द्र गांधी ने कहा, “कैट का राष्ट्रीय नेतृत्व संकट की इस घड़ी में पूरी मजबूती से बिलासपुर के व्यापारियों के साथ है। हम पीड़ितों को अकेला नहीं छोड़ेंगे और व्यापारिक हितों की रक्षा के लिए हर आवश्यक मदद और संसाधन सुनिश्चित करेंगे।”स्थानीय स्तर पर तुरंत मोर्चा संभालते हुए बिलासपुर जिला अध्यक्ष हीरानंद जयसिंह ने कहा, “बिलासपुर कैट की टीम पीड़ित परिवार और प्रभावित व्यापारियों के पुनर्वास के लिए चौबीसों घंटे तत्पर है। हम स्थानीय प्रशासन से तुरंत संपर्क कर राहत कार्यों और आवश्यक व्यवस्थाओं में तेजी लाएंगे ताकि व्यापार जल्द शुरू हो सके।”प्रांतीय संगठन की ओर से पूर्ण सहयोग को रेखांकित करते हुए प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष राकेश ओछवानी ने कहा, “कैट की प्रांतीय इकाई पीड़ितों को त्वरित प्रशासनिक राहत दिलाने, बीमा दावों (Insurance Claims) का समय पर निपटारा कराने और उनके पुनर्वास के लिए जिला प्रशासन व राज्य सरकार से हर स्तर पर मजबूत पैरवी करेगी।”
विगत एक सप्ताह के अंदर बिलासपुर में यह दूसरी 🔥आगजनी की घटना है इससे पूर्व में भी व्यापार विहार स्थित एक तेल कि दुकान में वह उसके ऊपर गोदाम में भीषण आग लगी थी उसमें भी लाखों का नुकसान हुआ और दोनों में एक बात कामन यह रही कि आग बुझाने वाली दमकल लेट से पहुची ? अगर जल्दी से पहुंचती या वहाँ पर उपस्थित होती तो 🔥आग में जल्दी से काबू पाया जा सकता था वह नुकसान कम होता प्रशासन व नगर निगम को अब इस बात की ओर ध्यान देना चाहिए,

बिलासपुर अब छोटा शहर नहीं रहा बल्कि महानगर बन चुका है बड़े-बड़े व्यापारिक क्षेत्र बन चुके हैं आबादी बढ़ चुकी है और वैसे भी बुधवार बाजार सबसे पुराना मार्केट है और रेलवे क्षेत्र का सबसे बड़ा मार्केट है तो ऐसे बड़े और पुराने मार्केट में नगर निगम के द्वारा 24 घंटा पानी की भारी एक दमकलकर्मी सहित वहाँ उपस्थित रहनी चाहिए ताकि कभी भी ऐसी स्थिति हो तो तुरंत एक्शन लिए जा सके और आग की घटनाओं को रोकने के लिए भी प्रशासन को व्यापारियों के साथ बैठकर बीच-बीच में मार्क डिल करनी चाहिए वह आग बुझाने के जो व्यवस्था है वह पूरी तरह है कि नहीं इसका भी निरशण करना चाहिए
