अकलतरा/बिलासपुर। भारतीय किसान संघ के तत्वावधान में 7 सितंबर 2026 को अकलतरा स्थित महाराणा प्रताप चौक के अखिल भारतीय किसान संघ कार्यालय भवन में आयोजित तहसील स्तरीय अधिवेशन एवं बैठक में बिलासपुर के वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार सुरेश सिंह बैस ‘शाश्वत’ का विशेष सम्मान एवं आत्मीय आतिथ्य सत्कार किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता किसान संघ के जिला अध्यक्ष संजय कुमार सिंह द्वारा की गई ।इस अवसर पर उन्हें शॉल, श्रीफल तथा विशेष रूप से निर्मित चांदी का सिक्का, जिस पर पवित्र श्री लक्ष्मी यंत्र अंकित था, भेंट कर सम्मानित किया गया। भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों ने उनके साहित्यिक एवं पत्रकारिता जगत में योगदान तथा देश के जवानों और अन्नदाता किसानों के सम्मान में समय-समय पर लिखी गई उनकी रचनाओं की सराहना की।
किसानों और जवानों के योगदान को बताया राष्ट्र के लिए भगवान तुल्य
सम्मान समारोह के दौरान अपने उद्बोधन में सुरेश सिंह बैस ‘शाश्वत’ ने कहा कि देश की सीमाओं पर सतत प्रहरी बनकर खड़े हमारे वीर जवान और देशवासियों का पेट भरने वाले अन्नदाता किसान, दोनों ही राष्ट्र के वास्तविक आधार स्तंभ हैं। उन्होंने कहा कि सैनिक देश की सीमाओं की रक्षा करता है, जबकि किसान अपनी मेहनत से देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करता है। इसलिए दोनों का सम्मान करना प्रत्येक नागरिक का नैतिक कर्तव्य है। उन्होंने जवानों और किसानों के योगदान को भगवान तुल्य एवं वंदनीय बताया। कार्यक्रम के दौरान भारतीय किसान संघ की तहसील स्तरीय बैठक में संगठन विस्तार, वृक्षारोपण अभियान तथा विभिन्न पदाधिकारियों के दायित्वों और तहसील स्तर पर संगठन को अधिक मजबूत बनाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।इस अवसर पर भारतीय किसान संघ जांजगीर-चांपा जिले के अध्यक्ष संजय कुमार सिंह, वरिष्ठ पदाधिकारी युगल किशोर सिंह, जिला उपाध्यक्ष इंद्रमण मरकाम, कोषाध्यक्ष भागवत लाल बंजारे, जिला विधिक प्रमुख कीर्तन लाल भारद्वाज, जिला प्रचार प्रमुख सनत कुमार साव, जिला राजस्व प्रमुख राजू गंधर्व, जिला बीज प्रमुख रामनाथ रात्रे, जिला सदस्य चंद्रभान मरावी, रविंद्र सिंह धनवार, बिलासपुर से पधारे अतिथि अमृत पॉपुला, युवा प्रमुख लक्ष्मी सूर्यवंशी सहित बहोरीक एवं भारतीय किसान संघ के अनेक जिला एवं तहसील स्तरीय पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।कार्यक्रम आत्मीयता, संगठनात्मक विचार-विमर्श और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना से परिपूर्ण रहा। उपस्थितजनों ने सुरेश सिंह बैस ‘शाश्वत’ के साहित्यिक एवं पत्रकारिता योगदान की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
