रीवा :-
स्वामी हंसदास दास उदासी के उपस्थिति में
दिनांक- 15 जुलाई से श्री झूलेलाल चालीसा
व्रत का श्री झूलेलाल धाम सिन्धु भवन में शुभारम्भ किया गया था इस चालीसा महोत्सव में
अनेकों धार्मिक आयोजन किये गये जिसमे रोजाना रात्रि 9 बजे से श्री झूलेलाल जी की आरती
एवं हर शुक्रवार षाम 07 बजे से 09 बजे तक भजन संध्या एवं भक्तों द्वारा सामूहिक ज्योति प्रज्ज्वलित
की गई थी एवं श्री झूलेलाल चालीसा महोत्सव का समापन समारोह 21 अगस्त से 24 अगस्त तक
किया गया इस परम्परा की शुरुआत सिन्ध प्रान्त मे जब मृग बादशाह ने जब हिन्दुओं पर अपना सनातन
धर्म छोड़ने के लिए अत्याचार किया था तब सब सिन्ध प्रान्त के सभी महिला एवं पुरुष सिन्ध नदी के
किनारे जाकर चालिस दिन उपवास रखके तपस्या की थी इसके उपरान्त सिन्ध नदी के जल से वरुण देवता
का अवतार हुआ था एवं आश्वासन दिया की हम श्री रतनलाल रतनाणी परिवार में झूलेलाल जी के नाम से जनम लेके
मृग बादशाह के अत्याचार को समाप्त करेंगे एवं हिन्दु सनातन धर्म की रक्षा करेंगे।
उसी परम्परा के तहत् आज भी पूरा सिन्धी समाज लगभग रीवा मे 32 वर्षों के साथ देष विदेश मे चालीसा
व्रत उत्सव मनाते है।
दिनांक- 24 अगस्त चालीसा महोत्सव के समापन दिवस पर सुबह 10 बजे हवन यज्ञ एवं बहराणे साहिब
का पूजन किया गया, शाम 04 बजे से महंत स्वामी कमलदास जी द्वारा आरती, महापल्लव के पष्चात्
श्री झूलेलाल चालीसा व्रत महोत्सव की गुप्त प्रज्ज्वलित अखण्ड ज्योति का सर्व भक्तों को सार्वजनिक
रुप में दर्शन करवा के शोभा यात्रा निकाली गई।
षोभा यात्रा मे हजारों की संख्या मे भक्तों ने धार्मिक भजनों में नृत्य करते हुए एवं खुषी मनाते हुए
शोभा यात्रा का आनंद प्राप्त किया एवं कई स्थानों पर भक्तों एवं धार्मिक संस्थाओं द्वारा षोभा यात्रा का
भव्य स्वागत किया गया।
षोभा यात्रा छपपन भोग पीली कोठी से प्रारम्भ होकर षहर के विभिन्न मार्गो से होते हुए से बड़ी पुल होते हुए बाबा घाट
पर बहराणे साहिब का पूजन करके पल्लव आरती के पष्चात् चालीसा अखण्ड ज्योति एवं बहराणे साहिब की
ज्योति विसर्जन की गई।
समापन समारोह में शामिल होने वाले रीवा सिंधी समाज के हजारों महिलाओं एवं पुरुशों के अलावा
श्री झूलेलाल चालीसा परिवार के सभी सदस्यगण
40 दिन विशेष सहयोग के रूप में मुकेश ठारवानी, किशोर ठारवानी, सुमित रामचंदानी
मिडिया के रुप में श्री विजय थवानी, हितेश रिजवानी का भरपूर सहयोग रहा
एवं संत समाज ब्रहामण समाज के साथ दादा प्रहलाद सिंह, दादा संतूलाल आहूजा,
कन्हैयालाल मंगलानी, शंकर सहानी, लद्धाराम ठारवानी, महेश ठारवानी, जयपाल पुरी, प्रकाश तारानी,
राजकुमार टिलवानी, अशोक मंजानी, नरेष काली, पप्पन पंजवानी, विनोद पठान,,
सुनील मोटवानी, मोनू रायचंदानी,शिवम हिरवानी, जगदीष मंगनानी, बलराज सहानी,
सतीष सुंदरानी, सुरेश रामचन्दानी, रमेष सचदेवा, महेष आहूजा, लोकू मोटवानी के अलावा पूज्य सिंधी
सेंट्रल पंचायत रीवा, जी.एन. गु्रप, बाबा दयालदास सेवा मण्डल, श्री झूलेलाल सेवा मण्डल, नवयुवक मण्डल,
बाबा आसूदाराम सेवा समिति अनेक धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं ने शोभायात्रा में शामिल होके
भव्य स्वागत किया।
