
**महापौर पूजा विधानी ने स्वच्छता और कचरा प्रबंधन में जनभागीदारी पर दिया जोर, 350 से अधिक प्रतिनिधियों ने लिया भाग*बिलासपुर, 24 जून 2026। नए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन और व्यापक जनजागरूकता के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल, बिलासपुर द्वारा देवकीनंदन सभागृह में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में नगर निकायों, ग्राम पंचायतों, विश्वविद्यालयों, उद्योगों तथा विभिन्न विभागों के लगभग 350 प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में महापौर श्रीमती पूजा विधानी उपस्थित रहीं। उन्होंने कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के नए नियमों का सफल क्रियान्वयन स्वच्छ और स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए आवश्यक है। उन्होंने सभी संस्थाओं और नागरिकों से कचरा प्रबंधन के प्रति जिम्मेदारी निभाने तथा स्वच्छता अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की। कार्यशाला में छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल की क्षेत्रीय अधिकारी श्रीमती रश्मि श्रीवास्तव, मुख्य रसायनज्ञ श्री सुरेश कुमार धुर्वे, संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन विभाग की नोडल अधिकारी श्रीमती हर्षा तिवारी तथा डिविजनल कोऑर्डिनेटर श्री विनीत साहू सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।विशेषज्ञों द्वारा नए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी गई। बताया गया कि अब ठोस अपशिष्ट का पृथक्करण गीला, सूखा, सैनिटरी तथा विशेष देखभाल वाले अपशिष्ट के रूप में किया जाएगा। साथ ही बल्क वेस्ट जनरेटर की नई परिभाषा, पंजीयन प्रक्रिया, अपशिष्ट प्रसंस्करण, मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी तथा वेस्ट-टू-एनर्जी संयंत्रों की जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यशाला में प्रतिभागियों को नियमों में किए गए नवीन संशोधनों एवं पुराने प्रावधानों से उनके अंतर की जानकारी भी दी गई। इस अवसर पर मेसर्स राशि स्टील एंड पावर लिमिटेड द्वारा इको-फ्रेंडली जूट बैग वितरित किए गए तथा उपस्थित सभी प्रतिभागियों को नए नियमों के पालन की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम के अंत में क्षेत्रीय अधिकारी श्रीमती रश्मि श्रीवास्तव ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।
