बिलासपुर। शहर के अज्ञेयनगर में विकसित किए जा रहे बहुमंजिला आवासीय प्रोजेक्ट पर टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (टीएनसी) ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच में सामने आई कथित अनियमितताओं के आधार पर टीएनसी आयुक्त अवनीश शरण ने अनंत रियलिटी के आवासीय प्रोजेक्ट की विकास अनुज्ञा निरस्त कर दी है। कार्रवाई के बाद बिल्डर जगत में हलचल है, वहीं निर्माणाधीन प्रोजेक्ट में निवेश करने वाले खरीदारों के लिए भी यह मामला महत्वपूर्ण हो गया है।मामला अज्ञेयनगर स्थित खसरा नंबर 15/1, 157/26 और 158/30 की करीब 0.62 एकड़ जमीन पर विकसित किए जा रहे आवासीय प्रोजेक्ट का है। अनंत रियलिटी के संचालक नमन गोयल द्वारा प्रोजेक्ट विकसित किए जाने की जानकारी है। प्रोजेक्ट को लेकर शिकायतें मिलने के बाद मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय कमेटी गठित की गई थी। इसमें संयुक्त संचालक विनीत नायर के अलावा रोहित गुप्ता, प्रतीक दीक्षित और आलोक त्रिपाठी शामिल थे।
60 यूनिट की अनुमति, मौके पर 90 का निर्माण
जांच में सबसे प्रमुख आपत्ति स्वीकृत विकास अनुज्ञा और मौके पर किए गए निर्माण को लेकर सामने आई। रिपोर्ट के अनुसार प्रोजेक्ट में 60 प्रकोष्ठों (यूनिट) के निर्माण की अनुमति थी, जबकि मौके पर 90 यूनिट बनाए जाने की बात सामने आई। यानी स्वीकृत संख्या से 30 यूनिट अधिक निर्माण किए जाने का मामला जांच में दर्ज हुआ।
20 फीट की सड़क दस्तावेजों में 40 फीट!
प्रोजेक्ट में सड़क की चौड़ाई को लेकर भी गंभीर सवाल सामने आए। जांच रिपोर्ट के अनुसार मौके पर सार्वजनिक मार्ग की चौड़ाई करीब 20 फीट थी, जबकि दस्तावेजों में इसे 40 फीट दर्शाया गया। मास्टर प्लान के तहत सार्वजनिक मार्ग के लिए आरक्षित भूमि से संबंधित प्रावधानों के पालन को लेकर भी जांच में आपत्ति दर्ज की गई।
EWS फ्लैट के लिए दी जमीन पर भी सवाल
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग यानी ईडब्ल्यूएस के लिए प्रस्तावित फ्लैटों को लेकर भी जांच में महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया। बताया गया कि बिल्डर की ओर से तिफरा में ईडब्ल्यूएस फ्लैट बनाने के संबंध में शपथ पत्र प्रस्तुत किया गया था। हालांकि जांच में जिस जमीन पर इन फ्लैटों के निर्माण का दावा किया गया, वह बिल्डर के नाम पर दर्ज नहीं होने की बात सामने आई। इससे ईडब्ल्यूएस प्रावधानों के अनुपालन पर भी सवाल उठे।
खुले क्षेत्र और पार्किंग में भी खामियां
जांच कमेटी ने प्रोजेक्ट के खुले क्षेत्र और पार्किंग व्यवस्था का भी परीक्षण किया। रिपोर्ट में नियमानुसार 10 प्रतिशत खुले क्षेत्र की उपलब्धता नहीं होने तथा पार्किंग व्यवस्था में भी कमियां पाए जाने का उल्लेख किया गया है। आवासीय प्रोजेक्ट के नियोजन और स्वीकृत मानकों के अनुपालन को लेकर इसे महत्वपूर्ण माना गया।
नक्शा तैयार करने वाले आर्किटेक्ट के रिकॉर्ड पर भी सवाल
प्रोजेक्ट के नक्शे को लेकर की गई शिकायत में विकास सिंह नामक इंजीनियर द्वारा नक्शा तैयार किए जाने की बात कही गई थी। जांच के दौरान नगर निगम में इस नाम के अधिकृत आर्किटेक्ट के रिकॉर्ड को लेकर भी सवाल सामने आए। संबंधित लाइसेंस के निलंबन की जानकारी भी जांच में सामने आने की बात कही गई है।
नियम 25 के तहत विकास अनुज्ञा निरस्त
चार सदस्यीय जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर टीएनसी आयुक्त ने छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम, 1984 के नियम 25 के तहत प्रोजेक्ट की विकास अनुज्ञा निरस्त कर दी।निर्माणाधीन आवासीय प्रोजेक्ट की विकास अनुज्ञा निरस्त किए जाने की यह कार्रवाई जिले में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
खरीदारों के लिए भी बड़ा सबक
इस कार्रवाई ने शहर में निर्माणाधीन आवासीय प्रोजेक्टों में स्वीकृत नक्शे, यूनिट संख्या, सड़क की चौड़ाई, पार्किंग, खुले क्षेत्र और इवीएस प्रावधानों के पालन की निगरानी पर सवाल खड़े किए हैं। ऐसे प्रोजेक्टों में जीवनभर की जमा पूंजी लगाने वाले खरीदारों के लिए यह मामला एक महत्वपूर्ण चेतावनी भी है कि किसी भी आवासीय योजना में निवेश से पहले उसकी विकास अनुज्ञा, स्वीकृत लेआउट और संबंधित दस्तावेजों की वैधता की जांच करना बेहद जरूरी है।
