
*बिलासपुर, 25 जून 2026/ सड़क दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने तथा पीएम राहत योजना एवं ई- डार (इलेक्ट्रॉनिक डिटेल्ड एक्सीडेंट रिपोर्ट) प्रणाली के प्रभावी एवं पारदर्शी क्रियान्वयन के उद्देश्य से गुरुवार को कलेक्टोरेट बिलासपुर के मंथन सभाकक्ष में संभाग स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में संभाग के सभी जिलों के परिवहन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी एवं नोडल अधिकारी शामिल हुए। कार्यशाला में अधिकारियों को पीएम राहत योजना के नवीन दिशा-निर्देशों, पात्र हितग्राहियों के चयन, राहत राशि के त्वरित भुगतान तथा डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से आवेदन एवं सत्यापन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही पोर्टल पर दुर्घटना संबंधी प्रकरणों की ऑनलाइन प्रविष्टि, सत्यापन एवं त्रुटि सुधार की प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया।प्रशिक्षण के दौरान विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष बल दिया गया, ताकि दुर्घटना पीड़ितों को समयबद्ध सहायता उपलब्ध कराई जा सके। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि किसी भी पात्र हितग्राही को प्रक्रियागत जटिलताओं के कारण योजना के लाभ से वंचित न होना पड़े तथा सभी प्रकरणों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए। कार्यशाला में परिवहन आयुक्त कार्यालय के अधिकारियों, जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग तथा परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने सहभागिता करते हुए योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक तकनीकी एवं प्रशासनिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की।प्रशासन ने स्पष्ट किया कि पीएम राहत योजना का उद्देश्य दुर्घटना पीड़ितों और जरूरतमंदों तक शीघ्र सहायता पहुंचाना है तथा इसके क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। संभाग स्तरीय इस प्रशिक्षण से सभी जिलों में योजना के संचालन में एकरूपता, पारदर्शिता और गति आने की अपेक्षा की गई। कार्यशाला में श्री एम.आर. आहिरे, डीआईजी यातायात रायपुर, श्री मनोज धुव, उप परिवहन आयुक्त रायपुर, श्री शिवकुमार बनर्जी, अपर कलेक्टर बिलासपुर, श्री अरविंद यादव, एनआईसी, श्री रामगोपाल करियारे, अति पुलिस अधीक्षक (यातायात) बिलासपुर तथा श्री असीम माथुर, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी बिलासपुर सहित संभाग के सभी जिलों के जिला परिवहन अधिकारी, यातायात पुलिस विभाग के अधिकारी, थाना प्रभारी, विवेचना अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं तकनीकी विशेषज्ञ बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
