पद्म विभूषण विश्व प्रसिद्ध पंडवानी गायिका श्रीमती डॉक्टर तीजन बाई का हुआ स्वर्गवास

(पार्थोव शरीर हुआ पंचतत्व में विलीन, हजारों लोगों ने नम आंखों से दी विदाई)
छत्तीसगढ़ :- दुर्ग जिले के ग्राम गनियारी में विश्व प्रसिद्ध पंडवानी गायिका पद्म विभूषण श्रीमती तीजन बाई जी के हजारों लोगों ने अंतिम दर्शन कर उनकी अंतिम यात्रा में शामिल हुए। इस दौरान उन्हें पूरे राजकीय सम्मान के साथ भावभीनी विदाई दी गई। इस दुखद घड़ी में उनके परिजनों से मिलकर अपनी कई नेता अभिनेता गायक समाज सेवीयो ने संवेदनाएं व्यक्त कीं।तीजन दीदी का जाना कला जगत और हमारे प्रदेश के लिए एक अपूरणीय क्षति है। परमपिता परमात्मा से प्रार्थना है कि वे दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोक संतप्त परिवार को यह असीम दुख सहने की शक्ति प्रदान करें

।हमर संगवारी के संपादक विजय दुसेजा ने अपने शोक वचनों में कहा कि जिसने पूरे राम के नाम को विश्वपटल एंव जन-जन तक गांव गांव तक पंडवानी के माध्यम से पहुंचाया, भक्ति की गंगा भायी एसी सरल स्वभाव की थी स्वर्गीय तीजन बाई बड़े गर्व की बात है कि वह हमारे छत्तीसगढ़ प्रदेश की थी हमारे प्रदेश का नाम भी ऊंचा किया कल ही की बात है बिलासपुर प्रेस क्लब में उनके नाम से एक सम्मान समारोह कार्यक्रम का आयोजन करने वाले हैं और उसके लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई थी जिसका पोस्टर का विमोचन किया गया, इसकी खबर हमर संगवारी में प्रमुखता से लगाई भी है अपने पोर्टल में यूट्यूब में पेपर में भी अच्छे तरीके से पर यह पता नहीं था जिसकी खबर हम लगा रहे हैं कल और आज हमें ऐसा दुखद समाचार सुनने को मिलेगा कहते हैं यह मृत्यु लोग है जो आया है उसको एक दिन जाना जरूर है चाहे राजा हो चाहे रंक हो भगवान ने भी जब अवतार लिया जन्म लिया वह भी इस शरीर को त्याग करके बैकुंठ धाम पहुंचे तो हम तो क्ष साधारण इंसान है

पर आत्मा अमर है जीवन में लोग तो बहुत आते हैं जाते हैं पर कुछ लोग ऐसे होते हैं जो हमेशा लोगों के दिलों में अपनी एक जगह बनाकर जाते हैं जो कभी भुलाए नहीं जाते हैं और अपना नाम सदा ही अमर कर जाते हैं उनमें ही एक थी तीजन बाई उनकी पंडवानी उनकी गायिकी हमेशा जिंदा रहेगी वह अमर रहेगी ऐसी पुनीत आत्मा के लिए हम भगवान से प्रार्थना करते हैं कि है प्रभु श्री राम जी जीवन भर उन्होंने आपका नाम जपा है अंत में भी उन्होंने राम का नाम लिया है उनकी पुनीत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें और बैकुंठ धाम में उनका विराजमान करें
ओम शांति ओम शांति

