रायपुर। सावन माह में रायपुर में आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। श्री श्री 1008 गोस्वामी महंत गुरु जीवतपुरी गोस्वामी श्री दुर्गा माता मंदिर, मढ़ी लिली चौक (पुरानी बस्ती) से सतगुरू श्री श्री1008 किशनपुरी गोस्वामी जी के आशीर्वाद एवं सतगुरू महंत अनंतपुरी गोस्वामी जी के नेतृत्व में पहली बार भव्य कांवड़ यात्रा निकाली गई। यात्रा में शामिल शिवभक्तों के “बोल बम” और “हर-हर महादेव” के जयघोष से पूरा शहर भक्तिमय हो उठा।
कांवड़ यात्रा में चार पवित्र नदियों का जल शामिल किया गया। इसमें अयोध्या की सरयू नदी, प्रयागराज त्रिवेणी संगम का जल, गंगाजल, जबलपुर से मां नर्मदा का जल तथा रायपुर की खारून नदी का जल सम्मिलित कर भगवान शिव का जलाअभिषेक किया गया।

सुबह 9 बजे दुर्गा माता मंदिर से प्रारंभ हुई यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए हटकेश्वर महादेव घाट पहुंची। रास्ते भर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा, आतिशबाजी और जयघोष के साथ कांवड़ियों का स्वागत किया। जगह-जगह पेयजल एवं सेवा शिविर भी लगाए गए।
यात्रा में 10 वर्ष के बच्चों से लेकर 70 वर्ष तक के श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। महिलाओं और युवाओं की भी बड़ी संख्या में सहभागिता रही। लगभग 131 से अधिक कांवड़िये इस यात्रा में शामिल हुए।
हटकेश्वरधाम पहुंचकर विधि-विधान से भगवान शिव का जलाभिषेक एवं विशेष पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद दोपहर में विशाल भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
इस अवसर पर गंगाधाम भोपाल के महंत तुलसीदास जी, रायपुर के संत साईं जल कुमार बसंत जी, गोंदिया के पंडित कोमल शर्मा सहित विभिन्न राज्यों से आए संत-महात्मा एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

सतगुरू महंत अनंतपुरी गोस्वामी जी ने अपने आशीर्वचन में कहा कि सावन का महीना भगवान भोलेनाथ की आराधना का सर्वोत्तम समय है। इस पावन माह में श्रद्धा से जलाभिषेक करने से व्यक्ति के दुख-दर्द दूर होते हैं तथा सनातन धर्म के प्रति आस्था और मजबूत होती है। उन्होंने समाज में प्रेम, भाईचारा, एकता और मानव कल्याण की कामना की।
पूरे कार्यक्रम का सोशल मीडिया के माध्यम से लाइव प्रसारण भी किया गया, जिसे हजारों श्रद्धालुओं ने घर बैठे देखा। कार्यक्रम के सफल आयोजन में दुर्गा माता मंदिर के सभी सेवादारों का विशेष योगदान रहा।
इस पूरे कार्यक्रम को कवर करने के लिए हमर संगवारी के संपादक विजय दुसेजा विशेष रूप से रायपुर पहुंचे वह इस कावड़ यात्रा में सम्मिलित होकर कार्यक्रम को कवर किया है
भवदीय
विजय दुसेजा
