
बिलासपुर:- पूज्य सिंधी पंचायत कश्यप कॉलोनी में विगत दिनों हमर संगवारी में जानकारी दी थी किस तरह वहां पर घमासान मचा हुआ है और दो माह से बगैर मुखी के पंचायत चल रही है हमारा सवाल यह था कि पंचायत चला कौन रहा है ? और जैसा कि हमें सूत्रों से जानकारी मिली की हमर संगवारी की खबर के बाद वहां के पूर्व मुखी नरेश कोटवानी ने कोर कमेटी की बैठक आयोजित की कल रात 9:30 बजे पर बैठक में क्या फैसले लिए गए ? क्या निर्णय लिया गया ? इसकी जानकारी अभी तक नहीं मिली है और वहीं के एक और पूर्व मुखी जगदीश जज्ञासी को इस बैठक की न कोई सूचना दी गई न कोई संदेश दिया गया जब उन्होंने नरेश कोटवानी से बातचीत के दोरान जगदीश ने पूछा मै भी तो कोर कमेटी मे हूँ ? इस बात पर सहमति जताते हुए पूछा क्या आपको मैसेज नहीं मिला है ? तो जगदीश ने कहा मुझे कोई मैसेज नहीं आया है उसके बाद भी उन्हें आमंत्रित नहीं किया गया उनसे यह नहीं बोला गया कि आपको आना है, आखिर यह सब करके कौन सी खिचड़ी पकाई जा रही है ? इस बारे में जब कुछ पत्रकारों ने जगदीश से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि जब वह मुखी थे तब भी कुछ लोग उन्हें प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से प्रताड़ित करते थे, परेशान करते थे क्योंकि वह जनहित के पंचायत हित के कार्य करते थे और सेवा के कार्यों में हमेशा आगे रहते हैं पद रहे है या न रहे सेवा कार्य करते रहते हैं और एक भाई साहब भी हैं इस नाते जो सम्मान मिलता है तो उसे देखकर उनको तकलीफ होती है? और पूज्य सिंधी सेंट्रल पंचायत के पूर्व अध्यक्ष और कशयप कॉलोनी के संरक्षक धनराज आहूजा पर भी उन्होंने गंभीर आरोप लगाए ? समानीय उच्च पद में रहने के बाद भी संविधान का सम्मान कैसे किया जाता है ?पंचायत कैसे चलाई जाती है ?संरक्षक के दायित्व क्या है क्या उन्हें नहीं पता है ? सब कुछ जानते हुए समझते हुए भी जान बूझकर विरोधियों को शह दी जा रही है? क्योंकि 2027 में सेंट्रल पंचायत का चुनाव होगा तो अभी से ही गोटिया फिट करना शुरू की गई है ? जहां-जहां पंचायत में कार्यकाल खत्म हो चुका है वहां अपने लोगों को बैठाने का कार्य हो रहा है? और किसके इशारे पर हो रहा है सबको पता है? 31 मार्च को कार्यकाल समाप्त हो चुका है संविधान के हिसाब से एक माह और समय मिला अप्रैल का मई में उन्होंने अपना इस्तीफा संरक्षको दिया? पर आज तारीख तकआम बैठक नहीं बुलाई गई ,जबकि नियम से आम बैठक बुलाकर आय व्यय का ब्यौरा देकर अपना त्यागपत्र दिया जाता है? और नए अध्यक्ष की प्रतिक्रिया आरंभ की जाती है इस पंचायत में ऐसा नहीं किया गया? पहली बार ऐसा हुआ है इसके पीछे गहरी साजिश है? क्योंकि सब लोग जान गए हैं समझ गए हैं कि इस बार अगर जगदीश जज्ञासी मुखी बनते हैं तो वह किसी की कठपुतली बनकर काम नहीं करेंगे, मोदी जी की तरह काम करेंगे, पंचायत और सामाज हित को ध्यान में रखते हुए कार्य करेंगे जो लोग अध्यक्ष को अपनी कठपुतली बनाना चाहते है काम करवाना चाहते थे, उनको अब पेट में दर्द हो रहा है और ऐसा व्यक्ति को खोजा जा रहा है जो उनके इशारों पर नाचे, चले और कार्य करें,?इसलिए यह सब देरी की जा रही है और इसमें संरक्षकों का भी साथ मिल रहा है? एक और पूर्व मुखी है मुरली वाधवानी जो सेट्रल पंचायत का चुनाव भी लड़ कर बुरी तरह हारे हुए है ? और वर्तमान में कश्यप कालोनी के संरक्षक पद पर भी है सबको ज्ञान देने वाले संविधान की दूहाई देने वाले आज अपने पंचायत में जो अनहोनी हो रही है? और असंवैधानिक कार्य हो रहा है? उसमें चुप्पी साध कर 🙊चुप क्यों बैठे हैं? क्या इस खेल का मास्टरमाइंड वही है ? 😧क्या इस पूरे षडयंत्र का कर्ताधर्ता वही है ? या कठपुतली की तरह वह भी किसी के इशारे पर नाच रहे हैं? कार्य कर रहे हैं? सवाल बहुत है पर जवाब एक ही है सब कुछ सबको पता है पर बोलने वाला कोई नहीं है ? और जो बोल रहा है उसको उस पर अमल करने वाला कोई नहीं है? जब बात मीडिया तक पहुंच गई है इतना सब कुछ हो रहा है तो पूज्य सिंधी सेंट्रल पंचायत के अध्यक्ष मौन क्यों हैं? क्यों कि निवृतमान मुखी एवं संरक्षक सेंट्रल के जो है?🙊 लेकिन क्या इन बातों को संज्ञान में लेकर जनहित सामाज हित में आगे आ कर संरक्षकों को बुलाकर जो नियम कायदा संविधान का पाठ नहीं पढ़ा सकते ?पूज्य सिंधी सेंट्रल पंचायत का चुप रहना इस बात का संदेश देता है की दाल में थोड़ा नहीं बल्कि बहुत कुछ काला है ? जब कोई संस्था और व्यक्ति चुप रहकर अन्याय को देखता है, गलत कार्य को 👀देखता है, पाप को देखता है तो इसके दो ही मायने निकलते हैं पहला वह इसमें शामिल है और दूसरा उनकी मौन सहमति है ? लोकतंत्र में इस तरह के कार्य होना क्या लोकतंत्र की हत्या नहीं है ? और समाज में युवाओं को और अन्य लोगों को क्या संदेश दे रहे हैं? ऐसा करके कि समाज जरूरी नहीं, कुर्सी जरूरी है? चंद लोगों ने मिलकर समाज को दो फाड़ कर दिया है ? ऐसे लोगों के चेहरे बहुत जल्द सच का आईना में सामने आएंगे और ऐसे मुद्दे आपके सामने ,जनता के सामने हम लाते रहेंगे,सच दिखाते रहेंगे, सच लिखते रहेंगे ,सच बोलते रहेंगे,न्याय नीति धर्म की राह पर चलते रहेंगे.सत्यमेव जयते!
