बिलासपुर। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पर्यावरण एवं पर्यटन विकास समिति, बिलासपुर द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय सम्मान समारोह में नगर के वरिष्ठ पत्रकार, साहित्यकार एवं चिंतक सुरेश सिंह बैस “शाश्वत” को “छत्तीसगढ़ साहित्यिक पत्रकारिता रत्न” सम्मान से विभूषित किया गया। यह सम्मान उन्हें पत्रकारिता एवं साहित्य के क्षेत्र में उनके दीर्घकालीन और उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया। स्थानीय तिलक नगर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर सभागार में आयोजित इस गरिमामय समारोह में मुख्य अतिथि , विनय कुमार पाठक कुलपति थावे विश्वविद्यालय एवं छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के पूर्व अध्यक्ष ने की। समारोह में प्रदेशभर से आए साहित्यकारों, पत्रकारों, शिक्षाविदों एवं समाजसेवियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। ज्ञातव्य है कि सुरेश सिंह बैस ने अपनी पत्रकारिता एवं लेखन यात्रा दैनिक बिलासपुर टाइम्स से प्रारंभ की थी। पिछले कई दशकों से वे पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मुखरता से उठाते रहे हैं। सामाजिक, सांस्कृतिक, पर्यावरणीय तथा जनहित के विषयों पर उनकी निर्भीक और संवेदनशील लेखनी ने पाठकों के बीच विशेष पहचान बनाई है। पत्रकारिता के साथ-साथ साहित्य सृजन के क्षेत्र में भी उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है। उनकी रचनाएं सामाजिक चेतना, मानवीय संवेदनाओं और लोकजीवन के विविध आयामों को अभिव्यक्त करती हैं। इसी योगदान के लिए उन्हें समय-समय पर राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय तथा विभिन्न प्रतिष्ठित साहित्यिक सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है। इस अवसर पर सुरेश सिंह बैस ने बताया कि उनकी बहुप्रतीक्षित छत्तीसगढ़ी कृति “छत्तीसगढ़ महतारी के गोठ” शीघ्र ही प्रकाशित होने जा रही है। यह पुस्तक छत्तीसगढ़ की सामाजिक विसंगतियों, जनजीवन की चुनौतियों तथा समसामयिक मुद्दों पर व्यंग्य, हास्य और सार्थक संदेशों के माध्यम से प्रकाश डालती है। कार्यक्रम का संचालन कर रहे वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. राघवेंद्र दुबे ने सम्मान अवसर पर कहा कि सुरेश सिंह बैस की लेखन शैली पत्रकारिता और साहित्य का अद्भुत संगम है। उनकी रचनाओं में समाचार की तथ्यपरकता और साहित्य की संवेदनशीलता का ऐसा समन्वय दिखाई देता है, जो उन्हें अन्य लेखकों एवं पत्रकारों से अलग पहचान प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि यही विशिष्टता उन्हें साहित्यिक पत्रकारिता के क्षेत्र में एक अलग और सम्मानजनक स्थान दिलाती है। समारोह में आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. विवेक तिवारी सहित डॉ. अंजनी कुमार तिवारी, सनत तिवारी, शीतल प्रसाद पाटनवार, डॉ. शत्रुघ्न जैस्वानी तथा राम निहोरा राजपूत, डा गजेंद्र तिवारी, दीपक दुबे सागर ने भी श्री बैस को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। यह सम्मान न केवल सुरेश सिंह बैस की व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि बिलासपुर की साहित्यिक एवं पत्रकारिता परंपरा के लिए भी गौरव का विषय माना जा रहा है।
