
विजय की ✒कलम
)देश :- 3 माह पूर्व विपक्ष एकजुट था मजबूत था और होली दिवाली मना रहा था जब 33% महिलाओं को आरक्षण देने वाला बिल नारी वंदन, मोदी सरकार पास नहीं करा पाई लोकसभा में तो विपक्ष फुले नहीं समा रहा था अपनी एकता अपनी ताकत का डंका पीट रहा था और खुशियां मना रहा था होली दिवाली मना रहे थे जैसे ही बंगाल चुनाव आया उनकी उल्टी गिनती शुरू हो गई और रही सही कसर बंगाल चुनाव और तमिलनाडु के चुनाव ने पूरी कर दी जिस तरह ममता बनर्जी के 15 साल का शासन मजबूत था लेकिन उसके सत्ता से हटने के बाद पार्टी मजबूत नहीं रही 15 दिन में ही टूट की कगार पर पहुंच गई और अंत में टूट गई बिखर गई पहले विधायक अलग हुए और अब लोकसभा के सांसद अभी अलग हो गये, सपने में भी नहीं सोचा था कि ममता का हाल ऐसा होगा इतनी जल्दी नेता साथ छोड़ देंगे और रही सही कसर वहां की जनता ने उनके नेताओं पर अंडे फेंक फेंक कर पूरी कर दी है अब ममता को इंडिया गठबंधन की याद आई सोनिया के पास पहुंची गले मिली अपना दुखड़ा सुनाया यह सब देखकर राहुल बाबा मुस्कुराया? क्योंकि जब ममता सत्ता में थी तो कांग्रेस को भाव नहीं देती थी बंगाल में आने नहीं देती थी विधानसभा लोकसभा में सिटे नहीं देती थी वामपंथी भी खुश है की ममता का गरुड़ टूटा और आकर जमीन में गिरी इसके बाद इंडिया गठबंधन के जो घटक दल था डीएमके तमिलनाडु में वह अलग हो गया , कांग्रेस ने वहां खेला खेल दिया और विजय की पार्टी को समर्थन दे दिया बंगाल तमिलनाडु के बाद अब गाड़ी आगे बड़ी महाराष्ट्र में जो उद्धव ठाकरे सीना तानकर ताल ठोक कर मोदी सरकार को कोसते थे उसकी पार्टी में भी टूट पड़ गई 6 सांसद अलग हो गए अब तीन सांसद रह गए अभी भी अकड़ नहीं गई, उन्ही के पार्टी के नेता संजय राउत अपने ही सांसदों को दे रहे हैं गलियां? सड़क छाप राजनीतिक करने लगे हैं अब कुछ नेता और कुछ पार्टी अपना आपा खो गए हैं सत्ता जाने के बाद और पार्टी टूट के बाद कल तक जो भी कुछ मजबूत था आज बिखर गया है अब इंडिया गठबंधन को बचाए की अपना घर बचाए इसी चक्कर में लगे हैं और यह सब देखकर कांग्रेस खुश हो रही है क्योंकि अखिलेश और ममता ने ही कांग्रेस को आंख दिखाई थी राहुल को दबाया था इसलिए उसकी चिंता नहीं है कांग्रेस को उसके दो तिहाई सांसद अलग नहीं हो पाएंगे कांग्रेस की पार्टी टूट नहीं पाएगी इसलिए उसकी चिंता नहीं है वह मन मन मुस्कुरा रही है क्योंकि अखिलेश का भी कद घटेगा जब उसकी सपा टूटेगी और उसके भी विधायक सांसद अलग होंगे? कल तक सयानी घोष मोदी को अमित शाह को बीजेपी को कोस रही थी गाना गा, कर रही थी राम को नहीं मान रही थी काबा को आंखों में दिल में बसा रही थी और आज राम के गुण गा रही है मंदिर जा रही है मोदी का गुण गा रही है वाह रे वाह राजनीतिक और कुर्सी जो दूसरों को कुछ न कराये पर नेताओं को सब कुछ करा देती हैमहाराष्ट्र में तो खेला अंतिम चरण में है अब महाराष्ट्र के बाद अगला नंबर जो आ रहा है वह सपा का है अखिलेश को भी चिंता लग रही है कि मेरे घर में छेद न लग जाए और 27 से पहले ही मेरी पार्टी टूट न जाए वैसे भी एक साइकिल में दो चार पांच लोग ही बैठ सकते हैं लेकिन यहां पर तो कुनबा बैठा है साइकिल चल नहीं पा रही है तो कुछ लोगों को तो उतरना पड़ेगा जिन लोगों ने खुशियां मनाई थी अब वह आंसू बहा रहे हैं और भाजपा अपना कुनबा बढ़ा रही है एनडीए को मजबूत कर रही है दो- तिहाई, बहुमत के करीब पहुंच रही है क्योंकि 29 से पहले कुछ ऐसे बिल हैं जो संसद में पास करवाने हैं ताकि 29 में भाजपा को वापस फुल बहुमत में सत्ता में लाना है इसलिए 29 की लड़ाई की तैयारी अभी से शुरू कर दी है और जो बिल गिर गया था उसे वापस पास करेंगे साथ में नए बिल भी लाएंगे वैसे भी यह भ्रष्ट कुछ नेता जो हैं उनको तीन बातों से ही अपनी और खींचा जा सकता है पहला 😱डर दिखाकर, दूसरा पैसों का लालच देकर, तीसरा कुर्सी या पद देकर, नेता पार्टी बदलते हैं और पार्टी तोड़ते हैं जो आज आरोप लगा रहे हैं कल तुमने भी तो वही किया था इसमें नया क्या हो रहा है यह तो हर बार होता है राजनीतिक में अब यह सब आम हो गया है जैसे कहते हैं ना (चीनी आइटम का कोई भरोसा नहीं है चल गया तो चांद तक और नहीं चला तो शाम तक ) इस तरह अब नेताओं का भी कोई भरोसा नहीं है की कब तक पार्टी में टिके रहेंगे अगर दल बदल रोकना है तो नया कानून लाना होगा कि जो भी सांसद विधायक पार्टी छोड़कर जाता है तो वह त्यागपत्र देकर जाएगा तब यह घोरख धंधा बंद होगा पर ऐसा कानून कोई लाएंगे नहीं क्योंकि सबको पता है हमारी दुकान बंद हो जाएगी और सत्ता हाथ से चली जाएगीजनता सब कुछ देख रही है जान रही है समझ रही है पर चुप बैठी है क्योंकि उनको भी पता है कुछ कानून जो पास होंगे उसमें कुछ हमारा भी भला होगा, और नेता तो अपना भला कर ही रहे हैंपर इन सब बातों से क्या लोकतंत्र मजबूत हो रहा है क्या नेता अपना विश्वास नहीं खो रहे हैं ? इन सब बातों का आत्म मंथन नेता व पार्टियां खुद करेंसंपादकीय
