– सुरेश सिंह बैस
बिलासपुर। शहर की बालाजी गैस एजेंसी के सील होने के बाद उसके करीब 14,500 उपभोक्ता पिछले 20 दिनों से रसोई गैस सिलेंडर की परेशानी से जूझ रहे हैं। उपभोक्ताओं की सबसे बड़ी समस्या यह है कि एजेंसी बंद होने के कारण कई लोगों की गैस बुकिंग भी नहीं हो पा रही है। ऐसे में उन्हें यह चिंता सता रही है कि अगला सिलेंडर आखिर कहां से और कब मिलेगा। बालाजी गैस एजेंसी में सिलेंडर की कालाबाजारी की शिकायतों के बाद 24 अगस्त 2026 को प्रशासन, खाद्य विभाग और ऑयल कंपनी की संयुक्त टीम ने छापा मारा था। जांच के दौरान स्टॉक रजिस्टर के आंकड़ों और तय मानकों में गड़बड़ी मिलने पर एजेंसी के दोनों गोदामों को सील कर दिया गया था। कार्रवाई के दौरान 939 सिलेंडर जब्त किए गए थे, जबकि 412 सिलेंडरों में गैस की मात्रा कम मिली थी।
30 अगस्त से पूरी तरह बंद हुई सप्लाई
संयुक्त जांच के बाद एजेंसी को 29 अगस्त तक इंडियन ऑयल की ओर से गैस सप्लाई दी गई, लेकिन 30 अगस्त से सप्लाई पूरी तरह रोक दी गई। एजेंसी सील होने और सप्लाई बंद होने के बाद एजेंसी संचालक और ऑयल कंपनी के बीच विवाद की स्थिति भी बनी। मामला अब कोर्ट तक पहुंच गया है। इधर, एजेंसी के हजारों उपभोक्ताओं के सामने गैस सिलेंडर की व्यवस्था को लेकर संकट खड़ा हो गया। उपभोक्ताओं का कहना है कि एजेंसी सील होने के बाद तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था स्पष्ट नहीं की गई, जिससे उन्हें कई दिनों तक परेशानी का सामना करना पड़ा।
21 दिन पूरे होने पर दूसरी एजेंसियों में डायवर्ट हो रही बुकिंग
इंडियन ऑयल के स्टेट हेड मो. अमीन ने बताया कि समस्या का समाधान किया जा रहा है। जिन उपभोक्ताओं की बुकिंग को 21 दिन पूरे हो चुके हैं, उन्हें शहर की सांई और वर्तिका गैस एजेंसी में डायवर्ट कर सिलेंडर की सप्लाई शुरू कर दी गई है। उनके मुताबिक अब तक करीब 3,000 उपभोक्ताओं को सिलेंडर उपलब्ध कराया जा चुका है। नई बुकिंग आने पर उसकी भी सप्लाई दूसरी एजेंसियों के माध्यम से कराई जा रही है। खाद्य नियंत्रक अमृत कुजूर ने कहा कि उपभोक्ताओं को गैस मिले, इसके लिए अन्य गैस एजेंसियों के माध्यम से LPG की सप्लाई शुरू कराई गई है। विभाग पूरे मामले की लगातार मॉनिटरिंग कर रहा है, ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी न हो। हालांकि, बालाजी गैस एजेंसी से जुड़े करीब 14,500 उपभोक्ताओं के सामने अभी भी यह सवाल बना हुआ है कि नियमित बुकिंग और डिलीवरी व्यवस्था कब तक सामान्य होगी। एजेंसी सील होने के करीब 20 दिन बाद भी बड़ी संख्या में ग्राहक वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर स्पष्ट जानकारी के इंतजार में हैं।
