
सुरेश सिंह बैस बिलासपुर। समाज के हाशिए पर जीवन बिता रहे वंचित वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ना और शिक्षा का उजियारा हर घर तक पहुँचाना ही वास्तविक समाज सेवा है। मुंगेली जिले के लोरमी विकासखंड के अंतर्गत ग्राम हरदीबांध में एक ऐसा ही प्रेरणादायी अभियान चलाया जा रहा है। लोरमी विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव के संरक्षण, छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. विनय कुमार पाठक और राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला हरदीबांध के प्रधान पाठक डॉ. सत्यनारायण तिवारी के मार्गदर्शन में यहाँ के शिक्षकों की टीम एक मिसाल पेश कर रही है। भिक्षावृत्ति के अंधकार से शिक्षा के प्रकाश की ओर विगत दो वर्षों से शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला हरदीबांध के शिक्षकों अमित कुमार डड़सेना, रामनिवास राजपूत, पूनम सिंह राजपूत, युगल किशोर राजपूत, सुरेश नट, अमृत लाल नट, कृष्ण कुमार राजपूत एवं दयाराम साहू द्वारा मुंगेली जिले में निवासरत नट (डंगचगहा) जाति के लोगों को भिक्षावृत्ति के अभिशाप से मुक्त कराकर समाज की मुख्यधारा में लाने का अनूठा प्रयास किया जा रहा है। इस अभियान के प्रथम चरण में लोरमी विकासखंड के ग्राम हरदीबांध में निवासरत नट समुदाय के सभी परिवारों से सीधा संपर्क साधा गया।उन्हें भिक्षावृत्ति की परंपरा को त्यागकर सम्मानजनक आजीविका अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। शिक्षकों ने न केवल उन्हें रोजगार के विभिन्न साधनों से अवगत कराया, बल्कि विभिन्न शासकीय जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देकर आत्मनिर्भर बनने का मार्ग भी दिखाया।
