“मानसिक स्वास्थ्य का संकट अब केवल व्यक्तिगत समस्या नहीं रह गया है; यह वैश्विक स्वास्थ्य, सामाजिक और आर्थिक संकट बन चुका है।”
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की वर्ष 2025 की “World Mental Health Today: Latest Data” रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर में एक अरब से अधिक लोग मानसिक विकारों के साथ जीवन जी रहे हैं। मानसिक विकार वैश्विक स्तर पर विकलांगता के प्रमुख कारणों में शामिल हैं और इनका व्यक्ति की शिक्षा, रोजगार, पारिवारिक जीवन, सामाजिक संबंधों तथा जीवन की समग्र गुणवत्ता पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ सकता है।
वैश्विक मानसिक स्वास्थ्य संकट के प्रमुख तथ्य
1. दुनिया भर में एक अरब से अधिक लोग प्रभावित
WHO के नवीनतम अनुमानों के अनुसार, वर्ष 2025 में लगभग 1.2 अरब लोग—अर्थात दुनिया की लगभग हर सात में से एक व्यक्ति—मानसिक विकार से प्रभावित था।
चिंता विकार (Anxiety Disorders) और अवसाद (Depression) दुनिया भर में पाए जाने वाले सबसे सामान्य मानसिक विकारों में शामिल हैं।
2. चिंता विकार — सबसे सामान्य मानसिक विकारों में से एक
WHO के अनुसार, वर्ष 2021–25 के उपलब्ध अनुमानों में लगभग 5% वैश्विक आबादी, यानी 36 करोड़ से अधिक लोग, चिंता विकारों से प्रभावित थे।
चिंता विकारों में अत्यधिक भय, लगातार चिंता, तनाव, बेचैनी तथा दैनिक जीवन के कार्यों में कठिनाई जैसी समस्याएँ हो सकती हैं।
यद्यपि प्रभावी उपचार उपलब्ध हैं, WHO के अनुसार उपचार की आवश्यकता वाले लोगों में से केवल लगभग 27.6% लोगों को ही चिंता विकारों के लिए उपचार मिल पाता है।
3. अवसाद — केवल उदासी नहीं
WHO के अनुसार, लगभग 33.2 करोड़ लोग अवसाद से प्रभावित हैं।
अवसाद सामान्य उदासी या कुछ समय के लिए मन खराब रहने से अलग है। यह एक गंभीर मानसिक स्वास्थ्य स्थिति है, जो व्यक्ति की रुचि, ऊर्जा, नींद, एकाग्रता, दैनिक कार्यक्षमता और सामाजिक संबंधों को प्रभावित कर सकती है।
गंभीर मामलों में आत्महत्या का जोखिम बढ़ सकता है। हालांकि, अवसाद के लिए प्रभावी उपचार उपलब्ध हैं।
4. सिजोफ्रेनिया — एक गंभीर मानसिक विकार
दुनिया भर में लगभग 2.3 करोड़ लोग सिजोफ्रेनिया से प्रभावित हैं।
सिजोफ्रेनिया एक गंभीर मानसिक विकार है, जो व्यक्ति की वास्तविकता को समझने और उसकी व्याख्या करने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है।
इसके लक्षणों में शामिल हो सकते हैं:
🔹 भ्रम (Delusions)
🔹 मतिभ्रम (Hallucinations)
🔹 अव्यवस्थित सोच
🔹 अव्यवस्थित व्यवहार
🔹 सामाजिक एवं व्यावसायिक कार्यक्षमता में महत्वपूर्ण कठिनाइयाँ
WHO के अनुसार, सिजोफ्रेनिया से पीड़ित लोगों की जीवन प्रत्याशा सामान्य आबादी की तुलना में लगभग 9 वर्ष कम हो सकती है।
हालांकि, यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि सिजोफ्रेनिया का उपचार संभव है।
दवाइयाँ, मनोशिक्षा (Psychoeducation), पारिवारिक हस्तक्षेप, मनोचिकित्सा (Psychotherapy) तथा मनोसामाजिक पुनर्वास (Psychosocial Rehabilitation) अनेक लोगों की कार्यक्षमता और जीवन की गुणवत्ता में महत्वपूर्ण सुधार ला सकते हैं।
5. युवा विशेष रूप से संवेदनशील हैं
WHO के 2025 के आंकड़ों के अनुसार, 10–19 वर्ष की आयु के लगभग हर सात में से एक किशोर किसी न किसी मानसिक स्वास्थ्य समस्या से प्रभावित होता है।
अवसाद, चिंता और व्यवहार संबंधी विकार इस आयु वर्ग में बीमारी और विकलांगता के प्रमुख कारणों में शामिल हैं।
15–29 वर्ष की आयु के युवाओं में आत्महत्या मृत्यु का तीसरा प्रमुख कारण है।
WHO के अनुसार, वर्ष 2021–25 के उपलब्ध वैश्विक अनुमानों में दुनिया भर में लगभग 7.27 लाख से 8 लाख लोगों की मृत्यु आत्महत्या के कारण हुई।
6. उपचार का अंतर — सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक
वैश्विक मानसिक स्वास्थ्य संकट की गंभीरता केवल प्रभावित लोगों की संख्या से नहीं, बल्कि उचित उपचार तक पहुँच की कमी से भी स्पष्ट होती है।
WHO के अनुसार, कम संसाधन वाले देशों में मानसिक विकारों से प्रभावित 75% तक लोगों को आवश्यक उपचार नहीं मिल पाता।
इसके प्रमुख कारणों में शामिल हैं:
🔹 मानसिक स्वास्थ्य में अपर्याप्त निवेश
🔹 प्रशिक्षित मानसिक स्वास्थ्य पेशेवरों की कमी
🔹 मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की सीमित उपलब्धता और पहुँच
🔹 सामाजिक कलंक एवं भेदभाव
🔹 जागरूकता और प्रारंभिक हस्तक्षेप की कमी
7. मानसिक स्वास्थ्य में वैश्विक निवेश अभी भी अपर्याप्त
WHO का Mental Health Atlas 2024, जिसे सितंबर 2025 में प्रकाशित किया गया, ने 144 देशों में मानसिक स्वास्थ्य प्रणालियों का आकलन किया।
रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय स्वास्थ्य बजट का औसतन लगभग 2% हिस्सा ही मानसिक स्वास्थ्य के लिए आवंटित किया जाता है। दुनिया भर में मानसिक स्वास्थ्य कार्यबल की भी गंभीर कमी बनी हुई है।
WHO के अनुसार, वैश्विक स्तर पर प्रति 1 लाख आबादी पर लगभग 13 मानसिक स्वास्थ्य कर्मियों का औसत है, लेकिन विभिन्न देशों के बीच इसमें भारी असमानता है।
मानसिक रोग केवल व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे समाज को प्रभावित करता है
मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के प्रभाव व्यक्ति तक सीमित नहीं रहते। वे निम्न क्षेत्रों को प्रभावित कर सकते हैं:
🔹 शिक्षा एवं शैक्षणिक प्रदर्शन
🔹 रोजगार एवं उत्पादकता
🔹 पारिवारिक संबंध
🔹 सामाजिक संबंध एवं सहभागिता
🔹 नशे के सेवन का जोखिम
🔹 शारीरिक स्वास्थ्य
🔹 आत्महत्या का जोखिम
🔹 परिवारों एवं समुदायों की आर्थिक और सामाजिक स्थिति
WHO के अनुसार, अवसाद और चिंता के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था को हर वर्ष लगभग 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर का नुकसान होता है, जिसका प्रमुख कारण कार्यक्षमता और उत्पादकता में कमी है।
क्या मानसिक रोग लाइलाज हैं? — बिल्कुल नहीं!
मानसिक बीमारी का अर्थ जीवन, आशा या अवसरों का अंत नहीं है।
आज अवसाद, चिंता विकार, सिजोफ्रेनिया, बाइपोलर डिसऑर्डर तथा कई अन्य मानसिक स्वास्थ्य स्थितियों के लिए प्रभावी उपचार उपलब्ध हैं।
व्यक्ति की आवश्यकता और स्थिति के अनुसार उपचार में शामिल हो सकते हैं:
🧠 मनोचिकित्सकीय एवं मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन
💬 मनोचिकित्सा (Psychotherapy)
💊 औषधीय उपचार
👨👩👧 पारिवारिक हस्तक्षेप
🏃 मनोसामाजिक पुनर्वास
🤝 सामाजिक एवं सामुदायिक सहयोग
WHO मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को केवल अस्पताल-केंद्रित मॉडल से आगे बढ़ाकर सुलभ, समुदाय-आधारित और व्यक्ति-केंद्रित देखभाल की दिशा में परिवर्तित करने पर भी जोर देता है।
अब मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने का समय है
मानसिक बीमारी को छिपाने की नहीं, समझने की आवश्यकता है।
मानसिक बीमारी से जी रहे लोगों को कमजोर या “पागल” नहीं कहा जाना चाहिए—उन्हें समझ, सम्मान, गरिमा और सहयोग की आवश्यकता है।
मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए—समय रहते पहचान और उचित उपचार अत्यंत आवश्यक हैं।
“अपने मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल करना कमजोरी की निशानी नहीं, बल्कि समझदारी की निशानी है।”
आइए—
मानसिक स्वास्थ्य के बारे में बात करें।
मानसिक बीमारी से जुड़े कलंक को समाप्त करें।
समय पर उपचार प्राप्त करें।
मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें।
मानसिक स्वास्थ्य एक स्वस्थ व्यक्ति, स्वस्थ परिवार और स्वस्थ समाज की नींव है।
संदर्भ
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) — World Mental Health Today: Latest Data, 2025; Mental Health Atlas 2024; तथा मानसिक विकार, अवसाद, चिंता विकार, सिजोफ्रेनिया और किशोर मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित WHO के 2025 के अद्यतन संसाधन।
—
मुकेश कुमार सेन
साइकोलॉजिस्ट & फिलोसफर
शांतम प्रज्ञा आश्रम
नशा मुक्ति, मानसिक स्वास्थ्य एवं दिव्यांग पुनर्वास केंद्र
जबलपुर, मध्य प्रदेश, भारत
मो.: 9685614939
“आइए, मानसिक स्वास्थ्य के बारे में बात करें—क्योंकि स्वस्थ मन ही स्वस्थ समाज की नींव है।”
