– सुरेश सिंह बैस
बिलासपुर। जिले में मलेरिया के मामलों के बीच अब स्वाइन फ्लू ने भी दस्तक दे दी है। जुलाई से अब तक जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से स्वाइन फ्लू के सात मरीज सामने आए हैं। इनमें से पांच मरीज उपचार के बाद पूरी तरह स्वस्थ होकर अस्पताल से डिस्चार्ज हो चुके हैं, जबकि दो मरीजों का उपचार फिलहाल अपोलो अस्पताल में जारी है। इनमें एक मरीज की हालत गंभीर बताई जा रही है और वह पिछले सात दिनों से आईसीयू में भर्ती है।सीएमएचओ डॉ. शुभा गरेवाल के अनुसार अपोलो अस्पताल में उपचाररत मरीजों में एक 75 वर्षीय वृद्ध हैं, जिन्हें पिछले सात दिनों से आईसीयू में रखा गया है। वहीं दूसरा मरीज 30 वर्षीय युवक है, जिसकी रायपुर की ट्रैवल हिस्ट्री सामने आई है। दोनों मरीजों की चिकित्सकीय निगरानी में उपचार किया जा रहा है।
अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को सतर्क रहने के निर्देश
स्वाइन फ्लू के मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जिले के प्रमुख अस्पतालों के साथ-साथ स्वास्थ्य केंद्रों को भी सतर्क कर दिया है। सिम्स, जिला अस्पताल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) को आवश्यक सावधानी बरतने और संदिग्ध मरीजों की पहचान एवं उपचार व्यवस्था को लेकर अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि मरीजों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। साथ ही संक्रमण की रोकथाम के लिए अस्पतालों में आवश्यक तैयारियों की समीक्षा की जा रही है। विशेष रूप से सांस संबंधी लक्षणों वाले मरीजों की जांच और निगरानी पर ध्यान दिया जा रहा है।
पांच मरीजों के स्वस्थ होने से राहत
जिले में अब तक सामने आए सात मामलों में पांच मरीजों का स्वस्थ होकर अस्पताल से डिस्चार्ज होना राहत की बात है। हालांकि, दो मरीजों के अभी उपचार रत होने और एक बुजुर्ग के आईसीयू में भर्ती होने के कारण स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार स्वाइन फ्लू एक इन्फ्लूएंजा वायरस से होने वाला श्वसन संक्रमण है। बुखार, खांसी, गले में खराश, शरीर में दर्द, कमजोरी और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई देने पर समय पर चिकित्सकीय परामर्श लेना जरूरी है।विशेषकर बुजुर्गों, छोटे बच्चों और अन्य जोखिम वाले लोगों में लक्षण गंभीर होने की आशंका को देखते हुए लापरवाही से बचना आवश्यक है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे बिना चिकित्सकीय सलाह के दवा न लें, लक्षण दिखाई देने पर तत्काल स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें और संक्रमण से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां बरतें।
