
करुणा, सेवा और समर्पण की सजीव प्रतिमूर्ति – हमारी बड़ी बहन रेखा आहूजा दीदीकुछ लोग केवल अपना जीवन जीते हैं, और कुछ लोग दूसरों के जीवन में उजाला बनकर उतरते हैं। हमारी बड़ी बहन रेखा आहूजा दीदी उन्हीं विरले व्यक्तित्वों में से हैं, जिनके लिए करुणा, दया और सेवा ही जीवन का सच्चा उद्देश्य है।आज उनके अथक प्रयास और स्नेहिल सहयोग से हमारे आश्रम के दो प्रभुजनों का मोतियाबिंद का सफल ऑपरेशन हुआ। वर्षों बाद जब उनकी आँखों ने इस सुंदर संसार को फिर से स्पष्ट देखा, तो लगा मानो किसी ने उनके जीवन में नई सुबह ला दी हो। किसी की आँखों की रोशनी लौटाना केवल उपचार नहीं, बल्कि उसके जीवन में आशा का दीप जलाना है।कहा जाता है कि भगवान ने हर इंसान को दिन के 24 घंटे दिए हैं, लेकिन मुझे अक्सर लगता है कि हमारी दीदी को प्रभु ने 36 घंटे और असीम ऊर्जा का आशीर्वाद दिया है। वे अपनी आजीविका की जिम्मेदारियाँ निभाने के साथ-साथ समाज सेवा के लिए भी हर पल तत्पर रहती हैं। उनके चेहरे की मुस्कान, संवेदनशीलता और सेवा का भाव हर जरूरतमंद के लिए प्रेरणा है।ऐसी महान विभूति को शब्दों में बाँधना संभव नहीं। हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि वे दीदी को सदैव स्वस्थ रखें, दीर्घायु दें और इसी प्रकार मानव सेवा का यह पावन अभियान निरंतर चलता रहे।ऐसी महान, संवेदनशील और सेवाभावी बहन रेखा आहूजा दीदी को मेरा शत-शत नमन, कोटि-कोटि प्रणाम। 🌸
