– सुरेश सिंह बैस
बिलासपुर। अचानकमार टाइगर रिजर्व के लोरमी बफर क्षेत्र में सोमवार सुबह वन्यप्राणी के हमले में एक युवक की मौत हो गई। घटना सावंतपुर सर्किल के जोगीपुर परिसर स्थित कक्ष क्रमांक 98 आरएफ, पहाड़ोंगरी के पास की बताई जा रही है।जानकारी के अनुसार ग्राम बांधा निवासी धर्मजीत घृतलहरे (23) सोमवार सुबह करीब सात बजे अपने गांव के चार अन्य ग्रामीणों भानुप्रताप बल्द नवरेगा, शिवशंकर बल्द रामसिंह ध्रुव, दशरथ बल्द राजेंद्र घृतलहरे तथा रामफल बल्द गया प्रसाद घृतलहरे के साथ जंगल की ओर लकड़ी लेने गया था। बताया गया कि पहाड़ोंगरी के पास अचानक एक वन्यप्राणी ने ग्रामीणों के समूह पर हमला कर दिया। वन्यप्राणी को अपनी ओर आते देख चार ग्रामीण किसी तरह भागकर सुरक्षित स्थान पर पहुंच गए, लेकिन धर्मजीत उसकी चपेट में आ गया। कुछ देर बाद जब ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो धर्मजीत मृत अवस्था में मिला। उसके गले पर गंभीर चोट के निशान थे तथा गर्दन टूटी हुई मिली।
हमला करने वाली झुमरी बाघिन होने की आशंका
युवक पर हमला करने वाला बाघ है या बाधिन यह तो स्पष्ट नहीं हुआ है। हालांकि आशंका कि वह बाधिन झुमरी है। वह कुछ दिन पहले ही शावकों को जन्म दिया है। शावकों की सुरक्षा के लिहाज उन्हें छिपाकर रखती है। संभवत ग्रामीण झुमरी के रहवास के करीब पहुंच गए होंगे। शावकों को असुरक्षित पाकर ही बाधिन ने उस पर हमला कर दिया। अब इस क्षेत्र ट्रैप कैमरे लगाने की तैयारी है, ताकि यह स्पष्ट हो जाए कि हमला करने वाला बाघ है या बाधिन।
बांस चोरी करने जंगल घुसे थे युवक
एटीआर प्रबंधन का कहना है कि घटना के बाद भागे ग्रामीणों से पूछताछ में उन्होंने करील व पुटू एकत्र करने जंगल के अंदर घुसने की बात कह रहे हैं। लेकिन, जानकारी झूठी हो सकती है। इस क्षेत्र से लगातार बांस व सागौन की कटाई होती रही है। वैसे भी बांधा बेहद संवेदनशील गांव है। कुछ साल पहले यहां बड़ी सर्चिग हुई थी और ज्यादा घरों से सागौन व अन्य प्रजातियों की लकड़ियां बरामद की गई थी। वन विभाग ने प्रथमदृष्टया हमलावर वन्यप्राणी को बाघ माना है। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है और ग्रामीणों को जंगल की ओर नहीं जाने की समझाइश दी गई है। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग के अधिकारी -कर्मचारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। लोरमी थाना पुलिस तथा थाना प्रभारी जूनापारा को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए सूचना दी गई है। वन क्षेत्र अधिकारी की टीम मामले की जांच कर रही है।
##- घटना दोपहर दो बजे से पहले की है। यह प्रतिबंधित क्षेत्र है और बाघों का रहवास भी है। ग्रामीण करील व पुटू एकत्र करने गए थे। यह भी हो सकता है बांस काटने गए हों। यह स्पष्ट नहीं हुआ कि हमला बाघ ने किया है या बाधिन ने। इस मामले की जांच कराई जा रही है।
– प्रियंका पांडेय, फील्ड डायरेक्टर अचानकमार टाइगर रिजर्व
ट्रैप कैमरों की निगरानी पर उठे सवाल
अचानकमार टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ट्रैप कैमरे लगाए जाते हैं। ऐसे में युवक की मौत के बाद कैमरा निगरानी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। वन विभाग अब घटनास्थल के आसपास लगे ट्रैप कैमरों की पुरानी रिकॉर्डिंग खंगालने की तैयारी में है। जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि क्या घटना से पहले इस क्षेत्र में बाघ अथवा किसी अन्य बड़े वन्यप्राणी की मौजूदगी कैमरों में दर्ज हुई थी। यदि बाघ की मौजूदगी पहले से सामने आई थी तो आसपास के ग्रामीणों को समय रहते सतर्क क्यों नहीं किया गया? वहीं, यदि कैमरों में बाघ की मौजूदगी दर्ज नहीं थी, तो यह भी जांच का विषय है कि हमलावर वन्यप्राणी क्षेत्र में कब और कहां से पहुंचा। वन विभाग की टीम इस बात की भी जांच कर रही है कि युवक पर हमला वास्तव में बाघ ने किया या किसी अन्य वन्यप्रा णी ने। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और ट्रैप कैमरों की रिकॉर्डिंग के आधार पर हमलावर वन्य प्राणी की पहचान स्पष्ट होने की उम्मीद है। फिलहाल घटना के बाद आसपास के गांवों में भय का वातावरण है। वन विभाग ने ग्रामीणों से जंगल की ओर जाने से बचने और किसी भी वन्यप्राणी की गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल विभाग को सूचना देने की अपील की है।
