
बिलासपुर। जिले के सरगांव स्थित रामबोड़ क्षेत्र में संचालित कुसुम स्मेल्टर्स प्राइवेट लिमिटेड के स्पंज आयरन प्लांट में मेंटेनेंस कार्य के दौरान औद्योगिक दुर्घटना हो गई।हादसे में तीन कर्मचारी गर्म स्पंज आयरन की तीव्र गर्मी की चपेट में आकर झुलस गए। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार सभी की हालत फिलहाल स्थिर और खतरे से बाहर बताई जा रही है।जानकारी के अनुसार घटना 18 जून की सुबह लगभग 7 बजे हुई। प्लांट के कीलन (Kiln) डिस्चार्ज गेट में तकनीकी खराबी के कारण वह जाम हो गया था। इसे दुरुस्त करने और नियमित रखरखाव कार्य के लिए कर्मचारी मौके पर कार्य कर रहे थे। इसी दौरान अचानक डिस्चार्ज गेट खुल गया, जिससे अंदर मौजूद अत्यधिक गर्म स्पंज आयरन की गर्मी और तापमान तेजी से बाहर निकला तथा वहां कार्यरत कर्मचारी इसकी चपेट में आ गए। हादसे में अमित कुमार (जिला औरंगाबाद, बिहार), योगेश मीणा (जिला होशंगाबाद, मध्यप्रदेश) और अमरेश दत्ता (जिला बालेश्वर, ओडिशा) घायल हुए हैं। घटना के तुरंत बाद कंपनी प्रबंधन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एंबुलेंस से सभी घायलों को बिलासपुर स्थित अपोलो अस्पताल पहुंचाया। गंभीर रूप से झुलसे अमित कुमार को बेहतर उपचार के लिए रायपुर के कालड़ा अस्पताल रेफर किया गया है।
घटना की सूचना मिलते ही औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग तथा जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची।अधिकारियों ने प्लांट का निरीक्षण कर दुर्घटना की परिस्थितियों का जायजा लिया और सुरक्षा मानकों के पालन की समीक्षा की। प्रशासन ने घायलों के उपचार एवं आवश्यक सहायता की व्यवस्था पर भी निगरानी रखी।
अस्पताल सूत्रों के अनुसार तीनों घायलों की स्थिति नियंत्रण में है और उनकी हालत में लगातार सुधार हो रहा है। वहीं जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
इस दुर्घटना के बाद औद्योगिक इकाइयों में मेंटेनेंस कार्य के दौरान अपनाए जाने वाले सुरक्षा प्रोटोकॉल और उपकरणों की उपलब्धता को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। हालांकि राहत की बात यह रही कि समय पर उपचार मिलने से एक बड़ा हादसा टल गया और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
कुसुम स्मेल्टर्स प्राइवेट लिमिटेड के स्पंज आयरन प्लांट में मेंटेनेंस कार्य के दौरान औद्योगिक दुर्घटना हो गई।हादसे में तीन कर्मचारी गर्म स्पंज आयरन की तीव्र गर्मी की चपेट में आकर झुलस गए। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार सभी की हालत फिलहाल स्थिर और खतरे से बाहर बताई जा रही है।जानकारी के अनुसार घटना 18 जून की सुबह लगभग 7 बजे हुई। प्लांट के कीलन (Kiln) डिस्चार्ज गेट में तकनीकी खराबी के कारण वह जाम हो गया था। इसे दुरुस्त करने और नियमित रखरखाव कार्य के लिए कर्मचारी मौके पर कार्य कर रहे थे। इसी दौरान अचानक डिस्चार्ज गेट खुल गया, जिससे अंदर मौजूद अत्यधिक गर्म स्पंज आयरन की गर्मी और तापमान तेजी से बाहर निकला तथा वहां कार्यरत कर्मचारी इसकी चपेट में आ गए। हादसे में अमित कुमार (जिला औरंगाबाद, बिहार), योगेश मीणा (जिला होशंगाबाद, मध्यप्रदेश) और अमरेश दत्ता (जिला बालेश्वर, ओडिशा) घायल हुए हैं। घटना के तुरंत बाद कंपनी प्रबंधन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एंबुलेंस से सभी घायलों को बिलासपुर स्थित अपोलो अस्पताल पहुंचाया। गंभीर रूप से झुलसे अमित कुमार को बेहतर उपचार के लिए रायपुर के कालड़ा अस्पताल रेफर किया गया है।घटना की सूचना मिलते ही औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग तथा जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची।अधिकारियों ने प्लांट का निरीक्षण कर दुर्घटना की परिस्थितियों का जायजा लिया और सुरक्षा मानकों के पालन की समीक्षा की। प्रशासन ने घायलों के उपचार एवं आवश्यक सहायता की व्यवस्था पर भी निगरानी रखी।अस्पताल सूत्रों के अनुसार तीनों घायलों की स्थिति नियंत्रण में है और उनकी हालत में लगातार सुधार हो रहा है। वहीं जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा मानकों पर उठे सवालइस दुर्घटना के बाद औद्योगिक इकाइयों में मेंटेनेंस कार्य के दौरान अपनाए जाने वाले सुरक्षा प्रोटोकॉल और उपकरणों की उपलब्धता को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। हालांकि राहत की बात यह रही कि समय पर उपचार मिलने से एक बड़ा हादसा टल गया और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
