
पीड़ित अजय कुमार सूर्यवंशी ने आरोप लगाया है कि घटना के लगभग एक पखवाड़े बाद भी पुलिस ने आरोपी के खिलाफ न तो FIR दर्ज की है और न ही कोई ठोस कार्रवाई की है, जबकि चोरी का मोबाइल आरोपी के घर से बरामद हो चुका है।जानकारी के अनुसार, 13 जून 2026 की रात अजय कुमार सूर्यवंशी अपने रिश्तेदार के घर सीपत क्षेत्र में गए हुए थे। रात में भोजन करने के बाद उन्होंने अपने कमरे में रखे टीवी टेबल पर वीवो और सैमसंग कंपनी के दो मोबाइल फोन रखकर सो गए। अगले दिन सुबह उठने पर दोनों मोबाइल गायब मिले। घर और आसपास काफी तलाश करने के बाद भी मोबाइल नहीं मिले।पीड़ित ने 14 जून को सुबह करीब 11 बजे सीपत थाने पहुंचकर अज्ञात चोर के खिलाफ शिकायत देने का प्रयास किया। आरोप है कि उस समय थाने में मौजूद एएसआई साहू ने चोरी की शिकायत दर्ज करने के बजाय गुम मोबाइल का आवेदन देने का दबाव बनाया। इसके चलते चोरी की रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई।पीड़ित का कहना है कि दो दिन तक कोई कार्रवाई नहीं होने पर वह अपने गृह जिला जशपुर लौट आया और जशपुर पुलिस की मदद से ऑनलाइन CEIR पोर्टल में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद चोरी गए वीवो मोबाइल की लोकेशन ट्रेस हुई। मोबाइल में घटना वाले दिन ही दो नए सिम कार्ड सक्रिय पाए गए, जो शिवशंकर पारकर और शंकर नाम के व्यक्तियों के नाम पर दर्ज बताए जा रहे हैं तथा उनका पता सीपत क्षेत्र का मिला।अजय सूर्यवंशी ने यह जानकारी पुनः सीपत पुलिस और एएसआई साहू को दी, लेकिन तब भी कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कर पुलिस की निष्क्रियता और अज्ञात चोर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।पीड़ित के अनुसार, 18 जून की शाम करीब 7 बजे सीपत पुलिस आरोपी के घर पहुंची थी, लेकिन आरोपी को गिरफ्तार करने के बजाय केवल मोबाइल थाने में जमा कराने की बात कहकर वापस लौट गई। वहीं 20 जून को आरोपी के माता-पिता कथित रूप से दोनों मोबाइल फोन थाने में जमा कर लौट गए।सीपत पुलिस ने व्हाट्सएप संदेश के माध्यम से पीड़ित को सूचित किया कि उसका मोबाइल थाने में है, हालांकि एक मोबाइल क्षतिग्रस्त अवस्था में मिला है। सूत्रों के अनुसार, जिस घर से मोबाइल बरामद हुआ, वह नवागांव निवासी रूपेश कुमार सूर्यवंशी, पिता सरवन सूर्यवंशी का घर बताया जा रहा है।पीड़ित ने आरोप लगाया है कि मोबाइल बरामद होने और आरोपी की पहचान सामने आने के बावजूद सीपत पुलिस ने अब तक चोरी का मामला दर्ज नहीं किया है। मामले को लेकर क्षेत्र में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं और पुलिस के इस रैवैये ने आरोपी के हौसले को और बढ़ा दिया है तथा पीड़ित ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
